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कोल कर्मियों की बढ़ी उम्मीद:11वां वेज एग्रीमेंट; जेबीसीसीआई गठन काे सहमति, 15 तक हो सकती है पहली मीटिंग

कोरबा19 दिन पहले
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  • जेबीसीसीआई गठन को लेकर प्रबंधन के साथ यूनियनों की हुई वर्चुअल बैठक

कोल सेक्टर के 2.5 लाख कर्मचारियों में नए वेतन समझौता को लेकर उत्सुकता बढ़ने लगी है। रविवार को कोल इंडिया प्रबंधन के साथ कोयला क्षेत्र में मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों की वर्चुअल बैठक हुई। इसमें इंटक को छोड़कर, एचएमएस, बीएमएस, एटक व सीटू के नेता शामिल हुए। वेतन समझौता को लेकर होने वाली इस बैठक को लेकर जिले के भी हजाराें कोयला कर्मचारियों के बीच उत्सुकता बनी रही।

प्रबंधन के साथ हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि 11 वे वेतन समझौता के लिए जॉइंट बायपार्टिट कॉमेडी फॉर द कॉल इंडस्ट्री (जेबीसीसीआई) का गठन कर 15 जून तक इसकी पहली औपचारिक बैठक भी कर लिया जाएगा। नए मैनेजमेंट व यूनियन के बीच इस बात पर सहमति बनने से कोयला कर्मचारियों में अब जल्द नया वेतन समझाैता काे लेकर उम्मीदें भी बढ़ने लगी है। रविवार काे प्रबंधन के साथ हुई वर्चुअल वार्ता में काेल इंडिया के प्रभारी कार्मिक निदेशक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अध्क्षता की। कार्मिक महाप्रबंधक के अलावा पूर्व कार्मिक निदेशक आरपी श्रीवास्तव भी सलाहकार के रूप में उपस्थित थे। ट्रेड यूनियनाें की ओर से एचएमएस के नाथूलाल पांडेय, बीएमएस से सुधीर धुरड़े, सुरेन्द्र पांडेय, सीटू के डीडी रामानंदन व एटक के अध्यक्ष रमेंद्र कुमार उपस्थित रहे। वहीं ट्रेड यूनियनों की आपस में सोमवार को बैठक हो सकती है।

मीटिंग में जेबीसीसीआई गठन काे लेकर हुई बात
स्टेंडराइजेशन कमेटी के सदस्य व एचएमएस के अध्यक्ष नाथूलाल पांडेय ने कहा कि वर्चुअल मीटिंग में जेबीसीसीआई-11 के गठन को लेकर सहमति बनी है। सभी प्रतिनिधियों ने जल्द कमेटी गठन के लिए प्रबंधन के समक्ष मांग रखी। मीटिंग में तय हुआ है कि सदस्यों के नाम को लेकर प्रबंधन यूनियनाें काे पत्र भेजेंगे। जेबीसीसीआई गठन की सूचना के बाद 15 जून तक पहली बैठक हाे सकती है।

संगठनाें काे पत्र जारी कर मंगाएंगे सदस्याें की सूची
ट्रेड यूनियनाें के प्रतिनिधियाें ने बैठक में प्रबंधन के समक्ष मांग रखी कि जल्द से जल्द जेबीसीसीअाई का गठन कर कमेटी की बैठक बुलाई जाए। सभी संगठनाें की ओर से इसके लिए प्रबंधन पर दबाव डाला गया। जिसके बाद प्रबंधन ने आखिरकार जल्दी जेबीसीअाई गठन काे लेकर अपनी सहमति जताई है। इसके तहत प्रबंधन अब 15 जून से पहले तक सभी ट्रेड यूनियनाें काे पत्र जारी करके उनके संगठन के सदस्याें की सूची मांगेगा, ताकि नए कमेटी में शामिल हाेने वाले सदस्य तय हाे सकें। नए मैनेजमेंट व यूनियन के बीच इस बात पर सहमति बनने से कोयला कर्मचारियों में अब जल्द नया वेतन समझाैता काे लेकर उम्मीदें भी बढ़ने लगी हैं।

पुरानी सदस्यता सूची के आधार पर ही बनाएंगे मेंबर
केंद्रीय स्तर पर 2002 के बाद मेंबर वेरीफिकेश नहीं कराया गया है। दसवें वेतन समझाैता के दाैरान जेबीसीसीआई में 2002 के सूची के अाधार पर ही यूनियनाें काे सदस्यता दी गई थी। इस बार भी वैसे ही सदस्यता दी जाएगी। जिसमें नियमानुसार बीएमएस से 4, एचएमएस से 4, सीटू व एटक से 3-3 सदस्य शामिल हाेंगे। हालांकि रविवार काे हुई बैठक में इंटक काे लेकर काेई चर्चा नहीं हुई। इंटक में अभी भी गुटीय विवाद हावी है। जिसके कारण स्थिति जस की तस है। हालांकि तीनाें गुट ने अपनी-अपनी तरफ से प्रबंधन काे सदस्याें काे सूची पहले ही भेज दी है।

निजी कंपनी के लिए 9 सदस्यों को बुलाया जाएगा
कोल मंत्रालय ने निजी कंपनियाें के प्रतिनिधियाें काे भी कमेटी शामिल करने कहा था। काेल इंडिया ने काेयला मंत्रालय से सूची मांगी थी। जिस पर मंत्रालय से 33 निजी कोल कंपनियों की जो सूची मिली थी। हालांकि बैठक में ये तय किया गया है। इसमें से 9 काे ही बुलाया जाएगा। वहीं अन्य निजी कंपनियाें की ओर से प्रतिनिधित्व करेंगे। बता दें कि पहले निजी कोल कंपनियों के लिए जेबीसीसीआई में 4 सदस्य, ट्रेड यूनियंस के लिए 18 व प्रबंधन के के 18 मेंबर रहते थे, लेकिन बाद में एनसीडब्लूए-9 व 10 में निजी कंपनियों काे शामिल नहीं किया था। अब उन्हें 9 सीट दिया है। हालांकि शामिल किए जाने वाले कंपनियाें के नाम अभी स्पष्ट नहीं किए गए हैं।

पिछले वेतन समझाैता से अधिक की मांग
काेल इंडिया के कर्मचारियाें का दसवां वेतन समझाैता जुलाई 2016 से प्रभावशील था। हालांकि इसे लागू हाेने में एक साल का समय लग गया था। वेतन समझाैते काे लेकर विवाद के बीच वेतन भत्ताें व सुविधाओं में 24 प्रतिशत बढ़ाेत्तरी का समझाैता हुअा था। लेकिन अब काेयला कर्मचारी काेराेना संकट व अगले दाे तीन वर्षाें में काेल इंडिया की क्षमता 1 हजार मिलियन टन करने के राेड मैप काे देखते हुए काेयला कर्मचारी पिछली बार से ज्यादा की बढ़ाेत्तरी मांग कर रहे हैं। प्रमुख रुप से अनुकंपा नियुक्ति, जनवरी 2017 से सेवानिवृत्त कर्मचारियाें के लिए 20 लाख ग्रेच्युटी व अन्य मांगे शामिल हैं।

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