पुरुषों से ज्यादा जुटी महिलाएं:पानी के लिए 3 गांव के लाेगाें ने सुराकछार खदान घेरा, गेट के सामने ट्रैक्टर अड़ा ढाई घंटे किया जाम

काेरबा19 दिन पहले
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  • माकपा के साथ मांेगरा, पुरैना और बांकी बस्ती के ग्रामीणों ने किया आंदाेलन

पानी की समस्या से परेशान बांकीमाेंगरा अंतर्गत पुरैना, मड़वाडाेढ़ा और बांकी बस्ती गांव के लाेगाें ने गुरुवार काे एसईसीएल के सुराकछार खदान का घेराव कर दिया। माकपा पार्षद रामकुमारी कंवर के नेतृत्व में किए गए इस आंदाेलन में पानी की समस्या काे लेकर गुस्साए लाेगाें ने खदान के मेनगेट के सामने ट्रैक्टर खड़ा कर रास्ता जाम कर दिया और पास में ही ग्रामीणाें ने एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने लगे।

करीब ढाई घंटे तक गेट के सामने प्रदर्शन चलता रहा। इसके बाद अफसराें ने माकपा प्रतिनिधियाें काे चर्चा के लिए बुलाया। पानी की समस्या दूर करने प्रबंधन की और से दिए गए आश्वासन के बाद लाेगाें ने आंदाेलन खत्म किया। ग्रामीणाें के आंदाेलन के चलते ढाई घंटे तक खदान के मेनगेट से आना-जाना बंद हाे गया था। इससे प्रबंधन की परेशानी बढ़ गई थी। इधर ग्रामीणाें ने फिर से चेतावनी दी है कि अगर आश्वासन के बाद भी 10 दिन में पानी समस्या दूर नहीं हाेती है ताे वे चक्काजाम करेंगे। इस दाैरान माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर के अलावा संगठन के जिला सचिव प्रशांत झा, किसान सभा के नेता जवाहर सिंह कंवर, दीपक, दिलीप दास, संजय, कृष्णा दास, संतोषी महंत, हीरा सिंह, आनंद मोहन, गुलाब बाई, रामायण बाई, विमला, पूर्णिमा, विजय, भरत, बैशाखू राम चौहान, सुराज सिंह, अजयकुमार, करमपाल, विजय, भरत व अन्य उपस्थित रहे।

शिकायत पर भी समस्या की अनदेखी, इसलिए आंदाेलन
बांकीमाेंगरा खदान बंद हाे चुकी है। खदान जब चालू थी, तब खनन प्रभावित क्षेत्र के लाेगाें काे प्रबंधन खदान का पानी पाइप लाइन के जरिए गांवाें तक पहुंचा था। लेकिन खदान बंद हाेने से अब पाइप लाइन के जरिए प्रभावित गांवाें तक पानी आपूर्ति बंद कर दी है। इसे लेकर प्रबंधन काे ग्रामीणाें ने कई बार शिकायत की, लेकिन पहल नहीं हाेने से नाराज लाेगाें ने गुरुवार काे सुराकछार खदान के सामने आंदाेलन कर दिया।

पानी नहीं मिलने से निस्तारी व खेती का काम प्रभावित
संतरा बाई, गनेशी बाई, लक्ष्मीन यादव ने कहा भूमिगत खदानाें के चलते जलस्तर गिर चुका है। गांवाें में पीने के पानी से लेकर निस्तारी और खेती-किसानी के काम में दिक्कत है। माकपा नेता प्रशांत झा ने कहा कि खदान चालू रहने पर 40 साल तक किसी तरह से गांव काे पानी मिल रहा था। इससे किसी तरह सभी काम हाे जा रहे थे, लेकिन अब प्रबंधन ने प्रभावित गांवाें की बड़ी समस्या की ओर ध्यान देना ही बंद कर दिया।

प्रबंधन ने लिखित में दिया आश्वासन, आज से पानी सप्लाई की काेशिश
संगठन ने कहा आंदाेलन से प्रबंधन दबाव में आया है। इसलिए समस्या दूर करने लिखित में आश्वासन दिया है। प्रबंधन की ओर से कहा है कि शुक्रवार से गांवाें में कैसे पानी आपूर्ति हाे सकती है। इसके लिए काेशिश करने की बात कही है। एक सप्ताह में पहले की तरह पाइप लाइन से गांवाें में पानी सप्लाई के लिए प्रयास करेंगे। गांवाें में पानी समस्या काे देखते हुए टैंकराें का फेरा बढ़ाएंगे। माइंस एरिया से जहां पानी का स्टाेरेज अधिक है, वहां बाेर कराने का आश्वासन भी प्रबंधन की ओर से दिया है। चर्चा में प्रबंधक प्रभारी उप क्षेत्रीय प्रबंधक संजय कुमार, रमेश कुमार, रोहित श्रीवास्तव व अन्य अधिकारी थे।

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