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लॉकडाउन का असर:शहर में सब्जी का रोज 20 लाख तक का कारोबार, 10 दिन के लॉक डाउन से किसानों पर मार, घरों में भी स्टाक खत्म

कोरबाएक महीने पहले
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  • तैयार फसल होने लगी खराब, इधर बिचौलिए चोरी छिपे बेच रहे टमाटर को 120 तो भिंंडी 60 से 70 रु. किलो

कोरोना संक्रमण को रोकने 10 दिन के लिए लगाए गए लॉक डाउन का असर सबसे अधिक सब्जी उत्पादक किसानों पर पड़ा है। खेत में फसल तैयार है लेकिन शहर के बाजार बंद हैं। भिंडी, बरबट्‌टी, करेला, लौकी, तरोई की फसल खराब हो रही है। इसे दो से दिन ही तोड़कर रख सकते हैं। शहर में रोज सब्जी का 20 लाख का कारोबार होता है। तो जिले के बाजारों में 50 लाख का सब्जी पहुंचता है। यहां के मंडी में बिलासपुर, सूरजपुर, अंबिकापुर, रायपुर, कोरिया, पत्थलगांव से भी सब्जी पहुंचता है। दूसरी ओर लोगों के घरों में रखा स्टाक समाप्त हो रहा है। इसका फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं। टमाटर को 120 रुपए किलो के साथ दूसरी सब्जियों को 60 से 70 रुपए किलो चोरी छिपे बेच रहे हंै। शहर के पास में ही पंडरीपानी, भुलसीडीह, कुरुडीह, रजगामार, पाली-पड़निया, केराकछार, बरबसपुर में सब्जी की खेती होती है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सब्जी का उत्पादन करते हैं। लेकिन वे सब्जी लेकर बाजार नहीं जा पा रहे हैं। जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। पहली बार लॉक डाउन में सब्जी मंडी को बंद किया गया है।

फसल की नुकसानी किसानों की जुबानी
बारिश में पहले ही नुकसान, अब फसल नहीं बेच पा रहे
बिंझरा के किसान उदेराम पटेल ने बताया कि इस साल अधिक बारिश होने से पहले ही नुकसान उठाना पड़ा था। दो एकड़ में लगी फसल खराब हो गई थी। अभी भिंडी, लालभाजी, करेला तैयार है लेकिन शहर बेचने जा नहीं सकते। गांवों में खपत अभी कम है। लंबे समय तक सब्जी को नहीं रख सकते।

बरबट्‌टी की फसल को सबसे अधिक नुकसान
डोंगानाला के परसराम पटेल ने कहा कि यहां की सब्जी पाली के साथ ही बिलासपुर जिले के आसपास के गांव तक पहुंचती है। बरबट्‌टी की फसल बेचने लायक हो गई है। लॉक डाउन की वजह से बाजार बेचने जा नहीं पा रहे हैं। जिससे लागत निकलना मुश्किल हो गया है।

अभी अच्छे दाम लेकिन आधी फसल बर्बाद
छिंदपारा के किसान पंचराम पटेल ने बताया कि बाजार में सब्जी का अभी अच्छा दाम है। तरोई, बैगन की फसल बाजार में पहुंचा रहे थे। अचानक लॉकडाउन से सब्जी जाम हो गया है। जिसे रखने के लिए हमारे पास कोई साधन भी नहीं है इसकी वजह से नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कोल्ड स्टोरेज बनाने की चल रही प्रक्रिया
उद्यान विभाग के सहायक संचालक एलएल रात्रे का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें व्यापारी या किसान को 50 प्रतिशत की राशि देनी होगी। इसी वजह से इसमें विलंब हो रहा है। ब्लाक स्तर पर कोल्ड स्टोरेज बनाने अभी कोई योजना नहीं है।

किसानों की भी प्रशासन को करनी चाहिए मदद : चेंबर
जिला चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल का कहना है कि लॉक डाउन में पहली बार सब्जी मार्केट को भी बंद किया गया है। लेकिन लंबे समय के लिए अगर लॉक डाउन लग रहा है तो सब्जी पैदावार करने वाले किसानों को मदद करने का नियम होना चाहिए।

20 हजार किसानों को बंटा था साढ़े तीन करोड़ का बीज
उद्यान विभाग ने दावा किया था कि हमने 20 से 25 हजार किसानों को बीज बांटा है। डीएमएफ से साढ़े तीन करोड़ के बीज की खरीदी हुई थी। हालांकि लगभग 30 हजार किसान सब्जी की खेती करते हैं। खरीफ के साथ रबी में भी सब्जी की फसल लेते हैं।

ब्लाक व जिला स्तर पर नहीं बन पाया कोल्ड स्टोरेज
जिले में कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए उद्यान विभाग ने योजना बनाई है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। राज्य शासन ने ब्लाक स्तर पर भी कोल्ड स्टोरेज बनाने का निर्णय लिया है लेकिन वह भी अभी फाइलों में ही है। अगर कोल्ड स्टोरेज बन जाए तो किसान सब्जी की फसल को बचा सकते हैं।

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