शहर की 4.50 लाख आबादी पर असर:बिजली और पानी बिल में रीडिंग का खेल, एक साथ रीडिंग लेने से बढ़ रही यूनिट

कोरबा10 दिन पहले
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इस तरह घरों में आ रहा गंदा पानी। - Dainik Bhaskar
इस तरह घरों में आ रहा गंदा पानी।
  • सुधार करने अफसर नहीं देते ध्यान, यूनिट के आधार पर बना स्लैब, यूनिट बढ़ने पर 80 पैसे से एक रुपए तक बढ़ रही दर

शहर के लोगों को अब बिजली और पानी का बिल स्पाट बिलिंग के आधार पर दिया जा रहा है। ठेका कर्मी कई क्षेत्रों में घर बैठे ही बिल बना देते हैं या फिर एक-दो महीने तक एवरेज बिल भेजने के बाद रीडिंग लेते हैं। इससे यूनिट बढ़ जाती है। यूनिट बढ़ने से दर में भी वृद्धि होती है।

बिजली और पानी के लिए खपत के आधार पर टैरिफ बना है। इसी से उपभोक्ताओं के जेबें ढीली की जा रही हैं, जिसका सीधा असर शहर के साढ़े चार लाख की आबादी पर पड़ रहा है। बिल में सुधार के लिए उपभोक्ता या ताे दफ्तर तक नहीं पहुंचते या फिर पहुंचते हैं ताे सुधार नहीं हाे पाता। बिजली विभाग में कर्मचारियों की कमी को देख 5 साल से स्पॉट बिलिंग ठेका कर्मियों के माध्यम से कराई जा रही है। मशीन से मीटर की रीडिंग लेकर मौके पर ही बिल देते हैं। पहले बिजली कर्मचारी रीडिंग लेने आते थे। उसके कुछ दिन बाद ही बिल बांटा जाता था। इसी तरह अब नगर निगम ने भी ठेका कंपनी को सभी 67 वार्डों में वाटर मीटर लगाकर स्पॉट बिलिंग से बिल भेजने अनुबंध किया है। कई क्षेत्रों में यह शिकायत आ रही है कि एक साथ 6 से 7 महीने का रीडिंग लेकर बिल भेजा जा रहा है। इसकी वजह से बिल बढ़ा हुआ है।

जानिए... लोगों को किस तरह की हो रही परेशानी

बिना रीडिंग के भेजा 65 हजार का बिल: संतोष
सीतामढ़ी के संतोष कुमार ने बताया कि लंबे समय से रीडिंग ही नहीं ली जा रही है। अब 65 हजार रुपए का बिल भेज दिया गया है। सुधार भी नहीं हो रहा है।

सात महीने का एक साथ भेज दिया बिल: प्रेमदास
भैरोताल के प्रेमदास ने बताया पहले जब पानी आपूर्ति की टेस्टिंग चल रही थी, उस समय कहा गया था कि इसका बिल नहीं आएगा। मगर अब एक साथ 7 महीने का बिल भेज दिया गया है।

खराब पानी आने के बाद भी भेज दिया बिल: मुकेश
वार्ड क्रमांक 57 के मुकेश ने बताया जब टेस्टिंग हो रही थी, तो नल में खराब पानी आ रहा था। उसका भी बिल भेज दिया है। पहले बिजली बिल से परेशान थे, अब पानी क बिल ने भी परेशानी बढ़ा दी है।

लगवा रहे शिविर: शर्मा
नगर निगम के अपर आयुक्त अशोक शर्मा ने कहा बिल में सुधार के लिए शिविर लगाया गया था। अगर और कोई तकनीकी शिकायत है तो जोन स्तर पर सुधार कराया जा सकता है।

फोटो खींच सुधार की सुविधा
बिजली वितरण विभाग के अधीक्षण अभियंता अश्वनी गोपावार ने कहा अगर रीडिंग में गड़बड़ी है तो मीटर की फोटो खींचकर सुधरवा सकते हैं। मोर बिजली एप का उपयोग कर अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। बिल में सुधार किया जा रहा है।

समझिए... किस तरह लोगों की जेब हो रही ढीली
अगर आप 100 यूनिट बिजली इस्तेमाल करते हैं ताे 3 रुपए 60 पैसे की दर पर बिल बनेगा। अगर 5 माह बाद रीडिंग होती है, तो 500 यूनिट का बिल 6 रुपए 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से बनेगा। पानी की खपत अगर बढ़ी तो एक-एक रुपए यूनिट के हिसाब से बिल बढ़ता ही जाएगा।

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