अब और सख्ती:लापरवाही से घर या बीच रास्ते में मरीज की मौत हुई तो डॉक्टर व मॉनिटरिंग दल पर होगी कार्रवाई

काेरबा6 महीने पहले
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  • ऑक्सीजन लेवल 90 पहुंचने पर संक्रमिताें काे भर्ती कराएंगे
  • हाेम आइसाेलेशन में इलाज करा रहे मरीजाें की जान बचाने कवायद, माॅनिटरिंग दल काे सतर्कता बरतने के निर्देश

हाेम आइसाेलेशन में रहते हुए गंभीर हाेने के बाद अस्पताल पहुंचाए गए ज्यादातर मरीजाें की माैत हाे रही है। प्रशासन अब ऐसे मरीजाें की जान बचाने कवायद में जुट गया है। इसके तहत अब ऑक्सीजन लेवल 90 पहुंचने पर संक्रमिताें काे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।

लापरवाही के कारण घर या बीच रास्ते में मरीज की माैत हाेने पर डाॅक्टर समेत आइसोलेशन माॅनिटरिंग दल पर कार्रवाई की जाएगी। जिले में काेराेना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इस कारण संक्रमिताें की संख्या 1 हजार से पार हाेने लगी है। ज्यादा संख्या में संक्रमिताें के मिलने से गंभीर मरीजाें काे ही अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। बाकी सभी संक्रमित काे हाेम आइसाेलेटेड किया जा रहा है। ऐसे मरीजाें की सेहत पर निगरानी के लिए डाॅक्टर नियुक्त किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियाें का माॅनिटरिंग दल बनाया गया है।

बावजूद इसके हाेम आइसाेलेटेड मरीजाें की बेहतर निगरानी नहीं हाे रही है। इस कारण हाेम आइसाेलेटेड मरीजाें का ऑक्सीजन लेवल बहुत कम हाेने पर अस्पताल पहुंचाया जाता है। तब तक हालत बिगड़ने की वजह से ज्यादातर मरीजाें की माैत हाे रही है। इसके मद्देनजर कलेक्टर किरण काैशल ने अब होम आइसोलेटेड मरीजाें काे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की है। इसके लिए डाॅक्टर व माॅनिटिरिंग दल के अधिकारियाें काे मरीजाें की अतिरिक्त निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

इसमें मरीजों का आॅक्सीजन, तापमान और स्वास्थ्य स्थिति का जायजा लगातार लेने और ऑक्सीजन लेवल 90 हाेने पर मरीज काे तत्काल अस्पताल दाखिल कराने काे कहा है। उन्हाेंने कहा कि किसी भी स्थिति में हाेम आइसाेलेटेड मरीजाें की माैत नहीं हाेनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि मरीजों के आॅक्सीजन लेवल कम होने लगे या उनकी तबियत बिगड़ने लगे तो तत्काल उन्हें आॅक्सीजन बेड वाले कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया जाए। मरीज की घर पर या अस्पताल लाते समय रास्ते में माैत हाेने पर संबंधित डाॅक्टर और अन्य अधिकारियाें की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए डाक्टरों, पंचायत सचिवों, पटवारी और राजस्व अधिकारियों को ऐसे मामलों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

मरीज में दिखे गंभीर लक्षण ताे देवें सूचना

हाेम आईसाेलेटेड मरीजाें की निगरानी के लिए प्रशासन ने व्यवस्था की है। जिसमें होम आईसोलेशन की संपूर्ण अवधि के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी प्रतिदिन होम आईसोलेटेड मरीज के अटेंडेंट से फोन के माध्यम से सम्पर्क रहेगा। लेकिन परिजन काे भी काेविड प्राेटाेकाॅल का पालन करते हुए ध्यान रखना चाहिए। साथ ही मरीज काे सांस लेने मे परेशानी, सीने मे दर्द, होठ या चेहरे का नीला पड़ना जैसे गंभीर लक्षण दिखे ताे सूचना देना चाहिए। जिससे अविलंब मरीज काे काेविड अस्पताल या काेविड केयर सेंटर में भर्ती कराया जा सकें।

संक्रमण से बचाने कंटेनमेंट जाेन में घर-घर होगा सर्वे

जिले में कंटेनमेंट जाेन घाेषित क्षेत्र में सर्दी-खांसी और बुखार वाले मरीजों को संक्रमण से बचाने दवा दी जाएगी। इसके लिए घर-घर सर्वे होगा। कलेक्टर ने पाेड़ी-उपराेड़ा ब्लाॅक के दाैरे के दाैरान यह निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा ब्लाॅक के सभी 67 कंटेनमेंट जाेन घाेषित गांव में घर-घर सर्वे कर एक्टिव सर्विलांस तेज करें। ताकि सर्दी-खांसी, बुखार सहित कोरोना जैसे लक्षण वालों की पहचान हाे। ताकि उनकी जांच कर दवाइयाें के किट दे सकें। ऐसे मरीजाें की जांच रिपाेर्ट आने तक उन्हें क्वारेंटाइन सेंटर में रखें। रिपाेर्ट पाॅजिटिव आने पर मरीजाें के उम्र व संक्रमण के अनुसार हाेम व आइसाेलेशन सेंटर या कोविड अस्पताल भेजा जाएगा।

डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी दवाइयां

जिले में संक्रमण बढ़ने की एक वजह यह मानी जा रही है कि लाेग सर्दी-खांसी-बुखार हाेने पर जांच कराने की बजाय बाहर इलाज या मेडिकल स्टाेर से दवा लेकर खा रहे हैं। इसके लिए कलेक्टर किरण काैशल ने निर्देश देते हुए मेडिकल स्टाेर से सीधे दवा खरीदने वाले लाेगाें की जानकारी लेकर उनकी जांच कराने काे कहा है। ऐसे लाेगाें के घर सर्वे दल पहुंचेगा। दवा खरीदने के संबंध में जानकारी लेते हुए कोरोना संबंधी जांच कराया जाएगा। काेराेना के लक्षण हाेने पर इलाज भी किया जाएगा। इसके लिए मेडिकल स्टाेर संचालकाें काे बिना डाॅक्टरी पर्ची सर्दी-खांसी-बुखार की दवा खरीदने वाले लोगों के नाम, पते, मोबाइल नंबर का रिकार्ड रखने कहा है।

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