अतिक्रमण को लेकर देर रात तक बवाल:महिलाएं बोलीं-वन विभाग की टीम ने हमसे मारपीट की, लोरमी-बिलासपुर मार्ग 6 घंटे तक रहा बंद; केस दर्ज

मुंगेली8 दिन पहले
ग्रामीण देर रात तक जमकर हंगामा करते रहे।

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में गुरुवार देर रात तक जमकर बवाल हुआ। मामला वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण से जुड़ा है। जिसके चलते वन विभाग की टीम 2 ग्रामीणों की गिरफ्तारी के लिए गई थी। इसी गिरफ्तारी के दौरान वन विभाग की टीम ने आरोपियों के परिजनों और महिलाओं से मारपीट की है। ऐसा आरोप महिलाओं ने लगाया है और जमकर हंगामा कर दिया। ग्रामीण इतनी बुरी तरह नाराज थे कि वह शाम तक गांव से लोरमी पहुंच गए और उन्होंने वन विभाग कार्यालय का भी घेराव कर दिया।

दरअसल, ये पूरा मामला जिले के खुड़िया वनपरिक्षेत्र के भूतकछार बीट में 3 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई से जुड़ा है। इसके अलावा इस क्षेत्र के ग्रामीणों पर वन विभाग की जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप है। जिसके चलते 3 महीने पहले 19 ग्रामीणों को गिरफ्तार भी किया गया था। बताया गया कि गुरुवार सुबह भी वन विभाग की टीम भूतकछार और डोंगरीगढ़ गांव गई थी। टीम ने भूतकछार से उत्तम ध्रुव और डोंगरीगढ़ से भागवत पट्‌टा को गिरफ्तार किया था। इसी गिरफ्तारी के बाद से ही ये बवाल मचा। वन विभाग ने इन दोनों के खिलाफ पहले ही केस दर्ज किया था।

गुरुवार शाम को 4.30 बजे ही ग्रामीम विरोध करने पहुंच गए थे।
गुरुवार शाम को 4.30 बजे ही ग्रामीम विरोध करने पहुंच गए थे।

दोनों गांव की आदिवासी महिलाओं का आरोप है कि वन विभाग की टीम यहां इन्हें गिरफ्तार करने आई थी। मगर इन्होंने घर में घुसकर हमसे मारपीट की है। उनका ये भी आरोप है कि गिरफ्तार किए लोगों के परिजनों से भी मारपीट की गई। इसलिए हम लोरमी पहुंच थे और वन विभाग कार्यालय का घेराव किया।

500 की संख्या में पहुंचे ग्रामीण

बताया गया कि करीब 500 संख्या में दोनों गांव के लोग शाम को 4.30 बजे लोरमी पहंच गए थे और जमकर हंगामा किया। उस दौरान उन्होंने वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि अब जब तक दोनों गिरफ्तार किए गए लोगों को नहीं छोड़ा जाता, तब तक हम शांत नहीं होंगे। हमारा आंदोलन चलता रहेगा। कई घंटे तक अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंच थे।

चक्काजाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
चक्काजाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

6 घंटे तक लोरमी-बिलासपुर रोड रहा बंद

ग्रामीणों में इतना नाराजगी थी कि उन्होंने कार्यालय के घेराव के बाद लोरमी-बिलासपुर मार्ग पर जाम कर दिय। ग्रामीण वहीं धरने पर बैठ रहे। इसी वजह से आने-जाने वाले लोग काफी परेशान रहे। एसपी डी.आर आंचला जब रात को 11.30 बजे मौके पर पहुंचे तब जाकर मामला शांत हुआ। फिर 6 घंटे बाद जाम खुला सका है। एसपी ने ग्रामीणों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण अपने गांव लौटे।

दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज

इस मामले में एसपी डी.आर आंचला का कहना है कि हमने ग्रामीणों की रिपोर्ट पर केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि खुड़िया रेंज के रेंजर ने भी ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। रेंजर का कहना है कि ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट की और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की है। जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।

खबरें और भी हैं...