बढ़ता जा रहा खतरा:जिले में 638 नए केस मिले, सिर्फ शहरी क्षेत्र से 386 केस, 24 घंटे में 6 लोगों की माैत

काेरबा8 महीने पहले
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ट्रामा सेंटर को किया अधिग्रहित। - Dainik Bhaskar
ट्रामा सेंटर को किया अधिग्रहित।
  • कोरबा और कटघोरा ब्लॉक के शहरी क्षेत्र से सबसे अधिक संक्रमित
  • कोरबा शहर से 295 व कटघोरा से 91 संक्रमित
  • ग्रामीण क्षेत्र से 119 संक्रमित, छुरी के नवोदय में महिला-पुरुष समेत किशोर भी पॉजिटिव

जिले में सबसे अधिक 638 नए काेराेना संक्रमित मिले हैं, जाे अब तक का रिकार्ड है। इसमें ग्रामीण की अपेक्षा काेरबा और कटघाेरा ब्लाॅक के शहरी क्षेत्र से 386 मरीज है। काेरबा के शहरी क्षेत्र से 295 और कटघाेरा के शहरी क्षेत्र से 91 संक्रमित हैं।

वहीं कटघाेरा ब्लाॅक में पहली बार शहरी क्षेत्र से अधिक संक्रमित ग्रामीण क्षेत्र में मिले हैं, जिनकी संख्या 119 है। वहीं ग्रामीण ब्लाॅक अंतर्गत अाने वाले पाली से 39, करतला से 38 और पाेड़ी-उपराेड़ा से 15 केस मिले हैं। कुल मरीजाें में 344 पुरुष और 294 महिलाएं है। करतला ब्लाॅक के धमनागुड़ी गांव में 15 लाेग संक्रमित मिले हैं। छुरी में 13 संक्रमिताें में नवाेदय विद्यालय में महिला और पुरुष कर्मी समेत एक 12 साल का बच्चा भी शामिल है। चाेरभट्टी में 12, नगाेइखार में 14, लैंकाे काॅलाेनी में 10 संक्रमित मिले हैं। इसमें एक ही परिवार के 4 सदस्य शामिल है। वहीं काेरबा के पुराने शहर की ओर स्थित क्षेत्र के सभी वार्डाें से संक्रमित मिले हैं। जिले में पिछले कुछ दिन के भीतर संक्रमितों की माैत का आंकड़ा बढ़ रहा है। 24 घंटे के भीतर जिले में 6 लोगों की माैत हुई है।

संक्रमितों के लिए 12 साै से अधिक बेड
जिले में काेविड मरीजाें के लिए जिला प्रशासन ने करीब 1 हजार बेड की व्यवस्था काेराेना की पहली लहर के दाैरान कर ली थी। इसमें काेविड हाॅस्पिटल में 142 और स्याहीमुड़ी सीपेट में बने काेविड केयर सेंटर में 850 बेड थे। काेराेना की दूसरी लहर में यह व्यवस्था काम आ गया। हालांकि काेविड केयर सेंटर में मुख्यत: बिना लक्षण वाले मरीजाें काे रखा जाता है। गंभीर मरीजाें के लिए 30 ऑक्सीजन बेड लगाए गए हैं। इसमें मरीज भर्ती किए गए हैं। अब ट्रामा सेंटर समेत अन्य निजी अस्पतालाेें की मदद से 270 बेड बढ़ाए गए हैं। इनमें गंभीर मरीजाें काे भर्ती करेंगे।

