कराह पूज:2 साल के बाद यादव समाज ने कराई कराह पूजा, भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के बाद गोबर में आग लगाकर सूर्यदेव की उपासना की

मैनपाटएक महीने पहले
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सरगुजा जिले के मैनपाट में यादव समुदाय ने कराह पूजा का आयोजन किया है। इसमें पूजा-पाठ के बाद कच्चे गोबर में आग जलाकर उससे दूध को खौलाया गया और दूध से स्नान किया गया। यहां यादव समुदाय हर साल कराह पूजा का आयोजन करता है। इसमें समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। ब्लॉक मुख्यालय नर्मदापुर के देवस्थल महादेव मुंडा शिव मंदिर के पास पारंपरिक कराह पूजा का आयोजन धूमधाम से किया गया।

उत्तरप्रदेश से पहुंचे पति वाह बाबा अमरदेव भगत ने सूर्य देव की आराधना कर गोबर में अग्नि प्रज्जवलित की। उसी अग्नि से दूध खौलाया और पति वाह बाबा अमरदेव भगत ने स्नान किया। इस दौरान भक्त सुरेंद्र यादव, उमेश यादव, बृजमोहन यादव व पं. राजकुमार महाराज को भी दूध से स्नान कराया। यह दृश्य को देखने मैनपाट के दूर-दराज से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। इसके आयोजक नर्मदापुर के गो सेवा आयोग के सदस्य अटल बिहारी यादव थे। आयोजक ने बताया कि जब वे 7-8 साल के थे, तब से मैनपाट में कराह पूजा होती आ रही है और इसमें यादव समाज के अलावा दूसरे समुदाय के लोग भी शामिल होते हैं। वहीं मुख्य रूप से रमेश, देव नारायण यादव, धनुषधारी यादव, बलराम यादव, रामबली यादव, नथनी यादव, वृंदावन यादव, जमुना यादव, देवनाथ इंजन, केबी गुप्ता, राम नारायण पटेल, संजय यादव मुख्य भक्तों में शामिल थे। पूजा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया।

पिता की इच्छा पूरी करने दो साल बाद कराई पूजा
कार्यक्रम के आयोजक अटल बिहारी यादव ने बताया कराह पूजा में यादव समाज भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करता है। उन्होंने बताया कि मैनपाट में यह पूजा दो साल से नहीं हुई थी। उनके पिता कराह पूजा देखना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इसका आयोजन कराया। कराह पूजा से दुख दूर होते हैं।

सबसे अधिक यूपी में होती है कराह पूजा
कराह पूजा सबसे अधिक यूपी में होती है। इसके अलावा कई तरह से शक्ति प्रदर्शन किया जाता है। कराह पूजा में पुजारी पहले कृष्ण भगवान की विशेष आराधना करते हैं। मान्यता है कि इस पूजा को करने और कराने से परिवार में खुशहाली आती है और सभी प्रकार के दुख दूर होते हैं।

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