पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

पितृमोक्ष अमावश्या आज:आज दी जाएगी पितरों को विदाई

कोरबा3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • अंतिम दिन पूर्वजों के मोक्ष की कामना करेंगे

पितृ पक्ष के दौरान हर दिन सुबह लोगों ने अपने पितरों के निमित्त तर्पण कर रहे हैं। घरों व कई अन्य स्थानों पर पिंडदान व श्राद्ध आदि कर्म किए जा रहे हैं। जलार्पण, पिंडदान व श्राद्ध का यह सिलसिला 17 सितंबर को सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के साथ पूर्ण होगा। पितरों को जलांजलि देने तर्पण की क्रिया लोग सुबह शुरू कर दे रहे हैं। हसदेव नदी के साथ कई लोग तो अपने घरों में भी तर्पण कर रहे हैं। यहां पितृभ्यो नम: आदि मंत्र जाप के बीच तर्पण व अन्य कर्मकांड हो रहे हैं। पितृमोक्ष अमावस्या पर गुरुवार को लोग जौ, तिल व कुशा से पितरों को जल व भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देंगे। कोरोना संक्रमण के कारण लोग अपने अपने घर में ही श्राद्ध का विधान पूर्ण करेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष अश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ते हैं। इसकी शुरुआत पूर्णिमा तिथि से होती है और समापन अमावस्या पर होता है। अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक हर साल सितंबर के महीने में पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। आमतौर पर पितृ पक्ष 16 दिनों का होता है लेकिन इस साल 1 सितंबर से शुरू हो कर 17 सितंबर को खत्म हो रहा है। इस बार पितृपक्ष के समापन के बाद शुरू होने वाली आदिशक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र मलमास के कारण एक माह बाद शुरू होगा।

पितृ पक्ष का महत्व
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद मृत व्यक्ति का श्राद्ध किया जाना जरूरी माना गया है। माना जाता है कि यदि श्राद्ध न किया जाए तो मरने वाले व्यक्ति की आत्मा को मोक्ष नहीं मिलता है। वहीं ये भी कहा जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध करने से वो प्रसन्न हो जाते हैं और उनकी आत्मा को शांति मिलती है।

0

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज उन्नति से संबंधित शुभ समाचार की प्राप्ति होगी। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में भी कुछ समय व्यतीत होगा। किसी विशेष समाज सुधारक का सानिध्य आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करेगा। बच्चे त...

और पढ़ें