पेयजल समस्या / जल संकट दूर करने 10 करोड़ की योजना स्वीकृति में उलझी, 30 टंकियों का बनना है चबूतरा

10 crore plan to remove water crisis, got stuck in acceptance, 30 tanks are to be built
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10 crore plan to remove water crisis, got stuck in acceptance, 30 tanks are to be built

  • सिरगिट्टी में 9.15 करोड़ का टेंडर पूरा, जोन क्षेत्रों में लीकेज दुरुस्त करने का टेंडर लटका

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

बिलासपुर. नगर निगम की सीमा वृद्धि के बाद पेयजल समस्या से ग्रस्त क्षेत्रों का दायरा बढ़ गया है। समस्या हल करने के लिए साल भर से चल रही टेंडर की प्रक्रिया अब दर स्वीकृति के लिए अटक गई है। भीषण गर्मियों में पेयजल के लिए त्राहि त्राहि मची हुई है। सिरगिट्टी में 9.15 करोड़ की पेयजल योजना के लिए ले देकर टेंडर की प्रक्रिया पूरी हुई तो अब दर स्वीकृति के िलए प्रस्ताव शासन के पास पेडिंग है। वार्डों में लीकेज दुरुस्त करने, पाइप लाइन शिफ्टिंग और संधारण के कार्यों के लिए दर स्वीकृति तथा समस्यामूलक 30 स्थानों पर 5-5 हजार लीटर की क्षमतावाली पानी टंकियां रखवाने, चबूतरे के निर्माण के लिए 7 लाख का टेंडर किया गया। इसकी दर स्वीकृति नगर निगम के स्तर पर होनी है। निगम सूत्रों का कहना है कि पेयजल से जुड़े उक्त सारे कार्य लगता है कि अब जून महीने या इसके बाद ही हो पाएंगे।
सिरगिट्टी में पूर्ववर्ती वर्षों में पीने के पानी की समस्या गहरा गई। टैंकर सप्लाई से भी राहत नहीं मिल पा रही थी। पीएचई ने दो स्थानों पर 270  किलोलीटर तथा 150 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकियों के निर्माण तथा 37  किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने के लिए 9.15 करोड़ की योजना स्वीकृत की। भाजपा सरकार की योजना को अमलीजामा पहनाया जाता, इसके पहले निगम अमला चुनाव में जुट गया। नगरीय प्रशासन विभाग ने इस मामले में सितंबर 2019 मेें निगम से जवाब तलब किया। इस पर तत्कालीन ईई संजय बृजपुरिया को नोटिस दी गई। आखिरकार टेंडर की प्रक्रिया 2020 में पूरी हुई। ईई अजय श्रीवासन के मुताबिक दर स्वीकृति का प्रस्ताव 13 मई को शासन को भेजा गया है। न्यूनतम दर 10.64 करोड़ रुपए आई है। 5 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव होने पर शासन से स्वीकृति आवश्यक है।
बिजौर की टंकी सूखी पड़ी, खमतराई में लीकेज
निगम से जुड़े नए पंचायत क्षेत्रों में बिजौर में जल समस्या गहरा गई है। यहां 2003 में बनी पानी टंकी सूखी पड़ी है। टंकी का इस्तेमाल वर्षों से नहीं हो रहा है। जोन का दावा है कि ट्यूबवेल से सीधी सप्लाई की जा रही है। वहीं खमतराई में पीएचई द्वारा  बिछाई गई पीवीसी प्लास्टिक की पाइप लाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके पानी की बर्बादी हो रही है।
टैंकर सप्लाई बंद, अब टंकियों को तरसे
भले ही इस वर्ष जल स्तर घटने की समस्या अब तक सामने नहीं आई है, परंतु वार्डों में कम पानी आऩे, गंदे पानी की समस्या बरकरार है। पार्षद कोरोना संक्रमण की आशंका में टैंकर सप्लाई से परहेज कर रहे हैं। इन हालातों में समस्यामूलक 30 स्थानों पर 5-5 हजार लीटर क्षमतावाली पानी टंकियां रखवाने का निर्णय लिया गया। दर स्वीकृति निगम के स्तर पर होना है, परंतु वह प्रक्रियाधीन है। इसके कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी प्रकार जोन क्रमांक 1, 2, 6, 7 एवं 8 के अंतर्गत पाइप लाइन बिछाने, लीकेज दुरुस्त करने तथा पंप आदि के संधारण कार्यों के लिए दर स्वीकृति नहीं हो पाई है। नल जल विभाग के कार्यपालन अभियंता का दावा है कि वर्तमान में पाइप लाइन के संधारण का कार्य पुराने टेंडर से कराया जा रहा है।

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