डायल 112 की टीम ने दिखाया हाैसला:गांव पहुंचने रास्ता नहीं, 600 मीटर दूर वाहन छोड़ खाट से गर्भवती काे पहुंचाया अस्पताल

कोरबा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • हसदेव अरण्य क्षेत्र के पतुरियाडांड गांव का मामला

हसदेव अरण्य क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत पतुरियाडांड सुदूर वनांचल क्षेत्र में है, जाे चाराें ओर से जंगल, पहाड़ और नदी-नालाें से घिरा हुआ है। गांव तक सड़क भी नहीं बनी है। इससे गांव में रहने वालाें काे परेशानी हाेती है। ऐसा ही कुछ बुधवार सुबह गांव के हसल राम मंझवार की गर्भवती पत्नी सुमित्रा बाई (20) के साथ हुआ, जिसे प्रसव के लिए दर्द उठा।

परिजन ने मितानिन के जरिए डायल 112 को सूचना दी। बांगाे से 112 की टीम रवाना हुई। गांव तक 112 की ईआरवी पहुंचना आसान नहीं था। ऐसे में 112 वाहन का चालक नीरज पांडे और आरक्षक महेंद्र कुमार चंद्रा गांव से 6 साै मीटर दूर वाहन राेककर हसल राम के घर तक पहुंचे, जहां गर्भवती के परिजन के साथ मिलकर उसे खाट में ही उठाकर ले गए। दुर्गम रास्ता पार कर वे सही सलामत वाहन तक पहुंचे, फिर उसे स्वास्थ्य केंद्र माेरगा लेकर गए, जहां डाॅक्टर ने कमजाेरी व हिमाेग्लाेबिन की कमी देख हायर सेंटर ले जाने काे कहा। परिजन वहां से उसे लेकर 60 किमी दूर लेकर कटघाेरा अस्पताल पहुंचे, जहां सुमित्रा बाई काे भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।

खबरें और भी हैं...