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कार्रवाई की मांग:स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने कहा- निजी स्कूलों में लूट-खसोट बंद हो

कोरबा7 दिन पहले
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  • हाईकोर्ट के आदेश की आड़ में निजी स्कूल फीस जमा कराने बना रहे दबाव
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निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए जिले में स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन का गठन किया गया। गठन के बाद एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों ने कहा कि निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा हाईकोर्ट का आड़ लेकर पालकों से लूट खसोट बंद होनी चाहिए। गुरुवार को गठित एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि संगठित रूप से निजी स्कूलों की मनमानी व लूट का खुला विरोध करेंगे। स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता संघ के पूर्व सचिव नूतन सिंह ठाकुर, अधिवक्ता रविन्द्र सिंह, समाजसेवी कविता सोनी, शैलेश सोमवंशी, पार्षद रवि सिंह चंदेल, सरवर खान आदि ने कहा कि जिले में आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे अभिभावकों से कहा है कि वे यदि फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं तो उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अपने बच्चों की फीस माफ करने स्कूलों को लिखित या मैसेज भेजकर निवेदन करें। उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार सभी निजी स्कूल कोरोना लॉकडाउन के कारण आर्थिक समस्या से जूझ रहे पालकों की फीस कम करने या माफ करने के संबंध में निर्णय लेने के लिए बाध्य हैं। सदस्यों ने कहा कि बिलासपुर निजी स्कूल संघ की याचिका पर बिलासपुर उच्च न्यायालय ने पिछले दिनों जो आदेश दिया था उसकी आड़ में जिले के निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को लगातार मैसेज भेज कर फीस जमा करने कह रहे हैं। जबकि हाईकोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया है कि पालकों को उनकी सुविधा के अनुसार केवल ट्यूशन फीस देने कहा जाए लेकिन निजी स्कूल नियत तिथि तक फीस नहीं देने पर लेट फीस वसूलने की धमकी दे रहे हैं जो पूर्णतः गलत है। एसोसिएशन ने निजी स्कूलों से आग्रह किया है कि मानवता का परिचय देते हुए लॉक डाउन अवधि की फीस माफ करें। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी व जिला प्रशासन से भी मांग की गई है कि वह हाईकोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर पालक से जारी लूट पर विराम लगाने के लिए कदम उठाएं।

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