खतरनाक हालात:766 नए पॉजिटिव केस मिले, 19 की माैत; लोग बोले- नदी किनारे नहीं करने देंगे दाह संस्कार, मुक्तिधाम में ही करें

काेरबा7 महीने पहले
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मरीजाें के शव काे मुक्तिधाम में जलाते हुए दाह संस्कार करना चाहिए, लेकिन 2-3 दिन से मुक्तिधाम की बजाय हसदेव नदी के किनारे जला रहे - Dainik Bhaskar
मरीजाें के शव काे मुक्तिधाम में जलाते हुए दाह संस्कार करना चाहिए, लेकिन 2-3 दिन से मुक्तिधाम की बजाय हसदेव नदी के किनारे जला रहे
  • शहरी क्षेत्र में मिल रहे हैं ज्यादा मरीज, करतला ब्लाॅक में भी बढ़ने लगे केस, अब और सतर्क रहने की है जरूरत
  • स्याहीमुड़ी में 400, ईएसआईसी में 30 बिस्तर और लगेंगे

जिले में गुरुवार काे 766 नए काेराेना संक्रमित मिले हैं। इसमें 446 पुरुष और 320 महिलाएं हैं। संक्रमिताें में काेरबा ब्लाॅक के शहरी क्षेत्र में 285, ग्रामीण क्षेत्र में 49, कटघाेरा ब्लाॅक के शहरी क्षेत्र में 130 और ग्रामीण क्षेत्र में 121 मरीज, करतला ब्लाॅक में 121, पाली में 46 और पाेड़ी-उपराेड़ा में 64 मरीज है।

वहीं 24 घंटे के भीतर जिले में 19 काेराेना मरीजाें की माैत हुई है। इसमें 15 जिले के रहने वाले थे और 4 दूसराें जिलाें के मरीज। जिले के ग्रामीण ब्लाॅक में शामिल 3 ब्लाॅक में पाली में मरीजाें की संख्या बढ़ गई है। इसके बाद बचे पाेड़ी-उपराेड़ा और करतला ब्लाॅक में से पाेड़ी-उपराेड़ा में ही अब तक कम मरीज मिल रहे हैं, जबकि करतला में केस बढ़ने लगे हैं। 10 दिन पहले तक करतला में सीमित मरीज मिल रहे थे, लेकिन अब संख्या सैकड़ाें में पहुंच गई है। शहर के माेतीसागर पारा के पास हसदेव नदी के किनारे काेविड मरीजाें के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

इसका वार्ड पार्षद के साथ लाेगाें ने विराेध जताया है। वार्ड पार्षद संताेष लांझेकर ने बताया कि काेविड मरीजाें के शव काे नियमत: मुक्तिधाम में जलाते हुए दाह संस्कार करना चाहिए, लेकिन पिछले 2-3 दिनाें से मुक्तिधाम के बजाए माेतीसागरपारा रेत घाट से घुसकर हसदेव नदी के किनारे रेत पर जलाया जा रहा है। जिस स्थान पर दाह संस्कार किया जा रहा है, वहां पर वार्ड के लाेगाें की आवाजाही हाेती है। बच्चे भी खेलने अक्सर वहां पहुंचते हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

नगोईखार, राजीव नगर व मड़वामौहा कंटेनमेंट जोन
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने अधिक संख्या में कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए जाने वाले क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में दर्री के ग्राम नगोईखार पानी टंकी गली एरिगेशन काॅलोनी, ग्राम मड़वामौहा नीचे पारा बस्ती, तहसील कटघोरा के ग्राम झाबर के राजीव नगर व कदम चौक के संक्रमित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया है। कटघोरा के एसडीएम अभिषेक शर्मा ने आदेश जारी कर दिए हैं। ग्राम नगोईखार में 6 कोरोना संक्रमित, मड़वामौहा में 5 व झाबर के राजीव नगर में 5 व कदम चाैक में 6 कोरोना संक्रमित मिलने पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।

काेराेना के चलते सादगी से करेंगे महंत अपनी बेटी की शादी, नहीं हाेगा समाराेह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत व कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत की सुपुत्री डॉ. सुप्रिया का विवाह अवधेश के साथ 27 अप्रैल को होना है। पहले इस विवाह को समारोह पूर्वक करने की तैयारी थी, लेकिन काेराेना संक्रमण की स्थिति काे देखते हुए कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए सादगी के साथ विवाह कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है। विवाह अवसर का आशीर्वाद समारोह भी स्थगित कर दिया है। इसकाे लेकर डॉ. चरणदास महंत की ओर से एक भावुक पाती लिखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके लिए यह बेहद खास मौका था, जब अपनी सुपुत्री के विवाह अवसर पर प्रत्यक्ष तौर पर लाेग समारोह में शामिल होकर अपना आशीर्वाद देते, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने इस सपने पर भी अभी तो पानी ही फेर दिया है। हर एक का जीवन महत्वपूर्ण है। सतर्कता ही जीवन की सुरक्षा का पहला कदम बन गया है।

5 दिन में 430 ऑक्सीजीनेटेड बिस्तर बढ़ेंगे, काम हुआ शुरू
जिले में बढ़ते कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अगले 5 दिन में जिले के कोविड अस्पतालों में लगभग 430 ऑक्सीजीनेटेड बिस्तरों को बढ़ा लिया जाएगा। स्याहीमुड़ी के कोविड केयर अस्पताल में लगभग 400 ऑक्सीजीनेटेड बेड बढ़ाने सेंट्रल ऑक्सीजन वितरण प्रणाली लगाने का काम तेजी से चल रहा है। साथ ही जिले के सबसे पुराने ईएसआईसी कोविड अस्पताल में भी मरीजों की संख्या को देखते हुए 30 और ऑक्सीजन युक्त बिस्तर अगले दो-तीन दिनों में बढ़ जाएंगे। इन दोनों अस्पतालों में ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों के बढ़ने से जिले में ऑक्सीजीनेटेड बेड क्षमता 940 तक पहुंच जाएगी और इलाज में सुविधा मिलने लगेगी। जिले में 56 नए पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती भी कर ली है और उन्हें कई शासकीय कोविड अस्पतालों में काम पर लगा दिया है। अब फिलहाल सरकारी, जिला प्रशासन अधिग्रहित और अनुमति प्राप्त निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज हो रहा है।

13 अस्पतालों में हो रहा कोविड मरीजों का इलाज
जिले में निजी व शासकीय सहित 13 अस्पतालों में संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। इलाज के लिए भर्ती करने बिस्तर क्षमता 1 हजार 732 तक बढ़ा ली है। स्याहीमुड़ी व ईएसआईसी अस्पताल में की बढ़ोतरी से जिले की कुल बिस्तर क्षमता 2 हजार 162 हो जाएगी। इन अस्पतालों में ईएसआईसी कोविड अस्पताल, बालको कोविड अस्पताल, एनटीपीसी अस्पताल, सीपेट कोविड केयर सेंटर, सीईटीआई गेवरा कोविड केयर सेंटर, इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय, एसईसीएल अस्पताल मुड़ापार, सृष्टि अस्पताल, जीवन आशा अस्पताल और बालाजी ट्रामा अस्पताल, न्यू कोरबा अस्पताल, विनायक अस्पताल पाली और सीएसईबी वेस्ट अस्पताल शामिल हैं।

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