कोल उत्पादन / दो माह में 18 एमटी उत्पादन, अब प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर

18 MT production in two months, now emphasis on increasing production
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18 MT production in two months, now emphasis on increasing production

  • कोरोना की वजह से एसईसीएल की खदानों में उत्पादन पर पड़ा असर, लक्ष्य से 8 मिलियन टन कम उत्पादन

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

कोरबा. नए वित्तीय वर्ष के 2 माह (अप्रैल व मई) में एसईसीएल की कोयला खदानों से 18 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया गया है। कोरोना के चलते खदानों में उत्पादन पर असर पड़ा है। लेकिन अब मानसून को ध्यान में रखते हुए कोयला खदानों में प्रोडक्शन तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। एसईसीएल को चालू वित्त वर्ष में 183 मिलियन टन कोयला उत्पादन का टारगेट दिया गया है। प्रबंधन इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश में जुटा हुआ है। चालू वित्तीय वर्ष में बीते दो माह के दौरान एसईसीएल को 26.7 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन दो माह में तय किए गए लक्ष्य के मुकाबले 18.4 मिलियन टन कोयला का उत्पादन किया जा सका है। इसका कारण यह है कि खदानों में भी कोरोना के चलते बीते दो माह के दौरान ज्यादा सावधानी बरती जा रही थी। सीमित व जरूरत के अनुसार ही कर्मचारियों से कोयला उत्पादन कराया जा रहा था। वर्तमान में भी यही स्थिति है। हालांकि अब उत्पादन तेज करने की कोशिश चल रही है। क्योंकि एक पखवाड़े में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। मानसून के चलते बारिश के दौरान कोयला खदानों में उत्पादन बाधित होता है। उत्पादन औसत से कम हो जाता है। इसे देखते हुए प्रबंधन मानसून से पहले ही कोयला उत्पादन तेज करने की कोशिश में जुट गया है।
जिले में खदानों से 14.37 एमटी कोल प्रोडक्शन 
एसईसीएल का उत्पादन लक्ष्य पूरा करने में जिले की चारों कोल परियोजना का बड़ा योगदान है। बीते 2 माह के दौरान जिले की खदानों से 14 मिलियन टन से ज्यादा कोयला उत्पादन किया गया। जिसमें कोरबा परियोजना से 1.14 मिलियन टन, कुसमुंडा खदान से 3.99 मिलियन टन, दीपिका खदान से 3.76 और गेवरा खदान से 5.48 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया गया है। इधर दीपका खादान में इन दिनों उत्पादन सामान्य बताया जा रहा है। 

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