ग्रेड बढ़ाने की मांग:कोल इंडिया में डिप्लोमा इंजीनियर्स के कॅरियर ग्रोथ को लेकर संघ चिंतित

चिरमिरी2 महीने पहले
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कोल इंडिया में डिप्लोमा इंजीनियर के कॅरियर ग्रोथ को लेकर संघ के पदाधिकारी चिंतित हैं। दरअसल 1993 के बाद कंपनी में नियुक्त हुए डिप्लोमा इंजीनियर ग्रेड-सी पर ही बने हुए हैं। ऐसे में पदाधिकारियों का कहना है कि डिप्लोमा इंजीनियरों का तकनीकी व शैक्षणिक योग्यता एक समान होने के बावजूद कंपनी इन्हें ग्रेड-सी पर नियुक्त कर रही है।

वहीं वैकेंसी के आधार पर पदोन्नति दी जा रही है, जिससे वे सीनियारिटी में पीछे हो गए हैं। दूसरी ओर माइंस सर्वेइंग के डिप्लोमा होल्डर की नियुक्ति ग्रेड-बी पर की जा रही है। महामंत्री समीर देवनाथ ने बताया कि 31 जुलाई 2021 को आयोजित गैर अधिकारी से अधिकारी संवर्ग की परीक्षा परिणाम के संबंध में संघ असहमति व असंतुष्टि प्रकट करता आ रहा है। इस परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों का अंतिम प्राप्तांक आज तक कंपनी प्रबंधन द्वारा जारी नहीं किया गया है। ऐसे में डिप्लोमा इंजीनियर्स खुद को छला हुआ महसूस कर रहे हैं।

संघ के अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि यह असंतोष की लहर कभी भी फुटकर किसी बड़े आंदोलन काे अंजाम दे सकती है। देवनाथ व शर्मा ने कहा कि संघ की यह मांग है कि 9 अगस्त 1993 के बाद नियुक्त हुए डिप्लोमा इंजीनियरों को नियुक्ति तिथि से ग्रेड-बी किया जाए, ताकि कंपनी में कार्यरत डिप्लोमा इंजीनियर्स को सीनियारिटी प्राप्त हो सके और ज्यादा से ज्यादा डिप्लोमा इंजीनियर्स परीक्षा के लिए क्वालीफाई हो सकें।

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