हादसा:नहर में डूबे 8 साल के बच्चे का 50 किमी दूर जांजगीर-चांपा के बिर्रा में मिला शव

कोरबा9 महीने पहले
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  • शुक्रवार को पंप हाउस के पास नहर में डूबकर लापता हो गया था आलोक

शहर के दर्री डैम से पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा के लिए दांयीं तट (सर्वमंगला) नहर और बायीं तट (राताखार) नहर निकली है। गर्मी के सीजन में खेतों में सिंचाई व निस्तार के लिए सिंचाई विभाग द्वारा दोनों नहर में पानी छोड़ा गया है। इस कारण दोनों ही नहर में पानी का बहाव तेज है। शुक्रवार को पंप हाऊस के पास नहर के पानी में डूबकर लापता हुए तुलसीनगर के 8 वर्षीय बच्चे आलोक की भी मौत हो गई। उसका शव रविवार की सुबह शहर से 50 किमी दूर जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा के पास नहर में मिला। वह तीन बहनों में इकलौता था।

बायीं में 15 सौ और दायीं तट नहर में 1185 क्यूसेक पानी
सिंचाई विभाग के एसडीओ एसएन साय के मुताबिक डिमांड अधिक होने से दर्री डैम से बायीं तट नहर (राताखार) में 15 सौ क्यूसेक पानी और दायीं तट नहर (सर्वमंगला) में 1185 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नहर में बहाव ज्यादा है और करीब 10 से 12 फीट पानी चल रहा है। राताखार की ओर बच्चे के डूबने के बाद खोजबीन के लिए करीब 1 हजार क्यूसेक पानी घटाया गया था जिसे फिर से बढ़ाया गया है। नहर के किनारे रहने वालों को अलर्ट किया गया है। उन्हें सतर्कता बरतना चाहिए।

ऊपर से नहीं पता चलता पानी का बहाव, जागरूक करेंगे
सिटी कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा के मुताबिक नहर में पानी का बहाव ज्यादा होने के बाद भी ऊपर से पानी का बहाव पता नहीं चलता है। इसी कारण गर्मी से राहत पाने के लिए इस सीजन में नहर में नहाने उतरे बच्चे व बड़े पानी के तेज बहाव में डूबकर बह जाते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस द्वारा पूर्व में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया था। इस वर्ष भी खतरनाक स्थल के आसपास लोगों को जागरूक करते हुए सतर्क किया जाएगा। परिजन को भी स्वयं सतर्क रहना चाहिए।

हर साल होते हैं ऐसे हादसे

  • अप्रैल 2013 में बुधवारी बस्ती के दो बच्चे की रशियन हॉस्टल के पास डूबकर मौत हो गई थी।
  • सितंबर 2014 में रशियन हॉस्टल के पास नहर में ढोढ़ीपारा की 10 वर्षीय सुप्रिया सिंह डूब गई थी।
  • अप्रैल 2015 में राताखार नहर में डूब रही बच्चियों को बचाते हुए 15 वर्षीय रौनक सिंह डूब गया था।
  • सितंबर 2015 में मुड़ापार के अभिषेक सिंह व चिरंजीव की बायीं तट नहर में डूबने से मौत हुई थी।
  • अप्रैल 2016 में सीतामणी के पास नहर में किशोर अमर सिंह व शौकत दास महंत पानी के तेज बहाव में डूब गए थे।
  • मई 2017 में संजय नगर के पास नहर में नहाते समय 6 वर्षीय रोहित की बहने से मौत हो गई थी।
  • अक्टूबर 2017 में शहर के पंपहाउस क्षेत्र निवासी नीरज (12) की राताखार के पास नहर में डूबने से मौत हो गई थी।
  • मई 2018 में संजय नगर से सीतामणी के बीच नहर में डूबने से भावेश नामक किशोर की मौत हो गई थी। अप्रैल 2019 को नहर में नहाने गए 9 दोस्तों एक ही परिवार के दो किशोर जुनैद व शैजान की डूबकर मौत हो गई थी।
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