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लॉकडाउन में ढील:जून-जुलाई में 20 मुहूर्त, 19 नवंबर से बजेंगी शहनाईं

कोरबा8 दिन पहले
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  • लेकिन 60 फीसदी लोगों ने नवंबर तक के लिए टाल दी हैं शादियां

कोरोना महामारी के कारण बीते साल की तरह इस गर्मी भी वैवाहिक सीजन में लोगों को शादियां स्थगित करनी पड़ी। जिला प्रशासन ने भी इस पर रोक लगा दी थी। वहीं अब जब लॉकडाउन में ढील दे दी गई है तो बचे हुए शादी के मुहूर्त में तय शादियां अधिकांश लोगों ने पहले ही रद्द कर दी थी। ऐसे में ये लोग अब नवंबर में शुरू होने वाली लग्न में शादी करेंगे।

हालांकि जून व जुलाई के बीच 20 अधिक मुहूर्त हैं, लेकिन संक्रमण से पूरी तरह से राहत नहीं मिलने से लोग सशंकित हैं। अब जिन्होंने आनन-फानन तैयारियां की हैं, वे सिर्फ घराती-बराती मिलाकर 50 लोगों की उपस्थिति में ही विवाह कर रहे हैं। पंडितों का कहना है कि जून-जुलाई में विवाह के लिए जिन्होंने पहले से विवाह मुहूर्त निकलवा लिए थे, उनमें से करीब 60 फीसदी लोगों ने नवंबर तक के लिए टाल दिया है। अभी जो विवाह हो रहे हैं, उनमें न तो बैंड बज रहे हैं और न बारातें निकल रही हैं। वैसे, 18 जुलाई को भड़ली नवमी तक विवाह के मुहूर्त हैं। इसके बाद सीधे 19 नवंबर से मुहूर्त प्रारंभ होंगे।

मलमास के साथ ही मुस्लिम धर्मावलंबियों में शुरू होंगी शादियां, सिर्फ 50 को मंजूरी
हिंदू धर्म के लोग जहां हिंदू पंचांग के अनुसार शादी के दिन तय करते हैं, वहीं इस्लाम धर्मावलंबी की मलमास लगने के साथ ही शादियां शुरू हो जाती हैं। इसलिए हिंदू धर्म के मुहूर्त की विदाई के साथ उन लोगों की शादियां के मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। जिला प्रशासन के प्रोटोकाल के अनुसार वे भी वैवाहिक समारोह में 50 लोगों को शामिल कर सकते हैं। फिलहाल समुदाय के लोग जुलाई से दिसंबर के बीच निकाह चाहते हैं। वहीं प्रशासन ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसके आधार पर निकाह के समय दोनों पक्षों को मिलाकर 50 लोगों की मौजूदगी ही स्वीकार होगी।

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