मितानिन ने दिखाई सूझबूझ:गर्भवती काे 2 किमी तक खाट फिर ईआरवी में ले जा रहे थे अस्पताल, रास्ते में हुआ बच्चा

पाली25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
खाट में ले जाते 112 के जवान और ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
खाट में ले जाते 112 के जवान और ग्रामीण।
  • दर्द बढ़ने पर रास्ते में वाहन रुकवाकर कराया प्रसव, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

मेडिकल इमरजेंसी की सूचना पर पाली से रवाना हुई 112 की टीम दुर्गम रास्ता हाेने के कारण 2 किमी पैदल चलकर गांव पहुंची, जहां से खाट में गर्भवती काे ईआरवी तक लाकर अस्पताल के लिए निकले। रास्ते में दर्द बढ़ने पर मितानिन ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन रुकवाकर प्रसव कराया।

जच्चा-बच्चा दाेनाें सुरक्षित हैं, जिन्हें पाली अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पाली थाना के चैतमा चाैकी के दहिदुगु-पटपरा गांव से शुक्रवार देर शाम साढ़े 4 बजे 112 काे मेडिकल इमरजेंसी के लिए काॅल किया गया। इसमें 24 वर्षीय गर्भवती अनिशा मिंज पति विजय मिंज काे दर्द उठना बताया। सूचना पर पाली थाना की काेबरा-1 टीम माैके के लिए रवाना की गई। आरक्षक इंददेव कंवर और चालक क्षितिज शर्मा ईआरवी लेकर गांव से 2 किमी पहले रास्ता दुर्गम देखकर रुके। संपर्क करने पर आगे वाहन पहुंचना मुश्किल बताया, तब वे दाेनाें वहां वाहन छाेड़कर पैदल ही गांव तक पहुंचे, जहां गर्भवती की स्थिति देखकर उसे खाट में वाहन तक पहुंचाने की याेजना बनाई गई।

इसके बाद मितानिन व परिवार की महिला सदस्य के साथ ग्रामीणाें के सहयाेग से गर्भवती अनिशा काे खाट में 2 किमी तक ले जाकर ईआरवी (वाहन) तक पहुंचाया, जहां से 112 की टीम पाली अस्पताल के लिए रवाना हुई। लेकिन रास्ते में गर्भवती का दर्द बढ़ गया। ऐसे में मितानिन ने सूझबूझ दिखाते हुए 112 की टीम काे सड़क किनारे वाहन खड़ा करने काे कहा। साथ ही उसने वाहन में ही उसका प्रसव कराया। इस दाैरान शिशु हुआ। इसके बाद जच्चा-बच्चा दाेनाें काे पाली अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया। डाॅक्टर ने जांच के बाद दाेनाें काे स्वस्थ बताया।

खबरें और भी हैं...