त्योहारी सीजन में बढ़ गई लोगों की समस्या:शारदा विहार रेलवे क्रासिंग पर जाम से कब मिलेगा निजात

कोरबा2 महीने पहले
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क्रासिंग पर रुकी मालगाड़ी - Dainik Bhaskar
क्रासिंग पर रुकी मालगाड़ी
  • मालगाड़ी का अगला या पिछला हिस्सा आकर रुक जाता है क्रासिंग पर, कभी 20 मिनट तो कभी घंटों खड़ी रहती है ट्रेन

शारदा विहार, मुड़ापार, अमरैय्यापारा, रेलवे काॅलोनी, मानिकपुर के साथ एसईसीएल कोरबा की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए शहर की दो रेलवे क्रासिंग परेशानी का सबब बनती जा रही हैं। इन क्रासिंग पर हमेशा मालगाड़ी का अगला या पिछला हिस्सा फंस जाता है। क्रासिंग पर, कभी 20 मिनट तो कभी घंटों तक ट्रेन खड़ी रहती है।

इस समस्या से निपटने के लिए वर्षों से अंडरब्रिज बनाने की योजना बन रही है, लेकिन धरातल में नहीं आने से लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। क्रासिंग के आसपास रहने वाले लोग फाटक खुलने का इंतजार करते हैं, तो दूर रहने वाले लोग दूसरे रास्ते से घूमकर आने जाने को मजबूर हो रहे हैं। इसके लिए रेलवे प्रशासन की ओर से बाकायदा घोषणा भी की जा चुकी है। अंडरब्रिज बनाने के लिए पर इस पर मुहर नहीं लग पाई है। सबसे ज्यादा परेशानी पावर हाउस रोड स्थित शारदा विहार रेलवे क्रासिंग व टीपीनगर चौक स्थित क्रासिंग पर होती है। टीपीनगर क्रासिंग पर तो लोड ज्यादा होने से मालगाड़ी फंस जाती है, लेकिन शारदा विहार क्रासिंग में पूरी ट्रेन आगे बढ़ जाती है। उसका अगला या पिछला हिस्सा आकर क्रासिंग पर थम जाता है। जबतक पायलट को आगे जाने के लिए ग्रीन सिग्नल नहीं मिलता तबतक वे मालगाड़ी को आगे नहीं बढ़ा पाते हैं, और क्रासिंग बंद रहती है। यहां अंडरब्रिज की आवश्यकता है, लेकिन रेलवे व जिला प्रशासन की तरफ से अबतक इसे लेकर कोई योजना नहीं बनी है।

इसलिए शारदा क्रासिंग पर लगता है ज्यादा समय
रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी ने बताया कि जब शारदा विहार क्रासिंग बना तब यह एक मालगाड़ी में 28 से 30 बोगियां होती थीं, लेकिन अब यह संख्या 65 से 70 तक पहुंच गई है। बालको व सीएसईबी प्लांट में कोयला लेकर जाने वाली मालगाड़ियों में भी बोगियों की संख्या बढ़ाई गई हैं। स्टेशन से प्लांट और प्लांट से स्टेशन के बीच आने के दौरान सिग्नल नहीं मिलने पर मालगाड़ी का पिछला या अगला हिस्सा क्रासिंग पर आकर फंस जाता है। रेलवे की नजर में उनकी मालगाड़ी आउटर में खड़ी रहती, जबकि हकीकत उन्हें भी पता होता है, लेकिन वे कुछ भी नहीं करते।

50 हजार की आबादी को होती है समस्या
शारदा विहार व टीपीनगर रेलवे क्रासिंग के उस पार 50 हजार से अधिक की आबादी रहती है, जिन्हें शहर आने के लिए इन दोनों क्रासिंग से होकर गुजरना पड़ता है। आए दिन की इस समस्या से लोगों का अधिक समय जाया हो रहा है। इसके लिए रेलवे व के साथ नगर प्रशासन को भी अंडरब्रिज अथवा अन्य कोई विकल्प जो सुगम हो बनाने के लिए पहल करनी होगी। रेलवे सूत्रों की मानें तो अंडरब्रिज का प्रस्ताव काफी पुराना है, इसके लिए रेल प्रशासन तैयार भी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पहल नहीं होने से लटका हुआ है।

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