मांग / मजदूर व उद्योग विरोधी नीति लें वापस

Take back the policy against workers and industry
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Take back the policy against workers and industry

  • संयुक्त मोर्चा एचएमएस, इंटक, एटक और सीटू ने महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

चिरमिरी. मजदूर विरोधी और उद्योग विरोधी नीतियों के विरोध में संयुक्त मोर्चा एचएमएस, इंटक (रेडी ग्रुप), एटक और सीटू के पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मजदूर और उद्योग विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग की है। 
संगठन पदाधिकारी बजरंगी साही, शंकरराव, लिंगराज नायक और लालचंद के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कमर्शियल माइनिंग, खदानों का लीज स्थानांतरण, निजी क्षेत्रों को कोल ब्लॉक आवंटन करने, श्रम कानूनों में बदलाव, 12 घंटे उद्योगों (फैक्ट्री एक्ट) में और 16 घंटे संस्थानों में कार्य  करने, सीएम पीडीआई को कोल इंडिया से अलग करने, रक्षा क्षेत्रों में एफडीआई बढ़ाकर 49 से 74 प्रतिशत करने, हवाई अड्डे बिक्री करने के फैसले को वापस लेने की मांग के साथ प्रवासी मजदूरों या अन्य गरीब परिवारों के प्रति व्यक्ति हर माह 8 किलो चावल, 5 किलो आटा, 3 किलो दाल, 2 किलो चना मुहैया करवाने, रास्ते में दुर्घटना या बीमारी से मारे गए प्रवासी मजदूरों के परिवार को 50 लाख मुआवजा देने, कोविद -19 की महामारी के समय कार्य करने वाले मजदूर चाहे वह किसी भी क्षेत्र के हैं, सभी को 10 हजार प्रोत्साहन राशि प्रदान करने, महामारी में फंसे मजदूरों के काम से बैठने पर उस अवधि का मजदूरी भुगतान उद्योग या संस्थान द्वारा करने, मनरेगा की अवधि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र दोनों जगह साल में 200 दिन करने के साथ निर्धारित मजदूरी प्रतिदिन 500 की मांग की है।

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