व्यवस्था का संक्रमण:बिलासपुर में व्यापमं भर्ती परीक्षा; विकास कार्यों के चलते कई ट्रेनें रद्द, भीड़ इतनी की खड़े होने तक की जगह नहीं मिली

बिलासपुर5 महीने पहले
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ट्रेन में चढ़ने के लिए प्रतियोगी परीक्षार्थियों में जद्दोजहद। - Dainik Bhaskar
ट्रेन में चढ़ने के लिए प्रतियोगी परीक्षार्थियों में जद्दोजहद।

प्रदेश के साथ ही बिलासपुर में रविवार को व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने सीनियर ऑडिटर व असिस्टेंट ऑडिटर के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा ली, इसमें करीब 35 हजार प्रतियोगी शामिल हुए। दूसरे जिलों के प्रतियोगियों का भी यहां सेंटर था। लिहाजा, रविवार को जोनल मुख्यालय रेलवे स्टेशन में प्रतियोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी। ट्रेनों में खड़े होने के लिए भी जगह नहीं मिल रही थी। वहीं जोनल मुख्यालय के साथ ही विभिन्न रेल मंडल में सुविधाओं का विस्तार के लिए चल रहे काम के चलते कई ट्रेनें रद्द हैं। इसके चलते यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ गईं।

रविवार को व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से विभिन्न पदों में भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में प्रतियोगी शहर पहुंचे थे। जिले के साथ ही कोरबा, जांजगीर-चांपा व रायगढ़ सहित संभाग के अन्य जिलों के प्रतियोगी शामिल हुए। परीक्षा के बाद रविवार को रेलवे स्टेशन में वापस लौटने वाले प्रतियोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही स्टेशन में ट्रेन में आई, उसमें बैठने के लिए मारामारी होने लगी। देखते ही देखते ट्रेन खचाखच भीड़ से पैक हो गया। यही हाल शाम के समय में भी देखने को मिला।

प्लेटफार्म में ट्रेन का इंतजार करते कुछ इस तरह जुटी थी प्रतियोगियों की भीड़।
प्लेटफार्म में ट्रेन का इंतजार करते कुछ इस तरह जुटी थी प्रतियोगियों की भीड़।

109 केंद्रों में दो पालियों में हुई परीक्षा
व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से रविवार को सीनियर ऑडिटर, असिस्टेंट ऑडिटर, व सहायक परियोजना क्षेत्रपाल के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई। इसमें सुबह 9 से 12:15 बजे और दोपहर 2 से 5.15 बजे तक दो पालियों में प्रतियोगी शामिल हुए। जिले के 109 केंद्रों में परीक्षा हुई। जिसमें पहली पारी में 35 हजार 851 परीक्षार्थियों में से 28932 शामिल हुए। इसी तरह 2 से 5:15 बजे की दूसरी पाली में 27 केंद्रों में सहायक परियोजना क्षेत्रपाल की परीक्षा हुई। जिसमें 8 हजार 294 में 6 हजार 528 प्रतियोगी शामिल हुए।

कोरोना गाइडलाइन की उड़ी धज्जियां
कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन के खतरे ने टेंशन बढ़ा दी है। कोरोना संक्रमितों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। बावजूद इसके रविवार को रेलवे स्टेशन में खड़े होने के लिए जगह नहीं थी। ऐसे में फिजिकल डिस्टेंसिंग व कोरोना नियमों के गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती रही। ट्रेनों में यात्री ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे। इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

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