पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

गड़बड़ी:कैंपा मद में हर साल 100 करोड़ के होते हैं काम लेकिन सोशल ऑडिट नहीं कराते वन अफसर

कोरबा3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • मनरेगा में राजस्व जमीन पर काम कराने सोशल आडिट का है प्रावधान। स्टापडेम, तालाब, फेंसिंग पौधरोपण, मृदा संरक्षण के कराए जाते हैं काम, लोगों को पता न चले इसलिए ही पंचायतों को सूचना नहीं देते

वन मंडलों में कैंपा मद से करोड़ों के कार्य कराए जाते हैं। जिले के दोनों वन मंडलों में हर साल 80 से 100 करोड़ के काम मंजूर होते हैं, लेकिन वन विभाग के अधिकारी सोशल आडिट ही नहीं कराते। मनरेगा की तरह कैंपा मद से राजस्व जमीन पर काम कराने पर सोशल आडिट का प्रावधान है। इसके लिए पंचायतों में समिति बनाने के साथ ही योजना की जानकारी देने का प्रावधान है। कैंपा (वनारोपण निधि प्रबंधन व योजना प्राधिकरण) के तहत क्षतिपूरक वनीकरण, जलग्रहण प्रबंधन क्षेत्र का उपचार, वन्य जीव प्रबंधन, वनों में आग लगने से रोकने के उपाय, वन में मृदा व आर्द्रता संरक्षण के कार्य कराए जाते हैं। इसके तहत नालों में स्टापडेम, बोल्डर चेक डेम, तालाब का निर्माण, पौधरोपण, फेंसिंग समेत अन्य कार्य होते हैं। कोरबा के बजाय कटघोरा वन मंडल में अधिक कार्य हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण फोरलेन सड़क व रेलवे लाइन के लिए वन भूमि का अधिग्रहण है। कटघोरा में तो 22 करोड़ से स्टापडेम का निर्माण कराया जा रहा है। जिसका काम अधूरा है लेकिन एक भी स्थान पर सूचना पटल ही नहीं लगाया गया है। गांव में सीसी रोड, तालाब में भी कोई सूचना पटल और गांव में मजदूरी भुगतान को लेकर कोई सूचना बोर्ड नहीं बनाया गया है।

सोशल आडिट कराने यह है प्रावधान

  • ग्राम सभा की बैठक लेकर जानकारी देना व 3 सदस्यों का चयन
  • कार्य की लागत, मापदंड, मजदूरी भुगतान की दर पढ़कर सुनाना
  • मजदूरी भुगतान की जानकारी महत्वपूर्ण स्थलों पर चस्पा करना
  • मजदूरों का नाम व भुगतान ग्राम सभा में पढ़कर सुनाना
  • पूर्ण किए गए कार्यों की मात्रा व मानकों का परीक्षण कराना
  • सरपंच ग्रामसभा लेकर मूल्यांकन प्रतिवेदन डीएफओ को प्रस्तुत करें
  • परियोजना के लिए प्रोजेक्ट अधिकारी की नियुक्ति डीएफओ करेंगे, डिप्टी रेंजर या परिसर रक्षक के साथ ही अलग से अधिकारी भी हो सकता है

सोशल आडिट कराते तो नहीं होती शिकायत
कटघोरा वन मंडल के निर्माण कार्यों को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक मुद्दा उठा चुके हैं। कार्यों की जांच भी चल रही है। अगर सोशल आडिट होती तो शिकायत की नौबत ही नहीं आती। ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं दी जाती। यही नहीं पंचायतों को भी इस संबंध में जानकारी नहीं होती है।

10 लाख से सड़क बन गई, ग्रामीणों को पता नहीं: ग्राम पंचायत रावा में 10 लाख की लागत से सीसी रोड का निर्माण कराया गया है। लेकिन ग्रामीणों को इसकी लागत व लंबाई का पता ही नहीं है। गांव के परमेश्वर मरकाम ने बताया कि यहां कोई सूचना बोर्ड नहीं लगा था। कितनी राशि आई थी इसका भी पता नहीं है।

45 लाख से स्टापडेम बना, सूचना बोर्ड नहीं: बरभांठा में 45 लाख की लागत से स्टापडेम का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन इसमें गेट भी नहीं लगाया गया है। गांव के ज्ञानसिंह ने बताया कि दो साल से इसका निर्माण हो रहा है। मजदूरी दर क्या है इसका भी पता नहीं है। ठेकेदार डेढ़ सौ रुपए देता है।

22 लाख के तालाब में नहीं रुकता पानी: केशलपुर पंचायत में 22 लाख की लागत से तालाब का निर्माण कराया गया है। लेकिन रिटर्निंग वाल टूट गया है। तालाब में पानी ही नहीं बचा है। बहेरापारा के संतोष पुलस्त ने बताया कि एक साल पहले तालाब बना है। लेकिन ग्राम सभा में हमें कोई जानकारी ही नहीं दी गई।

सीधी बात
सएस वेंकटाचलम, सीएफ कैंपा

सवाल - ​​​​कैंपा मद से राजस्व क्षेत्र में काम कराने पर सोशल आडिट का प्रावधान है। लेकिन कहीं भी नहीं कराया जा रहा है।
-जिस वन मंडल में काम हो रहा है वहां के अफसरों की जिम्मेदारी है। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
सवाल - ​​​​कार्यों की लागत के साथ ही मजदूरी भुगतान की जानकारी देने सूचना पटल भी नहीं लगाए जाते।
-सूचना पटल लगाना जरुरी है। अफसरों से इसकी जानकारी लेंगे। यह लापरवाही की श्रेणी में आता है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आप किसी विशेष प्रयोजन को हासिल करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। घर में किसी नवीन वस्तु की खरीदारी भी संभव है। किसी संबंधी की परेशानी में उसकी सहायता करना आपको खुशी प्रदान करेगा। नेगेटिव- नक...

    और पढ़ें