पहली बार / 2.37 लाख बच्चों को 45 दिन की छुट्टियों का भी मिलेगा मध्याह्न भोजन

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  • जिले के प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में जून से बांटना करेंगे शुरू, अभी राशन की व्यवस्था करने में लगेंगे एक सप्ताह

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

बिलासपुर. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्राइमरी और मिडिल के छात्र-छात्राओं को अब गर्मी की छुटिट्यों में भी मध्याह्न भोजन मिलेगा। शिक्षा विभाग ने नई योजना बनाकर तैयारियों शुरू कर दी हैं। बिलासपुर जिले के 2496 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के 237465 छात्र-छात्राओं को जून महीने से गर्मी की छुटिट्यों में भी मध्याह्न भोजन मिलेगा, लेकिन उन्हें सूखा राशन दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए स्कूलों को आगामी आदेश तक बंद किया है इसलिए बच्चों को 45 दिन का सूखा राशन देना तय किया है। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार भार्गव ने सरकारी उचित मूल्यों की दुकानों से राशन की व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि अभी एक सप्ताह राशन की व्यवस्था करेंगे इसके बाद जून महीने में सभी बच्चों को राशन वितरण शुरू किया जाएगा। इसके लिए सभी प्रधान पाठक,  सीएससी और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि एक मई से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश होता है। इसलिए 45 दिनों का राशन बच्चों को दिया जा रहा है ताकि उन्हें छुट्टियां में भी मिड-डे मीन का लाभ मिले।

राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी बीईओ,सीएससी व प्रधानपाठकों को
इस बार रेड जाेन में शिक्षक बच्चों के घर जाएंगे। उसने पालकों को बाहर बुलाकर पहले सेनेटाइज करेंगे। इसके बाद गोल घेरे में खड़ा करेंगे फिर दूरी बनाकर उन्हें राशन देंगे। वहीं ग्रीन और ऑरेंज जोन में बच्चों को स्कूल भी बुलाकर राशन देने की तैयारी हैं। लेकिन लॉकडाउन के पूरे नियमों का पालन करना अनिवार्य है।  राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सीएससी और प्रधान पाठकों को दी गई है। बच्चों को चावल-दाल और तेल की मात्रा भारत सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा से कम नहीं होनी चाहिए। बच्चों को जो राशन देना है। उसका सील बंद पैकेट बनाते हुए प्रति छात्र सभी सामग्रियों का एक बड़ा पैकेट बनाया जाना है। वितरण की जाने वाली खाद्य सामग्री उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सामग्रियों की पैकिंग के पूर्व और पैकिंग के बाद फोटो ले जाना है। सामग्री वितरण के लिए प्रति छात्र शासन द्वारा निर्धारित कुकिंग कास्ट ही प्रदान किया जाना है। रसोइयों को मानदेय प्रदान नहीं दिया जाएगा।
पिछले महीने दिया था 40 दिन का दाल-चावल
पिछले महीने यानी 3 अप्रैल को शिक्षा विभाग ने बच्चों को 40 दिन का सूखा राशन चावल और दाल दिया था। जिसमें प्राइमरी स्कूल के लिए प्रति छात्र 4 किलो चावल और 800 ग्राम दाल, मिडिल के लिए 6 किलो चावल व 1200 ग्राम दाल दिया था। 

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