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आंदोलन की चेतावनी:वनरक्षक ने पंडो जनजाति के युवक को जड़ा थप्पड़ पुलिस ने पीड़ित को लौटाया

लखनपुर9 दिन पहले
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लखनपुर थाने से निराश लौटता पंडो। - Dainik Bhaskar
लखनपुर थाने से निराश लौटता पंडो।

लखनपुर के अलगा जंगल में बेलदगी रामलाल पंडो जंगल में पट्टा की जमीन पर खेती कर रहता था, जहां चांदो निवासी फूलचंद निवासी फूलचंद अपनी पत्नी रजनी पंडो और अन्य परिजन के साथ नदी में मछली मारने गए थे। यहां वे रामलाल पंड़ो की झोपड़ी में मछली बनाकर खा रहे थे।

इसी समय जंगल सिपाही यतीम पहुंच गया और फूलचंद पंडो को जल्दी से खाना खाने बोला और जब वह खाकर उठा तो उसे कुछ दूरी पर ले गया और कान के ऊपर कई थप्पड़ जड़ दिया। उसका कहना था कि जंगल काट रहे हो। थप्पड़ जड़ने से उसका कान सुन्न हो गया और सुनाई देने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद वह लखनपुर अस्पताल में पहुंच कर इलाज कराया।

वहीं लखनपुर थाना में पहुंच कर घटना की जानकारी दी और आवेदन दिया, लेकिन इसके बाद दूसरे दिन बुलाया गया। जब दूसरे दिन पहुंचा तो पुलिस कर्मियों ने देरी में थाना पहुंचे हाे कहकर लौटा दिया। इस पर प्रदेश अध्यक्ष सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति उदय पंडो ने बताया ने पुलिस का यह रवैया शर्मनाक है। वे आंदोलन कर दोषी वन कर्मी के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले मे रेंजर भी दोषी सिपाही को बचा रहे हैं। यही कारण है कि पंडो जनजाति के लोगों पर अत्याचार बढ़ गया है।

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