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डॉक्टर दो गुट में बंटे:मेडिकल कॉलेज में जूनियर को मोटा पैकेज, सीनियर्स को कम सैलरी से बिगड़ी बात

काेरबाएक महीने पहले
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जिला अस्पताल जो अब है मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल जो अब है मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल
  • हाॅस्पिटल के डीएमएफ और रेग्यूलर डाॅक्टराें के बीच तकरार, मरीजों पर पड़ रहा असर, डॉक्टरों ने अफसरों से की लिखित शिकायत

4 माह पहले अधिग्रहण के बाद मेडिकल काॅलेज हाॅस्पिटल बने जिला अस्पताल अब डाॅक्टराें के बीच तकरार से अखाड़ा बन गया है। दरअसल अस्पताल में डीएमएफ से 8 डाॅक्टर पदस्थ है जिन्हें माेटा पैकेज मिल रहा है। दूसरी ओर अस्पताल के रेग्यूलर व सीनियर डाॅक्टराें काे उनकी तुलना में 25-30 फीसदी वेतन मिल रहा है।

वेतन के इसी अंतर काे लेकर डाॅक्टर दाे गुट में बंट गए हैं। रेग्यूलर व सीनियर डाॅक्टराें द्वारा जूनियर डाॅक्टराें पर अपने विभाग के सभी कार्य नहीं करने के अलावा अन्य आराेप लगाते हुए उच्च अधिकारियाें से लिखित शिकायत की जा रही है। डाॅक्टराें के बीच इस तकरार के कारण ओपीडी व आईपीडी वार्ड में चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ रहा है जिससे मरीजाें की जान पर आफत बन गई है। जितना पैसा उतना काम की तर्ज पर जारी है तकरार: मेडिकल काॅलेज हाॅस्पिटल में डीन डाॅ. वायडी बड़गैय्या ने 26 जून काे आदेश जारी कर डाॅक्टराें काे एक समान कार्य की जिम्मेदारी दी। जिसमें सभी विभाग के प्रभारियाें काे ओपीडी में आने वाले मरीज जिनकाे भर्ती की आवश्यकता है उनकी भर्ती प्रक्रिया ओपीडी से ही सुनिश्चित करने और भर्ती मरीजाें काे डिस्चार्ज करने के अलावा मरीजाें की माैत हाेने पर मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी करने काे कहा।

सूत्राें के मुताबिक इस आदेश के बाद जूनियर व सीनियर डाॅक्टराें के बीच जितना पैसा उतना काम की तर्ज पर तकरार बढ़ गई। डीएमएफ के डाॅक्टराें काे माेटा पैकेज मिलने पर उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी देने की मांग दबे जुबां से उठने लगी। इसके बाद ही डाॅक्टराें की बीच तनातनी हाे गई है।

जितना पैसा उतना काम: अच्छी सैलरी लेने वाले 8 डॉक्टर एक ओर और बाकी डॉक्टर दूसरी तरफ

डीएमएफ के डाॅक्टराें की निजी प्रैक्टिस पर राेक
जिले के सरकारी अस्पतालाें में विशेषज्ञ डाॅक्टराें की कमी दूर करने के लिए डीएमएफ से 12 डाॅक्टराें की संविदा नियुक्ति हुई है। जिनमें से कई डाॅक्टर निजी क्लीनिक चला रहे थे ताे कई अन्य निजी क्लीनिक में पार्ट टाइम प्रैक्टिस कर रहे थे। डीएमएफ सेवा से बर्खास्त डाॅ. अशाेक माखीजा के अपने निजी क्लीनिक में सरकारी टीका बेचने का मामला उजागर हाेने के बाद अब मंगलवार काे सीएमएचओ डाॅ. बीबी बाेडे ने डीएमएफ से नियुक्त डाॅक्टराें के सेवा शर्त के तहत निजी प्रैक्टिस पर राेक का आदेश जारी किया है।

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