नई व्यवस्था:उरगा से गेवरारोड से बीच नई रेल लाइन, क्राॅसिंगों पर दबाव होगा कम

कोरबा2 महीने पहले
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उरगा से गेवरारोड, कुसमुुंडा को जोड़ने रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसका सर्वे काफी पहले हो चुका है। इस रेललाइन के अस्तित्व में आते ही उरगा रेलवे स्टेशन का ओहदा बढ़ जाएगा। इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इसका फायदा यह होगा कि शहर की रेलवे क्राॅसिंगों पर हर 15-20 मिनट में गुजरने वाली मालगाड़ी के कारण बंद रहने से लोगों को होने वाली परेशानी से निजात मिल जाएगी।

इस परियोजना से कोरबा स्टेशन और शहर के बीच से सिर्फ यात्री ट्रेन गुजरेंगी और नदी उस पार आने-जाने वाली मालगाड़ी उरगा रेलवे स्टेशन से सीधे गेवरारोड पहुंचा करेगी। हालांकि इसके लिए गेवरारोड पेंड्रारोड और धरमजयगढ़ उरगा रेल कॉरिडोर को पूरा होने तक इंतजार करना पड़ेगा।

रेलवे के एक अधिकारी की मानें तो वर्ष 2024 तक इन परियोजनाओं काे पूरा कर लिया जाएगा। इसे देखते हुए सेतुनिगम, पीडब्ल्यूडी व रेलवे संयुक्त रूप से उरगा रेलवे फाटक पर 600 मीटर लंबाई वाला फ्लाई ओवरब्रिज का काम करा रहे हैं। फ्लाईओवर बनने से उरगा फाटक पर लंबे समय तक इंतजार करने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी।

बंट जाएगा कोल डिस्पैच का क्षेत्र, दबाव होगा कम
धरमजयगढ़ से एक रेल लाइन उरगा रेलवे स्टेशन से जुड़ेगी। उरगा से परियोजना की दूसरी रेल लाइन कुसमुंडा से जुड़कर गेवरा-दीपका, बांकीमोंगरा, कटघोरा, जटगा, पसान से पेण्ड्रारोड से जुड़ेगी। हावड़ा रूट पर जाने वाली गुड्स ट्रेनें धरमजयगढ़ से पास होने लगेंगी तो नागपुर की ओर जाने वाली गुड्स ट्रेनें चांपा व बिलासपुर होकर निकलंेगी। कटनी रूट की गुड्स ट्रेन पेण्ड्रारोड होकर चलेंगी। धरमजयगढ़ से कटनी रूट की गुड्स ट्रेनों को भी उरगा स्टेशन से पेण्ड्रा के रास्ते पास किया जाएगा।

दिन भर में 7 मालगाड़ियां ही आएंगी शहर की ओर
नई व्यवस्था के बाद शहर में वही मालगाड़ी आएंगी, जो बालको और सीएसईबी पूर्व, डीएसपीएम संयंत्र को कोयला आपूर्ति करेगी। इन दोनों संयंत्रों में रोजाना 5 से 7 मालगाड़ी ही आती है, जबकि शहर के बीच से दौड़ने वाली हर दिन करीब 35 मालगाड़ी कुसमुंडा से सीधे उरगा जाती है, फिर वहां से कटनी रूट पर आगे जाएगी। इससे संजयनगर, पवन टाॅकीज रेलवे क्राॅसिंग दबाव मुक्त हो जाएगा।

रूट पर यात्री ट्रेनों की मिलेगी सुविधा: रंजन
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के सीपीआरओ साकेत रंजन के अनुसार दोनों रेल काॅरिडोर परियोजनाएं पूरी होने पर यात्रियों की सुविधाएं बढ़ जाएंगी। लोगों की जरूरतों और डिमांड को देखते हुए उक्त रूट पर यात्री ट्रेनों को भी चलाया जा सकेगा, फिलहाल इसके लिए क्षेत्र के लोगों को इंतजार करना पड़ेगा।

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