सेंट जेवियर की पुस्तकें जब्त, कार्रवाई की अनुशंसा:शिकायत पर जांच करने पहुंची शिक्षा विभाग की टीम के साथ स्कूल के स्टाफ ने की थी बहस

कोरबा6 महीने पहले
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सेंट जेवियर पब्लिक स्कूल प्रबंधन लॉकडाउन के बीच स्कूल खोलकर वहां पढ़ने वाले छात्रों को अभिभावकों को बुलाकर नए सेशन की पुस्तकें उपलब्ध करा रहा था। इसकी शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तीन प्राचार्यों की एक टीम बनाकर मौके पर भेजा था। टीम ने मौके पर बेचने के लिए रखी गई पुस्तकों को जब्त करते हुए पंचनामा की कार्रवाई की। इस दौरान टीम के सदस्यों के साथ प्रबंधन की नोकझोंक भी हुई। शिक्षा विभाग की टीम ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें बंधक बनाया गया था।

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय ने बताया कि लाकडाउन के दौरान स्कूल खोलना ही गलत है। ऊपर से पालकों को बुलाकर किताबें बेची जा रही थी। जिसकी शिकायत उन्हें मिली थी। जिसके आधार पर स्कूल प्रबंधन द्वारा बेचने के लिए रखी गई किताबों को जब्त कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए स्कूल प्रबंधन को नोटिस दी गई है। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मान्यता रद्द करने के लिए अनुशंसा की जाएगी। जल्द ही इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।

संतोषजनक जवाब नहीं तो करेंगे कार्रवाई की अनुशंसा : डीईओ

जिला शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय ने कहा कि स्कूल प्रबंधन नियम विरुद्ध स्कूल में किताब बिक्री कर रहा था। इसकी तस्दीक जांच करने पहुंची टीम ने की है। प्रबंधन को नोटिस दी गई, संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो स्कूल की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी।

अभिभावकों ने किया था आग्रह, बंधक बनाने की बात गलत : उपप्राचार्य

​​​​​​​सेंट जेवियर पब्लिक स्कूल के उप प्राचार्य डीके आनंद ने कहा कि शिक्षा विभाग की टीम द्वारा बंधक बनाने का लगाया गया आरोप गलत है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अभिभावकों ने पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। बैठक में उनकी सहमति भी ली गई है। इसमें स्कूल की ओर से कोई गलत नहीं किया गया है।

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