साप्ताहिक ट्रेन को शुरू करने की मांग:शिवनाथ और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को कोरबा तक चलवाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा

कोरबाएक वर्ष पहले
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  • रेल संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल मिला बिलासपुर सांसद अरुण साव से

रेल सुविधाओं में विस्तार की मांग को लेकर रेल संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को सांसद अरुण साव को ज्ञापन सौंपा। इसमें शिवनाथ व छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को कोरबा तक चलवाने, कोरबा से राउरकेला के बीच इंटरसिटी या फास्ट मेमू चलाने, कोरबा-बीकानेर-कोरबा द्वि-साप्ताहिक ट्रेन को शुरू करने की मांग रखा गया है।

रेल सुविधाओं में विस्तार की मांग को लेकर जिले में लगातार बात सामने आ रही हैं। वहीं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी यात्रियों के हितों से जुड़ी मांगों को लेकर पहल करने की बात की जा चुकी हैं। जनप्रतिनिधियों की कमजोरी कहें या उनकी अरुचि इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यूपी, बिहार, उड़ीसा सहित अन्य राज्यों में जहां संक्रमण की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है। वहां तेजी से बंद ट्रेनों को पटरी पर लाया जा रहा है, ठीक इसके विपरीत प्रदेश में खासकर कोरबा जिले में ट्रेनों की बहाली हो रही है। जो ट्रेनें चल रही हैं उनमें स्पेशल के नाम पर अधिक किराया देने के लिए लोगों को मजबूर होना पड़ रहा है। लंबे समय बाद भी शिवनाथ व छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को कोरबा तक नहीं लाया जा सका है। ये गाड़ियां बिलासपुर में ही समाप्त हो जाती हैं। प्रतिनिधि मंडल में रेल संघर्ष समिति के रामकिशन अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, आशीष गुप्ता, अंकित सावलानी, तुषार अग्रवाल शामिल थे।

बंद ट्रेनों को शुरु करने अधिकारियों से बात करेंगे: साव
सांसद अरुण साव ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते सबसे ज्यादा प्रभाव रेलवे पर पड़ा है। अब कोरोना की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। इसलिए कोरबा, बिलासपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में बंद ट्रेनों को शुरू करने का प्रयास तेजी से चल रहा है। पहलवे से कोरबा तक चलने वाली गाड़ियां जो अभी बंद हैं, उन्हें शुरू करने के लिए रेलवे के अधिकारियों से बात करेंगे। साव ने बताया कि बिलासपुर डिवीजन का चकरभाठा व बिल्हा स्टेशन टर्मिनल के रूप में विकसित होगा। इसकी कार्ययोजना बनाने कहा गया है।

हसदेव एक्सप्रेस नियमित चले तो मिलेगा फायदा
रेल संघर्ष समिति के प्रमुख रामकिशन अग्रवाल ने बताया कि हसदेव एक्सप्रेस कोरबा के लोगों के लिए काफी सुविधाजनक ट्रेन है। लेकिन रेल प्रबंधन इस गाड़ी को सप्ताह में 4 दिन ही चला रहा है। जिस दिन कोरबा के लोगों को इस ट्रेन की अधिक जरूरत होती है, उस दिन यह ट्रेन नहीं चल रही है। रेल प्रबंधन इस ट्रेन को पहले की तरह नियमित रुप से चलाये। इससे क्षेत्र के यात्रियों की परेशानी दूर हो सकेगी साथ ही रेलवे को राजस्व के रूप में इसका फायदा होगा।

आंदोलन की चेतावनी
रेल संघर्ष समिति अपनी मांगों को लेकर लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। जिले के लोगों की परेशानियों को देखते हुए एआरएम कोरबा के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा गया है। जिसमें नई ट्रेनों के साथ पुरानी बंद ट्रेनों को चलाने की बात कही गई है। इस मांग पत्र में समिति ने चेतावनी दी है। अगर रेल प्रबंधन की ओर से उचित निर्णय नहीं लिया जाएगा, तो समिति बड़ा आंदोलन करने बाध्य होंगे। इसके लिए रेल प्रबंधन जिम्मेदार होगा।

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