खजाना खाली:जिले के 240 गांव प्यासे, हैंडपंप के लिए राज्य मद से नहीं मिल रहा फंड

बिलासपुर12 दिन पहले
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नेशनल हाईवे के किनारे कई हैंडपंप इस तरह लगाए गए हैं - Dainik Bhaskar
नेशनल हाईवे के किनारे कई हैंडपंप इस तरह लगाए गए हैं

पूरे छत्तीसगढ़ में राज्य मद से नलकूप के लिए मिलने वाले पैसे नामंजूर हो रहे हैं। पीएचई विभाग लगातार गांवों में पानी की कमी और नलकूप खनन की मांग रहा, लेकिन फंड के अभाव में यह काम बंद है। बिलासपुर के 240 गांवों में नलकूप होने हैं, जिसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है। यही कारण है कि संबंधित जगहों पर सारा काम अटका हुआ है। बिलासपुर में पीएचई विभाग के अधिकारियों ने अपनी इस परेशानी का जिक्र कलेक्टर से करते हुए इसकी राशि की मांग डीएमएफ से की है।

यहां सिविल डिपार्टमेंट के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ने बताया है कि तखतपुर, बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी और बेलतरा कोटा विकासखंड में नलकूप की जरूरत है। गांवों से जनप्रतनिधियों की लगातार मांग आ रही है। बसाहट वाले क्षेत्रों में भी पानी की कमी बनी हुई है। इसलिए ही पीएचई विभाग ने 240 जगह नलकूप स्थापित करने का प्लान तैयार किया था, लेकिन साल 2023 में इसके लिए बजट नहीं मिलने के चलते नलकूप लगवा पाना संभव नहीं हो पाया है।

उनके विभाग में जारी आवंटन के सारे पैसे खत्म हो चुके हैं और ना तो लक्ष्य और ना ही आवंटन का कोई फंड उनके पास उपलब्ध है। यही कारण है कि उन्हें मांग के अनुरूप पानी की व्यवस्था तैयार करवानी है, इसलिए ही उन्होंने जिला खनिज न्यास संस्थान से इन पैसों की मांग की करते हुए लोगों समस्याओं से अवगत करवाया है। फिलहाल पीएचई विभाग को इसकी स्वीकृति नहीं दी गई है। एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एमके मिश्रा ने विभाग में फैली अव्यवस्था बताते हुए पैसों की मांग की है।

ब्लाकों में 40 नलकूप की जरुरत , मिला एक भी नहीं, दो करोड़ 28 लाख का प्रस्ताव भेजा गया
पीएचई के प्रस्ताव मुताबिक तखतपुर में 40 नलकूप की जरूरत है, जिसके लिए 54 लाख रुपए मांगे गए हैं। बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, कोटा, बेलतरा और तखतपुर में भी हर जगह 40-40 नलकूप बनाने की योजना तैयार की गई है। हर सात जगह 54 लाख रुपए के हिसाब से इसकी राशि दो करोड़ 28 लाख रुपए का बजट तैयार किया गया है। और इसके प्रस्ताव की फाइल आगे बढ़ाई गई है।

आखिरी बार घाट और स्कूल के लिए मिले थे 72 नलकूप
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड बिलासपुर को आखिरी बार दो साल पहले 72 नलकूप के लिए पैसा जारी हुआ था। जिसका काम पूरा कर लिया गया है। यह काम श्मशान घाट, स्कूल, मातागुड़ी के लिए आवंटित किया गया, जिसका काम भी खत्म हो चुका है। इसके बाद ही विधानसभा वार कहां कितने नलकूप लगने है इसका जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव आया या फिर सर्वे कर नलकूप लगाने की योजना तैयार हुई थी। जिसमें कोई काम नहीं किया गया है।

जल जीवन मिशन में भी देरी गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी
पीएचई विभाग के पास गांवों में नलकूप और बोर खनन के काम पूरी तरह बंद है, ऐसी स्थिति में वे सिर्फ जल जीवन मिशन के काम में फोकस रहे। यहां मार्च 2022 तक 1 लाख 9 हजार टेप नल कनेक्शन किए जाने हैं, लेकिन अब तक कितने काम हुए हैं इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। केंद्र प्रवर्तित जल जीवन मिशन योजना को अफसर ही मटियामेट कर रहे हैं। ठेकेदारों पर अंकुश नहीं होने की वजह से काम धीमी गति से चल रहा है। और ठेकेदारों को लगातार नोटिस भी भेजा रहा है।

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