बढ़ रहा खतरा / दूसरे राज्यों से लौटने के बाद कुदुरमाल क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए 12 मजदूर मिले कोरोना पॉजिटिव

कोरोना पॉजिटिव मरीजों को कोविड-19 हॉस्पिटल रवाना करते अधिकारी। कोरोना पॉजिटिव मरीजों को कोविड-19 हॉस्पिटल रवाना करते अधिकारी।
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कोरोना पॉजिटिव मरीजों को कोविड-19 हॉस्पिटल रवाना करते अधिकारी।कोरोना पॉजिटिव मरीजों को कोविड-19 हॉस्पिटल रवाना करते अधिकारी।

  • 14 मई को 8 मजदूर महाराष्ट्र से, 3 उत्तर प्रदेश से और एक मध्यप्रदेश से कोरबा आए थे
  • कोरोना पाॅजिटव पाए गए सभी मजदूरों को इलाज के लिए भेजा गया कोविड-19 हॉस्पिटल
  • सेंटर के रसोईयों व वालिंटियर्स समेत अन्य मजदूरों का 10 दिन बाद किया जाएगा रैपिड टेस्ट
  • ग्रामीणों ने किया था विरोध तो क्वारेंटाइन सेंटर था सीलबंद, सभी को दिए थे अलग थाली-गिलास

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

कोरबा. प्रदेश में शुक्रवार को 16 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई। जिसमें 12 लोग जिले के कोरबा विकासखंड अंतर्गत कुदुरमाल हायर सेकंडरी स्कूल में बने क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए 12 प्रवासी मजदूर है। जो एक सप्ताह पहले 14 मई को चांपा सीमा के पास एंट्री पाइंट में मिले थे। जहां से उनके साथ कुल 61 मजदूर को बस में बैठाकर सीधे क्वारेंटाइन सेंटर भेजा गया था। 17 मई को सभी मजदूरों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। पॉजिटिव मिले मजदूरों में महाराष्ट्र के नासिक से 4, नागपुर से 2, चंद्रपुर व भंडारा से 1-1, उत्तरप्रदेश के कानपुर से 2, अलीगढ़ से 1 व मध्यप्रदेश के दमोह से 1 मजदूर वापस लौटे हैं। हालांकि सभी मजदूर कुदुरमाल के निवासी है बल्कि जिले के उरगा थाना अंतर्गत कटबितला, तुमान, गाड़ापाली, पहंदा, रीवांपार, बरीडीह गांव के अलावा बेलगरी बस्ती(बालको) व दर्री के रहने वाले हैं। उनके कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना मिलने पर कलेक्टर किरण कौशल, एसपी अभिषेक मीणा समेत अफसर पहुंचे और मजदूरों को इलाज के लिए भेजा गया। 
अलग-अलग साधन से जिले में पहुंचे थे मजदूर, किसी के संपर्क में नहीं आए
जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. पुष्पेश कुमार ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मिले सभी 12 मजदूरों की ट्रैवल हिस्ट्री निकाल ली गई है। वे अलग-अलग साधन से 14 मई को चांपा पहुंचे थे। जहां से पैदल जिले की ओर लौट रहे थे। इस दौरान चांपा बार्डर पर उन्हें चेकपोस्ट (बैरियर) पर रोका गया। जहां से उन्हें सीधे क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचाया गया। जहां वे अब तक 24 घंटे कड़े पहरे में रहे। उनका किसी से भी संपर्क नहीं हुआ है। परिवार वालों को भी नहीं मिलने दिया गया है।
मजदूरों को दिए गए अलग थाली-गिलास, एक-दूसरे से भी नहीं मिलते   
डीपीएम पद्माकर शिंदे ने बताया कि कुदुरमाल क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए प्रवासी मजदूरों ने अलग-अलग राज्यों से आने के कारण खुद ही अपना-अपना ग्रुप अलग कर लिया है। वे एक-दूसरे से नहीं मिलते हैं। उन्हें ठहराने से लेकर भोजन की व्यवस्था तक सुरक्षा मापदंड का पूरा पालन हो रहा है। खाना-पानी के लिए उन्हें थाली-गिलास दे दिया गया है। जिसे वहीं संभालकर रखते हैं। सभी के कमरों के सामने टेबल में बर्तन रखने पर उसमें भोजन दिया जाता है। बर्तन की धुलाई वे खुद ही करते हैं।
दो मजदूरों में दो दिन से दिख रहे थे लक्षण, किए गए थे अस्पताल में भर्ती
कुदुरमाल क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए 61 मजदूरों में महाराष्ट्र से लौटे 2 लोगों में दो दिन से कोरोना जैसे लक्षण दिख रहे थे। बार-बार बुखार आने की वजह से कोरोना संदिग्ध मानकर गुरुवार को उन्हें जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। जहां एमडी डॉ. प्रिंस जैन उनका इलाज कर रहे थे। शुक्रवार को पॉजिटिव 12 मजदूरों में उनका नाम आने पर उन्हें कोरोना होने की पुष्टि हो गई। इसके बाद दोपहर में उन्हें जिला अस्पताल से सीधे रायपुर रेफर किया गया।
10 दिन बाद शेष मजदूरों की होगी स्वास्थ्य जांच
सीएमएचओ डॉ. बीबी बोडे ने बताया कि क्वारेंटाइन सेंटर के सभी 61 मजदूरों का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था। जांच में 12 की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। जिन्हें बिलासपुर-रायपुर के कोविड-19 हॉस्पिटल भेजा गया है। 10 दिन बाद शेष मजदूरों की जांच होगी।
स्कूल परिसर को ही बनाया कंटेनमेंट जोन
कलेक्टर किरण कौशल ने बताया कि क्वारेंटाइन सेंटर में 61 प्रवासी मजदूरों को रखने के बाद फ्रीज कर दिया गया था। सभी दूसरे गांव के रहने वाले हैं इसलिए उनसे किसी बाहरी व्यक्ति का संपर्क नहीं हुआ है। स्कूल परिसर को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सीलबंद किया गया है।

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