सियासी गर्मी:दिल्ली पहुंचे कोरबा के 2 विधायक, जयसिंह के रायपुर में हाेने की सूचना

काेरबा2 महीने पहले
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  • प्रदेश के सियासी गर्मी का असर कोरबा की कांग्रेस राजनीति में भी, विधायक कंवर व केरकेट्टा खुलकर सीएम के साथ

प्रदेश की राजनीति में बुधवार की शाम फिर सरगर्मी तब आ गई जब यह खबर आम हुई कि कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के साथ 10 विधायक फिर से दिल्ली पहुंच गए हैं। जहां पहुंच वे प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया से मुलाकात कर सीएम भूपेश बघेल के समर्थन में अपनी बात रखेंगे। कोरबा की 4 विधानसभा सीटों में से 3 पर कांग्रेस विधायक हैं।

इन 3 में से कटघोरा के पुरुषोत्तम कंवर और पाली-तानाखार के मोहितराम केरकेट्टा भी दिल्ली गए विधायकों के दल में शामिल हैं। पिछले माह भी दिल्ली पहुंचे कांग्रेस विधायकों के दल में ये दोनों विधायक शामिल थे। तीसरे कोरबा के विधायक और राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के रायपुर होने की जानकारी मिली है। यूं कोरबा में कांग्रेस की दलीय राजनीति मेें भी अभी हो रही सरगर्मी का असर दिखने लगा है। विधायक पुरुषोत्तम कंवर वरिष्ठ आदिवासी नेता बोधराम कंवर के पुत्र हैं। वे पहली बार विधायक बने हैं। इसी तरह से पाली-तानाखार से मोहितराम केरकेट्टा भी पहली बार विधायक चुने गए हैं। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की गुटीय राजनीति में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत का सीधा प्रभाव रहा है। उनके करीबी रहे व लगातार तीसरी बार विधायक बने जयसिंह अग्रवाल अब प्रदेश में राजस्व मंत्री हैं। उनका कद मरवाही उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद बढ़ा है। यहां तक कि उन्हें जीपीएम के साथ-साथ जांजगीर व बिलासपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले का प्रभारी मंत्री भी बनाया गया है। वहीं पुरुषोत्तम कंवर को एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सलाहकार मंडल के अध्यक्ष व मोहितराम केरकेट्टा को सीएम अधोसंरचना एवं उन्नयन विकास के उपाध्यक्ष जिम्मेदारी मिली है। इधर प्रदेश में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के फार्मूले पर पिछले दो महीनों से रार मची हुई है।

एक महीने में दो बार दिल्ली जाकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी से जयसिंह कर चुके मुलाकात
जहां कंवर व केरकेट्टा खुलकर सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व के पक्ष में हैं, वहीं राजनीति की गहरी समझ रखने वाले जयसिंह अग्रवाल निरपेक्ष बने हुए हैं। हालांकि पिछले एक माह के दौरान वे कम से कम दो बार दिल्ली जाकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया से मुलाकात कर चुके हैं। इस बीच एक घटनाक्रम यह घटित हुआ है कि शहर जिला कांग्रेस कमेटी की 4 दिन पहले बैठक हुई। पार्षद सपना चौहान, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हैं। बैठक में मेयर राजकिशोर प्रसाद, सभापति श्यामसुंदर सोनी, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल सहित कई पार्षद शामिल हुए। बैठक में नेताओं ने बयान दिए कि उनकी अपनी पार्टी की सरकार रहने के बावजूद यहां अधिकारी उनकी नहीं सुनते हैं। वे इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पास प्रतिनिधि मंडल लेकर जाएंगे। इस स्थिति को पहले भी बता चुके हैं।

चर्चा-ढाई-ढाई साल के फार्मूले की बात पर घूम रहा राजनीति का चक्र
मोहितराम केरकेट्टा जो ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष हैं, उन्होंने कटघोरा व करतला में बैठक ली। उन्होंने कहा यदि अफसर बात नहीं सुनते हंै तो उन्हें बताएं वे 12 घंटे में उसका ट्रांसफर करा देंगे। सीएम के निर्देश पर यहां रायपुर से आई टीम ने जमीन अधिग्रहण के कुछ मामलों की जांच की। इसकी रिपोेर्ट कलेक्टर ने सीएम को भेजी है। इसमें शासन को गलत तरीके से जमीन अधिग्रहण के कारण 31 करोड़ की हानि होने का उल्लेख है। चर्चा यह है कि यह सब कुछ प्रदेश में जो ढाई-ढाई साल के फार्मूले की बात पर राजनीति के चक्र घूम रहा है, उसी का ये भी एक दौर है। विधायक पुरुषोत्तम कंवर व मोहितराम केरकेट्टा के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष सपना चौहान से भी बात करने की कोशिश की पर संपर्क नहीं हो सका।

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