कालाबाजारी / 500 हाइवा का रेत कारोबार, रोजाना लोगों से 15 लाख रुपए की लूट, नदी में पानी आने से बढ़े दाम

500 hives of sand business, loot of Rs 15 lakhs from people daily, increased prices due to water in river
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500 hives of sand business, loot of Rs 15 lakhs from people daily, increased prices due to water in river

  • हर हाइवा में तीन हजार अधिक देना पड़ रहा लोगों को, खनिज विभाग के अफसर मौन

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

बिलासपुर. बिलासपुर शहर और आसपास के इलाके को जोड़ दें तो करीब 500 हाइवा रेत की खपत रोजाना है। जब से नदी में पानी आया है तब से प्रति हाइवा रेत की कीमत 5 हजार से बढ़ाकर 8 हजार तक कर दी गई है यानी हर हाइवा के पीछे 3 हजार रुपए अतिरिक्त वसूली की जा रही है। यह बात खनिज विभाग के अधिकारियों को भी पता है लेकिन वे जानबूझकर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर अवैध परिवहन या कभी-कभी अवैध उत्खनन का केस बना देते हैं लेकिन आम आदमी को जो रेत महंगी मिल रही है उस पर अफसरों की कोई नजर नहीं है। 
भूपेश बघेल सरकार ने रेत की कीमत घटाने के मकसद से घाटों की नीलामी की लेकिन उल्टे रेत की कीमत बढ़ गई है। पहले जो रेत 4 से 5 हजार हाइवा में मिल जा रही थी अब उसके लिए मकान निर्माण कराने वालों को 8 हजार रुपए तक का भुगतान करना पड़ रहा है। वहीं शिवरीनारायण की रेत तो और महंगी है। प्लास्टर के लिए शिवरीनारायण की रेत अच्छी मानी जाती है और इसके लिए इन दिनों लोगों को 11 से 12 हजार रुपए प्रति हाइवा कीमत चुकानी पड़ रही है। नदी में पानी आने के बाद तो रेत के कारोबार में जबरदस्त उछाल आ गया है और अवैध रूप से चल रहे रेत घाट और अवैध भंडारण करने वाले मालामाल हो रहे हैं। और उनकी मदद कर रहे हैं खनिज विभाग के अधिकारी। 
ऐसे समझिए लूट का गणित 
दैनिक भास्कर ने इस मामले के विशेषज्ञ से जब पता लगाया तब मालूम हुआ कि इन दिनों बगैर रायल्टी पर्ची के प्रति हाइवा 3 हजार में तो रायल्टी पर्ची के साथ 4 हजार में एक हाइवा रेत ट्रांसपोर्टरों को मिल रही है। इसके बाद ड्राइवर, डीजल आदि का खर्च व अपना मुनाफा कमाते हैं और लोगों से 8 हजार वसूल करते हैं। बिलासपुर में 200 हाईवा ऐसे है जो इन दिनों रोजाना 2 से 3 ट्रिप रेत आर्डर पर दे रहे हैं। यानी करीब 500 ट्रिप का कारोबार रोजाना हो रहा है। इस तरह प्रति हाइवा 3 हजार अतिरिक्त वसूली को जोड़ दें तो यह करीब 15 लाख रुपए होता है। जिसकी मार आम आदमी को झेलनी पड़ रही है। 
तखतपुर, बिल्हा व कोटा में कीमत और ज्यादा
रेत में कम से अधिक दूरी के हिसाब से कीमत घटती बढ़ती जाती है। यानी घुटकू से बिलासपुर में रेत लाने की एवज में प्रति हाइवा 8000 लिया जा रहा है तो वहीं बिल्हा के लिए 9500 भी वसूल किया जा रहा है। तखतपुर के लिए भी वही रेट है। कोटा 9 हजार में दे रहे हैं। अभी घुटकू और उदईबन्द घाट चल रहा है।12 हजार में मिल रही शिवरीनारायण की रेत
एक ट्रांसपोर्टर ने बताया कि शिवरीनारायण के पास खोरसी और तनौद घाट से रेत आ रही है। वहां हमें 4500 बगैर रायल्टी तो 6 हजार में रायल्टी के साथ एक हाइवा रेत मिलती है। 65 किमी आना-जाना और बाकी खर्च व मुनाफा जोड़कर 12 हजार से कम में रेत नहीं दे सकते।

सीधी बात
सारांश मित्तर, कलेक्टर

सवाल - इन दिनों रेत की कीमत काफी बढ़ाकर बेची जा रही है,आपकी जानकारी में है?
-बारिश में तो कीमत वैसे भी बढ़ जाती है। अगर ज्यादा कीमत पर बेच रहे हैं तो कार्रवाई होगी।
सवाल - जगह-जगह रेत पहले ही डंप कर जानबूझकर अधिक कीमत वसूल रहे हैं?
-मैं इस संबंध में खनिज अधिकारी से पूछता हूं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करवाता हूं।

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