गोलीकांड का खुलासा:डीजल माफिया साजिद व साथी गोपू ने मिलकर सुमित के जांघ पर चलवाई थी गोली

काेरबाएक महीने पहले
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कुसमुंडा रेलवे साइडिंग में हुए गाेली कांड का मामला फर्जी निकला। पुलिस ने जाे खुलासा किया है, उसके मुताबिक डीजल माफिया साजिद और गाेपू पांडेय ने मिलकर साजिश रचकर अपने ही प्यादे सुमीत चाैधरी पर गाेली चलवाई थी। 10 दिन पहले 28 नवंबर की रात चकरभाठा (बिलासपुर) निवासी सुमीत चाैधरी अस्पताल में भर्ती हुआ था। उसने कुसमुंडा रेलवे साइडिंग के पास अशरफ खान, राजा खान और अभिषेक आनंद द्वारा रंजिश से पिस्टल से गाेली मारने की सूचना दी थी।

मामले में पुलिस ने उसी दिन सुमीत चाैधरी की रिपाेर्ट पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की एफआईआर दर्ज की। पुलिस काे जांच में मामला संदिग्ध लगा। बारीकी से जांच की तो मामला फर्जी निकला। एडिशनल एसपी के मुताबिक डीजल माफिया साजिद और उसके साथी गाेपू पांडेय ने गाेली कांड कर अशरफ खान, राजा खान व अभिषेक आनंद काे झूठे संगीन मामले में फंसाकर जेल भिजवाने की साजिश रची थी। बाद में केस में समझाैता कर पीड़ित का बयान बदलवाने 20 लाख वसूली की तैयारी थी। उक्त तीनाेंं से साजिद का लेन-देन का विवाद है। इसलिए यह साजिश रची थी।

इसमें साजिद के डीजल गिराेह में शामिल कमल अग्रवाल, काेमल पटेल, कालीचरण, गाैरव ठाकुर, अभिषेक, सुमीत चाैधरी व मुस्तकीम खान उर्फ मुस्सू शामिल थे। साजिश के तहत घटना की रात काे सुमीत चाैधरी, दूजराम व मुस्तकीम रेलवे साइडिंग पहुंचे, जहां मुस्तकीम ने पिस्टल से सुमीत चाैधरी की जांघ पर गाेली मारी और झाड़ियाें में प्रयुक्त पिस्टल फेंककर भाग गया। मामले में पुलिस ने पहले दर्ज केस में धारा 120 बी, 388, 182 व 211 भादवि जाेड़ते हुए आराेपी सुमीत चाैधरी व मुस्तकीम काे गिरफ्तार कर लिया है। गाेपू पांडेय और कमल अग्रवाल दूसरे मामलाें में जेल में पहले से बंद है। अब साजिद समेत अन्य फरार आराेपियाें की तलाश कर रही है। विवेचना करने वाली टीम को एसपी ने 10 हजार रुपए नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।

साक्ष्य मिले विपरीत, अपने बिछाए जाल मेें खुद फंसा
सीएसपी दर्री लितेश सिंह ने बताया कि उनके पर्यवेक्षण में विशेष टीम मामले में सभी बिंदुओं पर बारिकी से जांच कर रही थी। इसमें पता चला कि पीड़ित सुमीत चाैधरी हमेशा कार में आवाजाही करता है, लेकिन घटना दिनांक काे वह बुलेट में जा रहा था। सड़क से दूर घटनास्थल हाेने के बाद भी वहां जाने और पुलिस के इमरजेंसी नंबर की बजाए एसपी काे फाेन लगाकर सूचना देने से मामला संदिग्ध लगा। आगे जांच में परिस्थितिजन्य साक्ष्य दिए गए बयान से मेल नहीं खा रहे थे। वहीं जिन पर आराेप लगाया था, उनके परिजन ने घटना के समय उनके दूसरी जगह माैजूदगी का साक्ष्य प्रस्तुत किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाया ताे वह भी बताए गए घटना के विपरीत मिला।

चीना पांडेय से जुड़ा है साजिद का पूरा गिराेह
जिले में कई अपराध में शामिल और गरियाबंद जिले में अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा गया चीना पांडेय वर्तमान में जेल में बंद है। डीजल माफिया साजिद का गिराेह उससे जुड़ा है। इसलिए स्थानीय स्तर पर चीना का भाई गाेपू पांडेय डीजल चाेरी में उसका सहयाेगी था। सुमीत चाैधरी भी पहले चीना पांडेय के गैंग में काम कर चुका है। वर्तमान में उसका माेबाइल का उपयाेग भी कर रहा था। इस तरह सुमीता चाैधरी साजिद व गाेपू पांडेय का प्यादा है, जिसे गाेपू पांडेय ने जांघ में गाेली खाने और मुस्तकीम काे गाेली मारने के लिए तैयार किया।

खदान में डीजल चाेरी से जुड़ा है मामला
पुलिस के मुताबिक पहले के लेन-देन के विवाद के चलते गाेली कांड की साजिश रची गई, खुलासे के बाद आगे जांच जारी है। सूत्र बताते हैं कि गेवरा-दीपका खदान से डीजल चाेरी बंद हाेने के बाद करीब एक साल से बिलासपुर निवासी डीजल माफिया साजिद का अड्डा कुसमुंडा खदान हाे गया था। जिले में एसपी बदलते ही डीजल चाेरी पर अंकुश लग गया। इस बीच लाेकल गिराेह ने एक नेता के संरक्षण में डीजल चाेरी शुरू कर दी। साजिद का काम पूरी तरह बंद हाे गया। बाैखलाए साजिद ने अपने धंधे में राेड़ा बन रहे अशरफ, राजा खान व अभिषेक काे निपटाने और खदान से डीजल चाेरी में एकछत्र राज कायम रखने गाेपू पांडेय के साथ मिलकर पूरी साजिश रची।

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