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सड़क बनी पगडंडी:हाईवे खराब हुआ तो 12 टन की क्षमता वाली ग्रामीण सड़क पर दौड़ने लगे 25 टन के ट्रेलर

कोरबा6 दिन पहले
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पाली छिंदपारा सड़क। - Dainik Bhaskar
पाली छिंदपारा सड़क।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की 26 सड़कों का पहला टेंडर निरस्त होने पर मरम्मत के लिए दूसरी बार टेंडर
  • समय से पहले ही खराब हो रही सड़क, जानिए... मुख्य मार्ग से लगे ग्रामीण सड़कों की हालत

मुख्य मार्गो से लगे ग्रामीण सड़कों की हालत भी खराब हो रही है। नेशनल हाईवे की सड़क खराब होने पर 12 टन की क्षमता वाले गांव की सड़कों पर 25 टन क्षमता के भारी वाहन दौड़ने लगते हैं। जिसकी वजह से समय से पहले जर्जर हो रही है। इधर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 26 सड़कों की मरम्मत करने के लिए पहला टेंडर निरस्त होने के बाद दूसरा टेंडर कर लिया गया है। 85.70 किलोमीटर लंबी इन सड़कों की मरम्मत के लिए 13 करोड़ 63 लाख 49 हजार रुपए की मंजूरी मिली है।

जिले में वर्ष 2002 से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। अब तक 510 सड़कें बन चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत भी पक्की सड़क बनाई गई है। इन सड़कों से ही गांव मुख्य मार्ग से जिला व तहसील मुख्यालय से जुड़े हुए हैं। सड़क निर्माण के बाद 5 साल तक मरम्मत का प्रावधान होता है। अब तो 10 साल पुरानी सड़कों का नवीनीकरण भी कराया जा रहा है। 26 सड़कों के सुधार के लिए मई में मंजूरी मिली है। बारिश के बाद इन सड़कों का भी निर्माण कराया जाएगा।

ग्रामीण सड़कों के खराब होने का प्रमुख कारण भारी वाहनों की आवाजाही भी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी सड़कों की क्षमता 12 टन की होती है। इससे अधिक क्षमता के वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहता है। लेकिन शहर से लगे अधिकांश सड़कों पर 25 टन क्षमता से अधिक भारी वाहनों के चलने से समय से पहले ही खराब हो जाते हैं।

पाली: छिंदपारा पहुंच मार्ग कीचड़ में हो गई तब्दील
नेशनल हाईवे पर जाम लगने के बाद भारी वाहन छिंदपारा पहुंच मार्ग से आवाजाही करते हैं । टीपी नगर से छिंदपारा और मादन होकर वन विभाग कॉलोनी के पास यह सड़क मिलती है। सड़क खराब होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अभी इसकी मरम्मत भी नहीं कराई गई है।

टेंडर की प्रक्रिया जारी, नवंबर तक काम शुरू होने की संभावना

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता केआर साहू का कहना है कि 26 सड़कों का रायपुर से टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। पहला टेंडर हुआ था लेकिन उसे निरस्त कर दिया गया है। फिर से टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। नवंबर तक काम शुरू होने की संभावना है। जिन कार्यों का टेंडर हो गया है उसका काम चल रहा है।

बरपाली: रीवापार से दर्राभांठा मार्ग की मरम्मत की जरूरत

करतला ब्लॉक के रीवापार से दर्राभांठा के बीच जमीन विवाद की वजह से 150 मीटर सड़क बन ही नहीं पाई थी। जिससे वह भी खराब हो गई है। हालांकि विभाग ने इस सड़क को बनाने के लिए प्रस्ताव दिया है। बारिश में यह सड़क और भी खराब हो गई है।

कनकेश्वर धाम कनकी से जोगीपाली के बीच 7.7 किलोमीटर सड़क के लिए 4.62 करोड़ की मंजूरी मिली है। इसका नवीनीकरण का काम शुरू हो गया है। इस सड़क के बनने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले सड़क खराब होने के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

चैतमा से तिवरता के बीच प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क बनाई गई है। इस मार्ग पर सुबह और शाम को भारी वाहन दौड़ते हैं। इसकी वजह से लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। चैतमा के पास भी नेशनल हाईवे की सड़क खराब है।

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