इस क्षेत्र से इतने संक्रमितों की गई जान शव का टेस्ट कराने पर रिपाेर्ट पॉजिटिव
काेविड हाॅस्पिटल में भर्ती सीएसइर्बी काॅलाेनी के 45 व फर्टिलाइजर के 52 वर्षीय पुरुष समेत दीपका की 64 वर्षीय महिला की माैत हुई। परसाभाठा के एक मरीज की बिलासपुर में माैत हुई। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 2 संक्रमितों की माैत हुई। इनके शव का टेस्ट करने पर रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई। सीएसईबी कॉलोनी से मृत व्यक्ति भिलाई में कार्यरत था, जो परिवार समेत लौटा था। उसके परिवार के अन्य सदस्य भी संक्रमित हैं। फर्टिलाइजर मृतक दर्री क्षेत्र के मेडिकल स्टोर में केमिस्ट था।

क्लीनिक संचालक समेत परिवार के 6 लाेग संक्रमित, स्टाफ की जांच हुई
कटघाेरा राेड दीपका में एक निजी क्लीनिक का संचालन करने वाले डाॅक्टर समेत उनके परिवार के 4 सदस्य काेराेना पाॅजिटिव मिले हैं। साथ ही क्लीनिक से जुड़े 2 अन्य लाेग भी संक्रमित मिले हैं। डाॅक्टर लगातार क्लीनिक में मरीजाें का इलाज कर रहे थे। 3-4 दिन पहले तबियत खराब लगने पर उन्हाेंने क्लीनिक आना छाेड़ दिया था। साथ ही स्वयं के साथ परिवार की काेराेना टेस्ट कराया था। क्लीनिक से जुड़े स्टाफ का भी टेस्ट कराया गया था।

ट्रामा सेंटर के मरीज दूसरी जगह किए शिफ्ट
साेमवार काे प्रशासन ने ट्रामा सेंटर काे अधिग्रहण किया। इसके बाद यहां भर्ती मरीजाें काे जिला अस्पताल समेत अन्य निजी अस्पतालाें में आगे के इलाज के लिए शिफ्ट किया। इससे मरीजाें काे परेशानी हुई। हालांकि काेराेना संक्रमण के मामलाें में ज्यादातर मरीजाें की गंभीर हाेती स्थिति काे देखते हुए त्वरित इलाज के लिए प्रशासन की यह अतिरिक्त व्यवस्था जरूरी भी है।

कोविड अस्पताल के 142 बेड को आक्सीजीनेटेड कर रहे: सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. बीबी बोडे ने कहा कोविड अस्पताल के सभी 142 बेडों को आक्सीजीनेटेड किया जा रहा है। यहां इलाज के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उपलब्ध है। पैरा मेडिकल टीम व दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था है। अस्पताल जाने से लोग घबराएं नहीं। कम लक्षण वाले मरीजों को उनके घर पर ही रखकर दवाई से इलाज किया जाता है। गंभीर लक्षण और ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाता है।

लक्षण नजर आएं तो जांच कराएं खुद से न लें दवाइयां: डॉ. जैन
एमडी मेडिसिन डॉ. प्रिंस जैन ने कहा कि कहीं न कहीं कोविड प्रोटोकाल के पालन में लापरवाही से कोरोना का संक्रमण बढ़ा है। इसे लोगों का समझना होगा। कोरोना के लक्षण नजर आए तो जांच कराए। खुद से दवाई न लें। डॉक्टर की निगरानी में ट्रीटमेंट लेंगे तो रिकवरी के चांसेस ज्यादा है। हो सकता है आप उन 90 प्रतिशत केसेस में हों, जिसमें माइल्ड सिम्टम्स आकर डिसीज ठीक हो जाते है। पर आपकी यह लापरवाही उन लोगों को भारी पड़ेगी, जिनकी इम्युनिटी अच्छी नहीं है। जो कैंसर, किडनी, डायबिटीज के पेशेंट है, जो बुजुर्ग हैं, उनमें इस बीमारी के फैलने के चांसेस ज्यादा होते हैं। मास्क पहने, मास्क का कोई अल्टरनेटिव नहीं है। वैक्सीन आपको एंटी बॉडी देगा, वायरस के एंट्री को ब्लॉक नहीं कर सकता।

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