पटाखे फोड़ते समय आग की चपेट में आए:8 बच्चों सहित पटाखों से 13 लोग झुलसे; 40 वर्षीय बुजुर्ग का मुंह जला, स्थिति गंभीर

बिलासपुर22 दिन पहले
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दिवाली पर पटाखे फोड़ते समय 13 लोग आग से झुलस गए। जिन्हें इलाज के लिए सिम्स और जिला अस्पताल में लाया गया। 8 मरीजों का सिम्स तो जिला अस्पताल में 5 मरीजों का इलाज किया गया। दो दिन में कुल 13 लोग पटाखे फोड़ते समय आग की चपेट में आए हैं। इनमें आठ बच्चे हैं, चार युवा और एक 40 साल का व्यक्ति है। सिम्स में भर्ती 5 मरीज (5 से 7 प्रतिशत से कम) जले हैं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया।

वहीं तीन मरीज 30 से 40 प्रतिशत झुलस गए हैं। इन मरीजों को वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जो 8 मरीज इलाज के लिए सिम्स पहुंचे हैं उनमें 6 पटाखों से और दो दिए से जले हैं। इनमें से 6 बच्चे हैं। दो व्यस्क ये चार नवंबर से 5 नवंबर के बीच में अस्पताल में आए हैं। इनमें जांजगीर निवासी 8 वर्ष का बालक, तोरवा निवासी 13 वर्ष की बालिका, कोटा निवासी 14 और 15 वर्ष का बालक, बलौदा निवासी 13 वर्ष का किशोर, जांजगीर निवासी 5 वर्ष की बच्ची, बिलासपुर निवासी 40 और 36 वर्ष के पुरुष का इलाज सिम्स में किया गया। इसके साथ ही जिला अस्पातल में भी पटाखों से झुलसे 5 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें तीन युवा, जिनकी उम्र 21 से 29 के बीच की है। वहीं एक बच्चा और एक महिला भी शामिल है।

पिछले साल से अधिक मरीज हुए भर्ती
डॉक्टरों ने बताया, ‘पिछले साल की तुलना में इस साल पटाखे से जलने वाले मरीजों की संख्या अधिक थी। पिछले साल कोरोना की वजह से लोगों ने दीपावली में पटाखों से दूरी बना ली थी, इसलिए 5 से 6 केस ही पटाखों से झुलसने के आए थे, वहीं जिला में भी 2 से 3 मरीज ही पंहुचे थे।

मुंह और हाथ जलने की घटनाएं ज्यादा
सिम्स के डॉक्टरों ने बताया कि बिलासपुर के रहने वाले एक 40 साल के व्यक्ति का पटाखा फोड़ते समय मुंह काफी जल गया है। उनकी हालत गंभीर है। उनका इलाज अभी मेडिकल कॉलेज में ही चल रहा है। वहीं अन्य मामलों में हाथ जला है। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है।

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