टीककरण:बुजुर्ग पहाड़ी कोरवा 20 किमी पैदल चलकर वैक्सीन लगवाने पहुंचे

कोरबा8 महीने पहले
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  • लेमरू क्षेत्र के अरसेना और गढ़-उपरोड़ा में लक्ष्य से अधिक ग्रामीणों का हुआ टीकाकरण, ज्यादातर थे पहाड़ी कोरवा

शहरी क्षेत्र में रहने वाले ज्यादातर लोग अब भी कोरोना का टीका लगाने से घबराते हैं। ऐसे लोगों को सुदूर वनांचल में रहने वाले पहाड़ी कोरवा बुजुर्गों से सीख लेनी चाहिए जो 20 किमी पैदल चलकर शनिवार को लेमरू क्षेत्र के अरसेना और गढ़-उपरोड़ा के केंद्र में कोरोना टीका लगवाने पहुंचे।

जिससे क्षेत्र में टीकाकरण के पहले दिन ही अरसेना में 60 बुजुर्गों के टीकाकरण के लक्ष्य से ज्यादा 68 लोगों को टीका लगा। इसी तरह गढ़-उपरोड़ा में 60 की जगह 63 को टीका लगा। कोरबा विकासखंड अंतर्गत आने वाले वनांचल लेमरू क्षेत्र में अब तक कोरोना टीकाकरण की शुरूआत नहीं हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को अरसेना और गढ़-उपरोड़ा के हेल्थ सेंटर में टीकाकरण की शुरूआत की।

इसके लिए क्षेत्र के गांव में मुनादी करके सूचना दी गई। लेकिन स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद नहीं थी कि शहरी क्षेत्र की अपेक्षा वनांचल क्षेत्र के लोग टीका लगवाने में ज्यादा जागरूक होंगे। वह भी सबसे पिछड़े माने जाने वाले पहाड़ी कोरवा। लेकिन हुआ कुछ ऐसा जिससे शहरी क्षेत्र के लोगों को सीख लेनी चाहिए।

दरअसल अरसेना हेल्थ सेंटर से करीब 20 किमी दूर खम्होन गांव से पहाड़ी कोरवा जनजाति के करीब 50 लोग टीका लगवाने पहुंच गए। हालांकि नियमों के तहत उनमें से 35 बुजुर्गों को ही टीका लगाया जा सका। टीकाकरण दल ने बाकी को उनकी बारी आने पर टीका लगवाने आने के लिए कहा। साथ ही 28 दिन बाद बुजुर्गों को टीका का सेकेंड डोज लगवाने आने की जानकारी दी गई। गढ़-उपरोड़ा हेल्थ सेंटर में भी 20 पहाड़ी कोरवा बुजुर्गों ने पहुंचकर टीका लगवाया।

सरपंचों ने टीका लगवाकर किया जागरूक
पहले दिन टीकाकरण के दौरान पहाड़ी कोरवाओं व अन्य ग्रामीणों के अलावा डोकरमना पंचायत के सरपंच आलोक मिंज, देवपहरी पंचायत के सरपंच बंधन सिंह कंवर, लेमरू पंचायत के सरपंच आनंद राम मंझवार ने भी टीका लगवाया। इन सरपंचों ने टीका लगवाकर पंचायत में लोगों को जागरूक किया।

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