इस माह चौथी बार पॉजिटिव केस हजार के पार:जिले में 1042 नए संक्रमित मिले, 15 लोगों की माैत

काेरबा6 महीने पहले
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कोविड अस्पताल में पीपीई किट पहनकर संक्रमित को अस्पताल में भर्ती कराते समाज सेवी। - Dainik Bhaskar
कोविड अस्पताल में पीपीई किट पहनकर संक्रमित को अस्पताल में भर्ती कराते समाज सेवी।
  • चाेटिया से शहर लाते समय रास्ते में एक संक्रमित की माैत

एक ओर जिले में संक्रमितों की संख्या 1 हजार से पार हाे रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्राें में लगातार काेविड केस बढ़ते जा रहे हैं। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अब ग्रामीण क्षेत्राें में मरीजाें की जान बचाने तैयारी करनी पड़ रही है। गुरुवार काे जिले में 1042 मरीज मिले हैं। इनमें 579 पुरुष और 463 महिलाएं हैं। वहीं 15 की माैत हुई है। इनमें 11 पुरुष व 4 महिला हैं।

सबसे अधिक 7 मरीजाें ने ईएसआईसी कोविड अस्पताल में दम ताेड़ा। बालाजी काेविड अस्पताल में 4, बालकाे अस्पताल में 2 और बिलासपुर किम्स में 1 मरीज की माैत हुई है। वहीं पाेड़ी-उपराेड़ा ब्लाॅक के चोटिया से शहर के काेविड अस्पताल में इलाज के लिए लाते समय एक संक्रमित ने रास्ते में दम तोड़ दिया।

सप्ताह भर के भीतर यह चाैथी बार है, जब संक्रमितों की संख्या 1 हजार से पार हुई है। लगातार संक्रमिताें इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि जिले में काेरबा व कटघाेरा के ग्रामीण क्षेत्र के अलावा अन्य तीनाें ग्रामीण ब्लाॅक में काेविड केस बढ़ रहे हैं। पहले ताे सिर्फ शहरी क्षेत्र में ज्यादा केस थे, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमिताें की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है अब कटघाेरा के अलावा पाेड़ी-उपराेड़ा, पाली और करतला क्षेत्र में काेविड मरीजाें की जान बचाने काेविड सेंटर व आइसोशलेशन सेंटर बनाने की कवायद तेज की जा रही है।

कलेक्टोरेट में बनाए गए कंट्रोल रूम में 6 लोग मिले पॉजिटिव, फिर भी यहां चल रहा काम

कलेक्टोरेट में आदिवासी विकास विभाग को जिला आइसोलेशन कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। इस आइसोलेशन कंट्रोल रूम में ड्यूटी करने वालों में से 6 लोग पॉजिटिव आए हैं। इसके बाद भी यह कंट्रोल रूम सील नहीं किया है। इसे लेकर ड्यूटी करने वालों में संक्रमण फैलने को लेकर नाराजगी है। ड्यूटी करने वालों ने कहा जिला आइसोलेशन कंट्रोल रूम से ब्लॉक स्तर में चल रहे आइसोलेशन सेंटर की निगरानी व अन्य कार्य किए जाते हैं। इसमें एक ही रूम में बैठने वाले 6 कर्मचारी पॉजिटिव हैं। सभी संक्रमित सहायक आयुक्त के संपर्क में थे। जिला स्तर के कंट्रोल रूम द्वारा ब्लॉक के कंट्रोल रूम से ब्लॉक की जानकारी लेने व संक्रमित लोगों की समस्या का समाधान के लिए एक ही टेलीफोन का उपयोग करते हैं। सभी एक ही फोन का उपयोग करते हैं। जब सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से उनके मोबाइल पर फोन किया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

आइसाेलेशन वार्ड से भागकर घर पहुंचे मरीज की 24 घंटे बाद माैत

जिला अस्पताल के आइसाेलेशन वार्ड से मंगलवार शाम काे भागकर घर पहुंचे एक मरीज की माैत हाे गई। पुलिस ने जब मामले में परिजन का बयान दर्ज किया तब इसका पता चला। अस्पताल प्रबंधन ने संक्रमित के भागने के बाद भी पुलिस काे सूचना नहीं दी थी। मानिकपुर निवासी 28 वर्षीय रवि सारथी मजदूरी करता था। 2-3 दिन पहले तबियत खराब हाेने पर परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए थे, जहां उसे काेराेना संदिग्ध मानकर आइसाेलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया था। यहां से वह मंगलवार शाम काे भाग निकला, लेकिन घर अगले दिन बुधवार की सुबह पहुंचा। परिजन काे उसने अस्पताल से छुट्टी मिल जाने की बात कही। इसलिए उन्हाेंने ध्यान नहीं दिया, लेकिन इसके बाद घर पर वह उल्टी कर रहा था।

गुरुवार सुबह परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दाैरान उसकी माैत हाे गई। रवि सारथी की पत्नी संताेषी ने मानिकपुर चाैकी पहुंचकर उसकी माैत की सूचना दी। पुलिस मामले में मर्ग कायम कर परिजन का बयान लिया।

तब उन्हाेंने बताया कि वह कुछ दिन से बीमार था। रिपाेर्ट में काेराेना संक्रमित मिलने पर वह जिला अस्पताल के आइसाेलेशन वार्ड में भर्ती था, जहां से छुट्टी हाेने पर घर लाैटा था। काेराेना संक्रमित हाेने का पता चलते ही पुलिस ने जिला अस्पताल के आइसाेलेशन वार्ड से जानकारी ली। इसमें रवि का नाम वहां भर्ती मरीजाें की सूची में था। इसमें डिस्चार्ज हाेने का उल्लेख नहीं था। इसके बाद पुलिस ने एसडीएम सुनील नायक काे सूचना दी। प्रशासन ने काेविड प्राेटाेकाॅल के तहत मृतक का अंतिम संस्कार कराया।

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