बिजली की बर्बादी:बिजली खपत कम करने पांच साल में 50 करोड़ खर्च, फिर भी 8 की बजाय 14.34% लाइनलॉस

बिलासपुरएक महीने पहले
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इस तरह उलझे हैं बिजली विभाग के तार। सुलझ नहीं पा रहे। - Dainik Bhaskar
इस तरह उलझे हैं बिजली विभाग के तार। सुलझ नहीं पा रहे।
  • विभाग ने सर्वे तो किया पर खराब मीटर और केबल नहीं बदले गए

देशभर में बिजली का संकट उत्पन्न हो गया है। पावर प्लांट बंद हो रहे हैं। जितनी खपत है, उतना ही उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इसका असर बिलासपुर में भी होने लगा है। विभाग ने ग्रामीण इलाकों और औद्योगिक क्षेत्र की बिजली कटौती शुरू कर दी है। जबकि बिजली बचत करने की शर्त पर आरएपीडीआरपी योजना के तहत केंद्र सरकार ने बिलासपुर को 100 करोड़ रुपए दिए हैं।

राज्य सरकार ने भी इस साल 20 करोड़ 13 लाख रुपए दिए हंै। वहीं 2020 में 16 करोड़ 35 लाख रुपए विभाग को मिले थे। पर समस्या जस की तस है। छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी के बिलासपुर सिटी सर्किल द्वारा सालभर में मेंटेनेंस के नाम पर 2 करोड़ और लाइनलॉस कम करने मीटर शिफ्टिंग, ट्रांसफार्मर का लोड कम करने सहित अन्य कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसी तरह पिछले 5 साल में विभाग द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपए तक व्यवस्थाओं को सुधारने में खर्च किए जा चुके हैं। पर न ही व्यवस्था सुधर रही है और न ही बिजली की खपत कम हो पा रही है। लाइनलॉस बढ़ता ही जा रहा है। तीन साल में विभाग द्वारा मात्र 1.88 प्रतिशत लाइन लॉस कम किया जा सका है।

जानिए लाइन लॉस क्या है
सब स्टेशन से सप्लाई की गई बिजली और उपभोक्ताओं द्वारा खपत की गई बिजली के अंतर को लाइन लॉस माना जाता है। दो प्रकार के लॉस शामिल होते हैं। एक तकनीकी कारणों से और दूसरा उपभोक्ता द्वारा खपत की गई बिजली की सही बिलिंग नहीं होना। तकनीकी कारणों से होने वाले लाइन लॉस 5 से 6 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए, लेकिन आज की स्थिति में कई जगह 10 से 15 फीसदी लाइन लॉस हो रहा है।

सिटी सर्किल में लाइनलॉस कम करने खुद ही विभाग द्वारा सर्वे किया गया। इसमें सामने आया है कि 26 हजार 662 लोग ऐसे हैं, जिनको बिना रीडिंग के बिल दिया जा रहा है। यह भी पता चला कि 8 हजार लोगों के मीटर खराब हैं। 15 हजार 8 लोगों का मीटर घर के अंदर है। 10 हजार 428 लोगों का मीटर बहुत ही ज्यादा ऊंचाई पर है। वहीं 1226 लोगों के मीटर का डिस्प्ले ही खराब है। 1989 वायर ऐसे हैं, जो खंभे से लेकर मीटर तक जाने में सही से दिखाई नहीं दे रहा है। दीवार के अंदर हैं। इनके कारण लाइनलॉस बढ़ रहा है। इन सभी व्यवस्था को सुधारने में सिटी सर्किल द्वारा 20 करोड़ रुपए खर्च दिखा दिया गया है, लेकिन व्यवस्था केवल कागजों में ही सुधरी है।

बिजली की स्थिति

  • कुल उपभोक्ता शहर 1,30,630
  • कुल उपभोक्ता ग्रामीण 1,75,000
  • शहर में कुल फीडर 109
  • ग्रामीण एरिया में कुल फीडर 154
  • शहर में कुल ट्रांसफार्मर 2900
  • ग्रामीण एरिया में कुल ट्रांसफार्मर- 2500
  • प्रति माह खर्च बिजली 319 लाख यूनिट
  • शासन से मिले 20.13 करोड़ रुपए

तीन साल में लाइनलॉस की स्थिति

  • लाइन लॉस - 8 प्रतिशत होना चाहिए
  • अप्रैल से अभी लाइनलॉस 14.34 प्रतिशत
  • सत्र 2020-21 मार्च तक 14.51 प्रतिशत
  • सत्र 2019-20 - 15.05 प्रतिशत
  • सत्र 2018-19 - 16.22 प्रतिशत

5 माह में 42 लाख यूनिट बढ़ी खपत
बिजली विभाग के अनुसार शहर में कुल 1 लाख 29 हजार 279 उपभोक्ता मार्च-2021 तक थे। जुलाई तक उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 30 हजार 680 हो गई है। वहीं मार्च-2021 तक शहर में बिजली की खपत 319 लाख यूनिट थी। जुलाई-2021 तक खपत बढ़कर 361 लाख यूनिट हो गई है। 5 महीने में लगभग 42 लाख यूनिट की खपत बढ़ गई है।

सुधार कार्य चल रहा है
सीएसपीडीसीएल के सिटी सर्किल हेड वाईके मनहर ने कहा कि लाइनलॉस कम करने सर्वे किया गया था। खामियां मिलीं थीं, इन पर सुधार का कार्य चल रहा है। जल्द ही व्यवस्था सुधरेगी।

बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने केंद्र ने दिए थे 100 करोड़
आरएपीडीआरपी योजना के तहत केंद्र सरकार ने लाइन लॉस और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने 100 करोड़ रुपए बिलासपुर सर्किल को दिए थे। इससे कई काम विभाग द्वारा किए गए, लेकिन केंद्र सरकार की शर्त थी कि अगर लाइन लॉस 8 प्रतिशत से कम नहीं हुआ तो यह पैसा लोन में बदल जाएगा और पैसा के साथ इसका ब्याज भी विभाग को पटाना पड़ेगा। अब ऐसे में बिलासपुर सर्किल में लाइन लॉस 16 प्रतिशत है। पैसा न देना पड़े, इसलिए विभाग इसे कम करने का काम शुरू किया है।

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