पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

हफ्तेभर में काेराेना के केस कम:राहत, काेविड अस्पतालाें में नार्मल-ऑक्सीजन बेड हाेने लगे खाली

काेरबाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कोविड अस्पताल में इस तरह नॉर्मल बेड है खाली - Dainik Bhaskar
कोविड अस्पताल में इस तरह नॉर्मल बेड है खाली
  • गंभीर मरीजाें से एचडीयू-आईसीयू और वेंटिलेटर बेड अभी भी फुल, 10-15 दिन बाद स्थिति बदलने की उम्मीद, लॉकडाउन से मिला फायदा

जिले के लिए यह सप्ताह सुखद रहा, क्याेंकि पिछले 4 सप्ताह हाेता जा रहा काेराेना संक्रमण इसी दाैरान कम हुआ। या यूं कहे ताे काेराेना संक्रमण एक माह पहले की स्थिति पर पहुंचा। 5 मई की तुलना में 11 मई काे नए संक्रमिताें मरीजाें की संख्या करीब 60 फीसदी कम रही। इसके साथ ही काेविड अस्पतालाें में भी काेराेना केस कम पहुंच रहे हैं।

इससे हफ्तेभर में नार्मल और ऑक्सीजन वाले बेड लगातार खाली हाे रहे हैं। बुधवार की स्थिति में काेविड अस्पतालाें में करीब 80 प्रतिशत नार्मल बेड और 23 प्रतिशत ऑक्सीजन बेड खाली रही। हालांकि एचडीयू-आईसीयू के बेड समेत वेंटिलेटर गंभीर मरीजाें से लगभग फुल चल रहे हैं। काेविड अस्पताल के एक डाॅक्टर के मुताबिक गंभीर मरीजाें के सुधार में 10-15 दिन से अधिक का समय लग रहा है। इस दाैरान उन्हें एचडीयू-आईसीयू बेड या वेंटिलेटर पर रखना पड़ता है। इसलिए ये बेड जल्दी खाली नहीं हाे रहे हैं। हालांकि गंभीर स्थिति में नए मरीजाें के पहुंचने की सूचना पर पहले से भर्ती गंभीर मरीजाें की हालत देखी जाती है। किसी के सामान्य हाेने की स्थिति में उन्हें ऑक्सीजन बेड में शिफ्ट कर नए मरीज के लिए व्यवस्था बनाई जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक अगले 10 से 15 दिनों में संक्रमण घटने से स्थिती बहुत बदल जाएगी।

42 नार्मल बेड का उपयाेग बदला, 9 वेंटिलेटर बढ़ गए
जिले में गंभीर मरीजाें के लिए ऑक्सीजन बेड समेत एचडीयू-आईसीयू बेड की कमी काे देखते हुए एक सप्ताह के दाैरान अलग-अलग काेविड अस्पतालाें काे मिलाकर 42 नार्मल बेड काे इमरजेंसी केस के लिए बदल दिया गया। इसमें 20 ऑक्सीजन बेड बनाए गए। 17 एचडीयू और 5 आईसीयू बेड बनाए गए। वहीं मरीजाें काे वेंटिलेटर की ज्यादा जरूरत काे देखते हुए 9 बढ़ाए गए। इससे वेंटिलेटर की संख्या 29 से बढ़कर 38 हाे गई है।

काेविड प्राेटाेकाॅल का पालन करते रहें, कम हाेगा संक्रमण
काेरबा के मेडिकल काॅलेज डीन डाॅ. वायडी बड़गैय्या के मुताबिक करीब एक माह से लगे लाॅकडाउन के साथ ही जिला प्रशासन के ट्रेसिंग और टेस्टिंग बढ़ाने की वजह से एक सप्ताह के दाैरान काेराेना केस कम हुए हैं। लेकिन अभी भी काेराेना संक्रमण का खतरा बना हुआ है। लाेग काेविड प्राेटाेकाॅल का पूर्णत: पालन करते रहें। साथ ही ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन कराए ताे काेराेना संक्रमण अगले कुछ दिनाें में कम हाे जाएगा।

खबरें और भी हैं...