शाॅर्टकट का रास्ता बना जानलेवा:​​​​​​​कोरबा में रेलवे ट्रैक पार करते समय चपेट में आए, नाइट ड्यूट खत्म कर लौट रहे थे दोनों

कोरबा2 महीने पहले
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बरमपुर मोड़ के पास रेलवे क्राॅसिंग पार करते समय छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की चपेट में आ गए मौत। - Dainik Bhaskar
बरमपुर मोड़ के पास रेलवे क्राॅसिंग पार करते समय छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की चपेट में आ गए मौत।

एसईसीएल के कुसमुंडा खदान में नियाेजित एक कंपनी के दाे सुरक्षा कर्मी नाइट ड्यूटी कर बाइक से घर लाैटते समय बरमपुर के पास मानव रहित रेलवे क्राॅसिंग पार करते समय छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इससे माैके पर ही दाेनाें की माैत हाे गई। वे कुसमुंडा के रहने वाले थे, जाे कुसमुंडा खदान मार्ग पर भारी वाहनाें की रेलमपेल से बचने शाॅर्टकट रास्ते से लाैट रहे थे।

कुसमुंडा खदान में मशीनाें की फिटिंग के लिए एलएंडटी कंपनी नियाेजित है। इसमें कुसमुंडा थाना अंतर्गत कुचैना बस्ती के 22 वर्षीय जावेद खान और इमलीछापर निवासी 19 वर्षीय किरन कुशवाहा सुरक्षा कर्मी थे। वे दाेनाें जावेद की बाइक में ड्यूटी आते-जाते थे। मंगलवार रात उनकी नाइट ड्यूटी थी, जहां ड्यूटी करने के बाद वे बुधवार सुबह 10 बजे घर जाने खदान से बरमपुर की ओर जाने वाले मार्ग से रवाना हुए। बाइक जावेद चला रहा था। बरमपुर रेलवे क्राॅसिंग मानव रहित है, वहां से पार हाेने जैसे ही वे आगे बढ़े, डाउन लाइन पर काेरबा स्टेशन से गेवरा स्टेशन जा रही छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। टक्कर के साथ बाइक समेत वे फेंका गए। रेलवे ट्रैक के किनारे गिरने से गंभीर चाेट लगते ही दाेनाें की माैके पर माैत हाे गई।

लाेगाें ने घटना की सूचना पुलिस काे दी। इसके बाद सर्वमंगला चाैकी प्रभारी अजय साेनवानी माैके पर पहुंचे। कुसमुंडा थाना प्रभारी निरीक्षक लीलाधर राठाैर भी वहां पहुंचे। दाेनाें मृतक की शिनाख्त के बाद उनके परिजन काे सूचना दी गई। उनके पहुंचने के बाद मर्ग कायम कर शव पीएम के लिए भेजा। पार्षद चंद्रा व कांग्रेस नेता अमरजीत ने की सहायता की मांग: ड्यूटी से घर लाैटते समय कुसमुंडा के दाे युवकाें की ट्रेन की चपेट में आकर माैत की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद बसंत चंद्रा समेत पार्षद पति व कांग्रेस नेता अमरजीत सिंह घटनास्थल पहुंचे, जहां उन्हाेंने संबंधित कंपनी एलएंडटी और एसईसीएल के अफसरों से बातचीत कर मृतकाें के परिजन काे मुआवजा के ताैर पर आर्थिक सहायता देने की मांग की। इस पर कंपनी के अफसरों ने सहायता का आश्वासन दिया।

मृतक कुसमुंडा के निवासी थे, जाे कुसमुंडा खदान में एलएंडटी कंपनी में थे सुरक्षा कर्मी।
मृतक कुसमुंडा के निवासी थे, जाे कुसमुंडा खदान में एलएंडटी कंपनी में थे सुरक्षा कर्मी।

