आईआरसीटीसी करेगी जांच:बिना अनुमति पेट्रीं में खाना पकाकर बेचने की शिकायत

कोरबा2 महीने पहले
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  • अप-डाउन लाइन में सफर के दौरान अलग-अलग स्टेशनों पर होगी कार्रवाई
  • कोरबा से अमृतसर जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का मामला

कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में खाना पकाकर यात्रियों को बेचे जाने की शिकायत मिली है। मथुरा स्टेशन के बाद पकड़ी गई इस लापरवाही की जानकारी बिलासपुर में आइआरसीटीसी को दी गई है। यह ट्रेन बिलासपुर जोन की है, जो डाउन दिशा में अमृतसर से बिलासपुर तो अप दिशा में कोरबा से अमृतसर तक चल रही है।

शिकायत मिलने के बाद आइआरसीटीसी न केवल सतर्क हुआ है, बल्कि पेंट्रीकार पर नजर रखे हुए हैं। अलग-अलग स्टेशन, जहां यह ठहरती है वहां टीम को भेजकर जांच भी कराई जा रही है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में लगभग 7 ऐसी ट्रेनें हैं, जिनकी पेंट्रीकार की कमान बिलासपुर आइआरसीटसी के पास है। इन्हीं में एक छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस है। यह ट्रेन सबसे लंबी दूरी की ट्रेन है। तीन दिन में सफर तय करती है। इसे देखते हुए ही पेंट्रीकार कोच की सुविधा दी गई है। कोरोना महामारी के कारण अभी खाना पकाने पर प्रतिबंध लगा है। इसी शर्त पर टेंडर भी हुआ है। इसके बाद भी पेंट्रीकार के कर्मचारी चोरी-छिपे खाना पकाते हैं।

जोन के अधिकारियों का मानना है कि पेंट्रीकार संचालक बिलासपुर जोन क्षेत्र के स्टेशनों में ऐसा नहीं करते हैं। दूसरे जोन में प्रवेश करते ही ऐसा किया जाता है। पिछले दिनों मथुरा स्टेशन के आस-पास पेंट्रीकार के कर्मचारियों को खाना पकाते हुए रंग हाथों पकड़ा गया था। नियमानुसार इस तरह के मामले में कार्रवाई का अधिकार संबंधित आइआरसीटीसी को ही है। इसलिए वहां से इसकी जानकारी मुख्यालय भेजी गई थी। मुख्यालय ने बिलासपुर को इसकी जानकारी दी है। आइआरसीटीसी इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। यही वजह कि रोज अलग-अलग स्टेशनों में टीम को भेजकर जांच कराई जा रही है। नियम विपरित काम करने वालों के खिलाफ रेलवे द्वारा तय नियमों के तहत कार्रवाई भी की जा रही है।

प्रारंभिक से अंतिम स्टेशन तक जाएंगे सुपरवाइजर
व्यवस्था सुधारने के लिए आइआरसीटीसी ने एक और निर्णय लिया है। इसके तहत अब एक सुपरवाइजर इस ट्रेन में प्रारंभिक से अंतिम स्टेशन तक मानिटरिंग करते जाएगा, ताकि दोबारा इस तरह की शिकायत न आए।

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