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बढ़ेगा कोयला उत्पादन:दीपका सहित 4 काेल परियोजनाओं के प्राेजेक्ट रिपाेर्ट काे मंजूरी, अब बढ़ेगी खदानाें की क्षमता

काेरबा2 दिन पहले
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  • आगे एसईसीएल के दीपका परियाेजना से 40 मिलियन टन काेयला उत्पादन हाेगा
  • एसईसीएल के दीपका के अलावा बराैद व चिमटा पानी काेल माइंस और बतुरा बेस्ट काेल माइंस को मिली है मंजूरी

एसईसीएल को 4 कोयला खदानों के प्राेजेक्ट रिपाेर्ट की मंजूरी मिली है। इसमें जिले की बड़ी काेल परियाेजना दीपका विस्तार परियाेजना भी शामिल है। दीपका खदान से अब आने वाले समय में 40 मिलियन टन काेयला उत्पादन किया जाएगा।

इस काेयला खदान की उत्पादन क्षमता बढ़ने से एसईसीएल के काेयला उत्पादन में भी बढ़ाेतरी हाेगी। वर्तमान में एसईसीएल दीपका परियाेजना का उत्पादन टारगेट 35 मिलियन टन सालाना है। एसईसीएल के दीपका के अलावा जिन अन्य खदानाें के प्राेजेक्ट रिपाेर्ट की स्वीकृति मिली है, उसमें बराैद व चिमटा पानी काेल माइंस और बतुरा बेस्ट काेल माइंस शामिल हैं। दीपका काेयला खदान से एनटीपीसी के सीपत पावर प्लांट काे काेयला अापूर्ति की जाती है। जिले में अब कोयला उत्पादन और बढ़ेगा।

भू-विस्थापिताें के विराेध से उत्पादन बाधित
दीपका खदान की अड़चनें दूर नहीं हुई है। वर्ष 2019-2020 के दाैरान बारिश का पानी खदान में भर जाने से उत्पादन उम्मीद से कम हुआ था। बीते वित्तीय वर्ष 2020- 2021 में भी भू-विस्थापिताें के विराेध की वजह से खदान अपने तय लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई। हालांकि इसके बाद भी दीपका क्षेत्र ने टारगेट का 98 फीसदी काेल प्राेडक्शन किया, जबकि अन्य खदान इससे ज्यादा पिछड़े रहे।

एक सप्ताह में निकला 2 मिलियन टन काेयला
इधर नए वित्तीय वर्ष 2021-2022 के लिए एसईसीएल ने नए टारगेट के साथ काेयला उत्पादन शुरु कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में कंपनी ने लगभग 2 मिलियन टन काेयला उत्पादन किया है। इसमें काेरबा जिले की खदानाें में ही एक मिलियन टन से अधिक काेल प्राेडक्शन किया गया है। जिसमें दीपका में 0.4 एमटी, गेवरा में 0.6 एमटी, 0.3 एमटी अाैर काेरबा एरिया में 0.09 मिलियन टन काेयला उत्पादन किया गया है।

चाराें परियोजनाओं के विस्तार से 60 मिलियन टन बढ़ेगा क्षमता
एसईसीएल की काेयला खदानाें के विस्तार याेजना पर काम चल रहा है। प्रबंधन का अनुमान है कि दीपका विस्तार, बराैद, चिमटापानी व बतुरा माइंस से काेयला उत्पादन व विस्तार से कंपनी के उत्पादन क्षमता में 60 मिलियन टन तक की बढ़ोतरी हाेगी। दीपका खदान में जहां 40 मिलियन टन काेयला उत्पादन की याेजना है। वहीं बराैद व चिमटापानी खुली खदान से 10-10 मिलियन टन और बतुरा काेल माइंस से 0.80 मिलियन टन वार्षिक काेयला उत्पादन किया जाएगा। एक अधिकारी के अनुसार चाराें काेल परियाेजनाओं के लिए 10 हजार कराेड़ का पूजी निवेश की जाएगी।

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