दाेनाें कर्मी थे गरीब, उन पर थी परिवार की जिम्मेदारी
मृतक जावेद और किरन दाेनाें ही गरीब परिवार के थे। दाेनाें अविवाहित थे, लेकिन घर में बड़े थे। उन पर माता-पिता व छाेटे भाई वाले परिवार काे चलाने की जिम्मेदारी थी। इसलिए हादसे में दाेनाें की माैत के बाद स्थानीय पार्षद और पार्षद पति ने मिलकर एसईसीएल और एलएंडटी कंपनी के अफसरों से दाेनाें परिवार काे 2-2 लाख की सहायता दिलाने का प्रयास किया।

इन रेलवे क्राॅसिंग में जल्दीबाजी में हाेते हैं हादसे, अंडर ब्रिज की याेजना भी लटकी
जिले में स्थित एसईसीएल की काेयला खदानाें से प्रतिदिन 35-40 रैक काेयला ढुलाई (परिवहन) रेलवे द्वारा किया जाता है। मुख्यत: काेरबा-गेवरा राेड रेलवे ट्रैक से मालगाड़ी का परिचालन हाेता है। वर्तमान में औद्याेगिक उपक्रमाें में काेयला की कमी के चलते रेलवे पर ढुलाई का दबाव बढ़ा है। काेरबा-गेवरा राेड रेलवे ट्रैक पर इमलीडुग्गू, संजय नगर, पुराना पवन टाॅकिज, सर्वमंगला रेलवे क्राॅसिंग है। इसके अलावा सर्वमंगला से गेवरा राेड स्टेशन के बीच दाे मानव रहित रेलवे क्राॅसिंग है। इन सभी रेलवे क्राॅसिंग से अप-डाउन लाइन में हर 5 से 10 मिनट में मालगाड़ी गुजरती है। इस दाैरान लाेग जल्दीबाजी में रेलवे क्राॅसिंग पार करने के चक्कर में यात्री ट्रेन या मालगाड़ी की चपेट में आकर हादसे का शिकार हाे जाते हैं। बरमपुर क्रासिंग पर 2-3 महीने के अंतराल में इस तरह के हादसे हाेते हैं। शहर के संजय नगर और इमलीडुग्गू क्राॅसिंग पर अंडर ब्रिज की याेजना बनी, लेकिन रेलवे की ओर से स्वीकृति नहीं मिलने से लटकी हुई है।

खदान क्षेत्र से नजदीक हादसा, इसलिए मुआवजा
पार्षद पति और कांग्रेस नेता अमरजीत सिंह के मुताबिक हादसा खदान क्षेत्र से 3 किमी के दायरे के भीतर हुआ है और दाेनाें मृतक ड्यूटी से घर लाैट रहे थे। इस तरह कंपनी की जिम्मेदारी बनती है। कंपनी काे नियमत: दाेनाें परिवार काे मुआवजा देना चाहिए। इसलिए कंपनी से दाेनाें परिवार काे कम से कम 2-2 लाख मुआवजा के ताैर पर सहायता उपलब्ध कराने काे कहा है। इस अफसरों ने आश्वासन दिया है।

क्राॅसिंग पार करते ट्रेन की चपेट में आने से माैत
सर्वमंगला चाैकी प्रभारी अजय साेनवानी के मुताबिक दाेनाें मृतक कुसमुंडा खदान में नियाेजित एक कंपनी में सुरक्षा कर्मी थे, जाे घटना के समय ड्यूटी से घर लाैट रहे थे। इस दाैरान बरमपुर के पास क्राॅसिंग पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गए। घटना में उनकी माैत हाे गई। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

जहां दुर्घटना हुई, वहां रेलवे लेबल क्रॉसिंग
रेलवे के एआरएम प्रभात कुमार के मुताबिक जिस जगह पर दुर्घटना हुई है, वहां रेलवे लेबल क्राॅसिंग है, जहां से आवाजाही प्रतिबंधित है। वहां से बाइक से पार हाेते समय युवक डाउन लाइन में जा रही ट्रेन की चपेट में आ गए। शव रेलवे ट्रैक के बाहर पड़े हाेने से रेल परिचालन में असर नहीं पड़ा है।

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