हिचकोले खा रहे लोग:6 करोड़ की सड़कों पर डामर का लेप: 4 महीने पहले बनी सड़क उखड़ी तो लेप लगाया, लेकिन गड्ढों को भरना भूल गए

कोरबा2 महीने पहले
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  • शहर के भीतर 7 सड़कों को सुधारने डीएमएफ से 10 करोड़ की मंजूरी, 5 सड़कों का जून में नवीनीकरण, बारिश में उखड़ गई

शहर के साथ सड़कों का नवीनीकरण करने के लिए डीएमएफ से 10 करोड़ की मंजूरी मिली थी। जून में 5 सड़कों का डामरीकरण कराया गया, लेकिन बारिश में सभी सड़कों का 30 से 40 हिस्सा उखड़ने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। ठेका कंपनियों ने और न उखड़े, इसके लिए रात के समय डामर का लेप तो लगा रहे हैं, लेकिन गड्ढों को नहीं भर रहे हैं। इसकी वजह से लोगों को हिचकोले खाना पड़ रहा है।

नगर निगम के प्रमुख सड़क एक साल पहले खराब हो गई थी, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन लगने के कारण सड़कों की मरम्मत ही नहीं हो पाई। लॉकडाउन खुलने के बाद मई-जून में सड़क नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन बारिश में सभी सड़कें खराब हो गईं। यही नहीं भाजपा ने इसे मुद्दा बनाते हुए प्रदर्शन भी किया। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल के साथ भाजपाइयों के खिलाफ अपराध दर्ज करा दिया गया, लेकिन बारिश में सड़कें उखड़ती रही। पिछले सप्ताह बारिश में फिर से सड़कें उखड़ गई थी। गिट्टी बाहर निकल आए थे। इसे साफ कर ठेका कंपनी ने ऊपर में डामर की परत बिछा दी, लेकिन गड्ढों को नहीं भरा। इसकी वजह से कई बार लोग गड्ढों की वजह से दुर्घटना का भी शिकार हो जाते हैं। इसके बाद भी निगम के अफसर कह रहे हैं कि और न उखड़े इसके लिए ही प्रयास किया जा रहा है, लेकिन लोगों की समस्या कम नहीं हो रही है।

सुनालिया चौक से गौमाता चौक: नहर मार्ग के साथ शनि मंदिर मार्ग पर गड्ढे
इस सड़क के लिए एक करोड़ 37 लाख की मंजूरी मिली थी। नहर की सड़कें तो उखड़ ही गई है। शनि मंदिर के पास पुल के ऊपर सड़क भी पानी भरने से उखड़ गई। उसे भी सुधारने की जरूरत है। सरस्वती शिशु मंदिर के आगे सड़क पर पानी बहना शुरू हो गया है । वहां की सड़क भी अब उखड़ने लगी है।

घंटाघर चौक से शास्त्री चौक: नहीं सुधर पाई कोसाबाड़ी क्षेत्र की सड़कें
इस सड़क के लिए 112 लाख रुपए की मंजूरी मिली थी। कोसाबाड़ी क्षेत्र की सड़कें दो बार उखड़ चुकी हैं। यही नहीं सीएसईबी कॉलोनी की एटीपी जाने जहां से घुसते हैं वहां पर सड़क किनारे पानी का भराव रहता है। जिसकी वजह से सड़कें खराब हो रही है।

1 करोड़ 32 लाख की मंजूरी: कोसाबाड़ी चौक से रिस्दी मार्ग की मरम्मत पर विवाद
इस सड़क के लिए एक करोड़ 32 लाख की मंजूरी मिली है। इस मार्ग से होकर अस्पताल और प्रमुख कार्यालय भी जाते हैं। वन मंडल कार्यालय के मोड़ पर सड़क मरम्मत के बाद उखड़ने को लेकर विवाद हुआ था। लोगों को यहां पर बड़ी परेशानी होती है।

इस मार्ग पर सिर्फ गड्‌ढे: घंटाघर से महाराणा प्रताप चौक तक नहीं हुआ डामरीकरण
इस सड़क के लिए एक करोड़ 75 लाख रुपए की मंजूरी मिली है। केसीसी कॉलेज के पास कन्वर्ट की ऊंचाई बढ़ाने के लिए काम चलता रहा। इसकी वजह से बारिश में डामरीकरण नहीं हो पाया। अब इस मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं।

आईटीआई चौक से सीएसईबी चौक वीआईपी रोड अब नाम का रह गया
इस सड़क के नवीनीकरण के लिए एक करोड़ 17 लाख की मंजूरी मिली थी, लेकिन अंधरीकछार से लेकर बुधवारी बाजार तक की सड़कें बारिश के समय उखड़ रही है। अब तक दो बार डामर का लेप लगाया जा चुका है। यही नहीं इंदिरा चौक के पास पाइप लाइन बिछाने सड़क को जहां पर खोदा गया था वहां गड्ढे हो गए हैं।

सीएसईबी चौक से सुनालिया ब्रिज तक दोनों ओर की सड़कें खराब
इस सड़क के लिए एक करोड़ 35 लाख की मंजूरी मिली थी। सीएसईबी चौक से आगे बढ़ते ही सत्यम बेकरी के सामने 10 से अधिक गड्ढे हो गए हैं। आईसीआईसीआई बैंक के सामने पानी भरने से सड़क उखड़ी हुई है, लेकिन गड्ढों को नहीं पाटा गया। उसके ऊपर ही डामर का लेप लगा दिया गया है।

सीधी बात; , एमके वर्मा, एसई नगर निगम
अगले महीने फिर से बनाएंगे सड़क, बारिश में नहीं लगा सकते डामर

4 महीने पहले ही बनी सड़क उखड़ गई फिर गड्ढों को नहीं भरा जा रहा है?
- अगले महीने फिर से सड़क को सुधारा जाएगा। बारिश में डामर नहीं लगा सकते।
फिर सड़कों में डामर का लेप क्यों लगाया जा रहा है। लोगों परेशानी हो रही है।
-सड़क और न टूटे, इसके लिए ठेकेदार उपाय कर रहा होगा। जो सड़कें बची है, उसका डामरीकरण होगा।

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