पहली तिमाही का लेखा-जोखा:पावर कंपनी लक्ष्य से पिछड़ी लेकिन जिले के प्लांटों का टारगेट हुआ पूरा

कोरबाएक वर्ष पहले
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  • मड़वा में एक यूनिट बंद होने से कुल उत्पादन पर पड़ा असर

वित्तीय वर्ष 2020- 2021 के पहले तिमाही में छत्तीसगढ़ राज्य पावर जेनरेशन कंपनी अपने उत्पादन लक्ष्य से पिछड़ गई है। लेकिन जिले में कंपनी के बिजली प्लांटों ने अपने लक्ष्य से अधिक बिजली उत्पादन किया है। मड़वा प्लांट में एक यूनिट पिछले कई माह से बंद है इसका असर कंपनी के कुल उत्पादन लक्ष्य पर पड़ा है। कंपनी के लिए चालू वित्तीय वर्ष में पहले तिमाही अप्रैल से जून के बीच 5223 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन कंपनी लक्ष्य के मुकाबले 4590 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर पाई है। कोरबा पूर्व बिजली प्लांट की उत्पादन क्षमता वर्तमान में 240 मेगावाट है। प्लांट ने तिमाही लक्ष्य 190 मिलियन यूनिट के मुकाबले अब तक 335.33 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया है। इसी तरह 500 मेगावाट के डीएसपीएम प्लांट के लिए 858 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया था। इसे पूरा करते हुए प्लांट ने 926. 66 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया।

कन्वेयर बेल्ट से एक दिन में रिकॉर्ड कोयला आपूर्ति
खदान में हड़ताल होने के बाद भी एचटीपीपी को कोयला आपूर्ति बाधित नहीं हो सकी। प्लांट में 4 जुलाई को एक दिन में ही कन्वेयर बेल्ट से 32,200 टन कोयला सप्लाई किया गया। इसके साथ ही सर्वाधिक सप्लाई का नया रिकॉर्ड भी बना। अभी तक अधिकतम 29 हजार टन कोयला आपूर्ति का रिकॉर्ड था। रोड सेल की गाड़ियां नहीं चलने से कुसमुंडा से एचटीपीपी को ज्यादा कोयला भेजा गया था।

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