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  • 583 Beds Ready In Government And 12 Private Hospitals, Doctors Said Do Not Panic, We Will Not Let Anything Happen To The Children, We Are Already Preparing

तीसरी लहर से बच्चों को बचाना है:सरकारी और 12 निजी अस्पतालों में 583 बिस्तर तैयार, डॉक्टर बोले घबराएं नहीं बच्चों को कुछ नहीं होने देंगे, हम पहले से तैयारी में जुटे

बिलासपुर8 दिन पहले
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तीसरी लहर से बच्चों को बचाने की चिंता सबको है। जिले के सरकारी के साथ निजी अस्पताल भी तैयार हो रहे हैं। इसलिए घबराइए नहीं बच्चों को कुछ नहीं होने देंगे। ऐसा डॉक्टर स्वयं कह रहे हैं। सिम्स, संभागीय कोविड अस्पताल के अलावा 12 निजी अस्पताल तीसरी लहर में संक्रमित होने वाले बच्चों के इलाज के लिए तैयार हैं। कुल 14 अस्पतालों में 583 बिस्तर रेडी हैं। इन अस्पतालों में एनआईसीयू, पीआईसीयू, पर्याप्त वेंटिलेटर और सबसे जरूरी शिशु रोग विशेषज्ञ और ट्रेंड स्टाफ भी है।

स्वास्थ विभाग ने सभी निजी अस्पतालों को कह दिया है कि पूरी तैयारी रखो। हां कहते ही सबको पूरी ताकत से भिड़ जाना है। क्योंकि हर घर में बच्चे हैं और उनसे जरूरी कुछ नहीं। सीएमएचओ डॉक्टर प्रमोद महाजन का कहना है कि निजी सेटअप में 60 शिशु रोग विशेषज्ञ हैं। जरूरत पड़ी तो निजी डॉक्टरों को सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए बुलाया जाएगा। हमारे पास तत्काल में 583 बिस्तर रेडी हैं। सिम्स में 80 और संभागीय कोविड में 120 बिस्तरों की व्यवस्था हो चुकी है। लहर आने से पहले व्यवस्था और बढ़ा दी जाएंगी। बच्चों का जीवन कीमती है, उन्हें कुछ नहीं होने देंगे।

बच्चों के सीने में समस्या, तेज बुखार, अधिक नींद की शिकायत हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

हल्के लक्षण वाले...

  • बुखार के लिए: पैरासिटामॉल 10-15 एमजी/किलो, हर 4-6 घंटे में।
  • कफ के लिए: बड़े व किशोर बच्चों को गर्म पानी से गरारा कराएं।
  • खानपान: हाईड्रेशन और पोषण के लिए तरल पदार्थों का पर्याप्त सेवन किया जाए।
  • एंटी बायोटिक: एंटी बायोटिक या अन्य कोई दवा बिल्कुल ही नहीं दें, डॉक्टर से पूछें।
  • दिन में 2-3 बार पल्स और ऑक्सीजन सेचुरेशन चेक कर अपने डॉक्टर को अपडेट देते रहें।

मध्यम लक्षण वाले...

  • जांच: किसी रोग से ग्रस्त न हो तो टेस्ट की आवश्यकता नहीं।
  • उपचार: कोविड हेल्थ सेंटर या स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में भर्ती हो।
  • तरल वस्तुएं देते रहें ताकि बच्चे का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहे।
  • अगर बैक्टीरियल इंफेक्शन हो या इसका संदेह तो एमोक्सिलीन दें।
  • 94 % से कम ऑक्सीजन सेचुरेशन हो तो कोई लापरवाही न करें तत्काल ऑक्सीजन लगाएं।

गंभीर लक्षण वाले...

  • सांस में तकलीफ : 90 प्रतिशत से कम ऑक्सीजन लेवल हो तो गंभीर स्थिति माने।
  • सीने में तकलीफ, सुस्ती, अधिक नींद की हो तो देरी न ही करें।
  • ऐसा होने पर संबंधित काे तत्काल कोविड अस्पताल में भर्ती करें।
  • कॉर्टिकोस्टेराइडस: डेक्सामेथासोन 0.15 एमजी डोज दिन में दो बार।
  • एंटी वायरल एजेंट्स : लक्षण के 3 दिन के भीतर रेमडेसिविर भी दे सकते हैं।

देखभाल को लेकर एक गाइड लाइन जारी की
पहली लहर में जिले के 242 बच्चे और दूसरी लहर में अब तक 1205 संक्रमित हुए हैं। तीसरी लहर में संख्या और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने हाल ही में संक्रमण के दौरान होम आइसोलेशन में बच्चों के देखभाल को लेकर एक गाइडलाइन जारी की है। बच्चों के सीने में समस्या हो, शरीर नीला पड़े तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। अधिक नींद की शिकायत हो तो देरी न करें।

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