शासन की पहल से मिलेगा लाभ:भाड़ा क्रय योजना से 3 माह में मिलेगा भवन का आधिपत्य, देनी होगी 30 फीसदी की राशि

कोरबा2 महीने पहले
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अटल विहार कालोनी उरगा में बोर्ड का दफ्तर। - Dainik Bhaskar
अटल विहार कालोनी उरगा में बोर्ड का दफ्तर।
  • शासन की मंजूरी पर हाउसिंग बोर्ड ने जारी किया आदेश, जिले में दीनदयाल आवास बरबसपुर के 25 व अटल आवास कॉलोनी उरगा के 133 रिक्त मकानों को खरीदने पर मिलेगा लाभ

हाउसिंग बोर्ड की जिले में एक दर्जन से अधिक आवासीय काॅलोनियां हैं। शासन की ओर से लागू भाड़ा क्रय योजना का लाभ 14 साल पुरानी हो चुकी दीनदयाल आवास योजना में बरबसपुर बने एलआईजी-जी-3 फ्लैट्स व 5 साल पुरानी अटल आवास काॅलोनी उरगा के रिक्त मकानों को खरीदने पर ही मिलेगा।

यहां के रिक्त मकानों को पाने के लिए मकान की लागत की 35 प्रतिशत राशि जिसमें 5 फीसदी पंजीयन शुल्क तो 30 फीसदी राशि 3 माह के अंदर देने पर मकान खरीदने वाले हैंडओवर ले सकेंगे। भाड़ा क्रय योजना का लाभ 11 साल पहले रामपुर काॅलोनी में बने व्यावसायिक काम्पलेक्स के रिक्त दुकानों व हाल को खरीदने पर भी मिलेगा। यह निर्णय जुलाई में संचालक मंडल की ओर से सर्वसम्मति लिया गया। जिसमें कहा गया है कि लंबे समय से रिक्त चिन्हांकित आवासीय, व्यवसायिक संपत्तियों को एकमुश्त आधार योजना के तहत बेस रेट पर विक्रय व विशेष भाड़ाक्रय योजना लागू करने अनुमति दी है। इस योजना के लागू होने से हाउसिंग बोर्ड को यह उम्मीद है कि लंबे समय के खाली मकानों के खरीदार सामने आएंगे।

भाड़ाक्रय में हैंडओवर से पहले कितनी राशि देनी होगी
उरगा में एचआईजी मकान की लागत 28.50 लाख रुपए है। 5 प्रतिशत 1.43 लाख रुपए पंजीयन शुल्क व 3 माह के भीतर 30 प्रतिशत 8.55 लाख रुपए देना होगा। सीनियर एमआईजी की कीमत 24.30 लाख, पंजीयन शुल्क 1.21 व हैंडओवर लेने 30 प्रतिशत राशि 7.29 लाक रुपए देना होगा। जूनियर एमआईजी की लागत 21.00 लाख रुपए है। 5 प्रतिशत पंजीयन शुल्क 1.05 लाख रुपए तो अधिग्रहण के लिए 30 प्रतिशत राशि 6.30 लाख रुपए देने होंगे। वहीं बरबसपुर में एलआईजी मकान की लागत 4.50 लाख रुपए है। 5 प्रतिशत पंजीयन शुल्क 23 हजार रुपए तो हैंडओवर पाने 3 माह में 1.35 लाख रुपए देने पर भाड़ा क्रय योजना में मकान प्राप्त कर सकेंगे।

65 % आवंटी अपनी सुविधानुसार दे सकेंगे
हाउसिंग बोर्ड की ओर से लागू की गई भाड़ा क्रय योजना में आवंटी को मकान की लागत की 65 प्रतिशत राशि अपनी सुविधा के अनुसार 5 साल, 10 या 12 साल तक किश्त में दे सकते हैं। हैंडओवर मिलने के बाद हितग्राही वार्षिक किस्त के रूप में राशि जमा करेंगे। लेकिन, इसमें उन्हें राहत तो मिलेगी लेकिन ब्याज की राशि 12 से 15 प्रतिशत सालाना की दर से विभाग वसूल करेगा।

वन टाइम सेटेलमेंट पर 5 से 10 % तक लाभ
छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल ने वन टाइम सेटेलमेंट (एक मुश्त) आधार के साथ बेस रेट (समस्त प्रभार सहित) पर विक्रय के अनुमति के साथ आवासीय, व्यावसायिक योजनाओं में हितग्राही की ओर से आवंटन आदेश जारी होने के पश्चात एक मुश्त राशि 3 माह के भीतर जमा करने पर 10, 6 माह के भीतर देने पर 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट देगा।

योजना 31 मार्च 2022 तक लागू : ईई
हाउसिंग बोर्ड कोरबा संभाग के ईई एलपी बंजारे ने बताया कि शासन के निर्णय के बाद संचालक मंडल ने भाड़ा क्रय योजना को लागू कर दिया है। योजना के तहत जिले में रिक्त मकानों को खरीदने पर किसी तरह की रियायत दी गई है इसका निर्धारण कर लिया गया है। योजना का लाभ मकान रिक्त रहने पर कोई भी व्यक्ति 31 मार्च 2022 तक ले सकेगा।

दफ्तर उरगा में होने से बढ़ गई है लोगों की परेशानी
हाउसिंड बोर्ड के चेयरमैन कुलदीप जुनेजा की घोषणा के बाद ‌भी हाउसिंग बोर्ड का संभागीय कार्यालय उरगा से ही चल रहा है। भवनों की इन्क्वायरी से लेकर, हस्तांतरण, फ्री होल्ड कराने वाले लोगों को शहर से गांव में लगने वाले दफ्तर जाने मजबूर होना पड़ रहा है। कार्यालय पहले की तरह शहर में संचालित होने पर विभाग को भाड़ा क्रय योजना से संबंधित जानकारी व मकान लेने के इच्छुक लोगों की संख्या बढ़ सकती है। लेकिन, इस ओर विभाग का ध्यान नहीं है।

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