राहत / ढाई लाख हेक्टेयर में सिंचाई के लिए छोड़ेंगे पानी

Two and a half million hectares will release water for irrigation
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Two and a half million hectares will release water for irrigation

  • 6 को छोड़ेंगे पानी, खुर्रा बोवनी नहीं कर पाए किसान, अब लेही पद्धति से धान की करेंगे खेती

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

कोरबा. आषाढ़ में इस बार किसान धान की बोवनी नहीं कर पाए। मात्र 5 प्रतिशत किसान ही खुर्रा बोवनी कर पाए हैं। जिसकी वजह से लेही पद्धति से धान लगाने के लिए दोनों नहरों में 6 जुलाई से पानी छोड़ा जाएगा। हसदेव बांगो परियोजना से ढाई लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती है।
बांगो से सिंचाई का लाभ जांजगीर-चांपा व रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील के किसानों को भी मिलता है। जिले में मात्र 6 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होती है। दांयीं व बायीं तट नहर शिवरीनारायण व चंद्रपुर तक गई है। नहरों में अभी औद्योगिक संस्थानों के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। बायीं तट नहर में 225 तो बायीं तट नहर में 287 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

बारिश न हो तो भी पानी की कमी नहीं होगी
हसदेव बांगो बांध में इतना पानी है कि बारिश न हो तो भी पानी की कमी नहीं होगी। मंगलवार को बांध का जलस्तर 357.11 मीटर दर्ज किया गया। पानी का भराव 2462.03 एमसीएम है। जो कुल भराव का 85.06 प्रतिशत है। पिछले साल इसी अवधि में बांध का जलस्तर 349.50 मीटर व पानी का भराव 1389.55 एमसीएम था। इसके बाद भी सिंचाई के लिए पानी दिया गया था।

पानी की कमी नहीं, रबी के लिए भी पर्याप्त: ईई
हसदेव बांगो परियोजना के ईई केशव कुमार का कहना है कि पानी की डिमांड आई है। अगले महीने सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। इससे किसान धान लगा सकेंगे। बांध में इतना पानी है कि खरीफ ही नहीं रबी के लिए भी पानी की कमी नहीं होगी।

120 मेगावाट बिजली का हो रहा उत्पादन
बांगो हाइडल प्लांट के तीनों यूनिट से 120 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। जिससे 18.96 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे हसदेव दर्री बराज का जलस्तर भी मेंटेन हो रहा है। दो दिनों से बारिश नहीं हो रही है। इसकी वजह से बांध का जलस्तर भी 9 सेंटीमीटर की कमी आई है। पहले जलस्तर 357.20 सेंटीमीटर पहुंच गया था। अब 9 सेंटीमीटर घटकर 357.11 मीटर हो गया है।

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