खदानों से सामान चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं:तीन खदानों में कोयला चोरी की 6 माह में 75 शिकायतें, गेवरा में शाम होते ही चोरी शुरू

बिलासपुरएक महीने पहलेलेखक: अनुपम सिंह
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एसईसीएल की कोरबा एरिया की खदानों से डीजल, कोयला और लोहे के सामान की चोरी की घटनाएं रुक नहीं रहीं। - Dainik Bhaskar
एसईसीएल की कोरबा एरिया की खदानों से डीजल, कोयला और लोहे के सामान की चोरी की घटनाएं रुक नहीं रहीं।

एसईसीएल की कोरबा एरिया की खदानों से डीजल, कोयला और लोहे के सामान की चोरी की घटनाएं रुक नहीं रहीं। दो दिन पहले वायरल हुए वीडियो ने अधिकारियों को परेशान कर दिया है। आईजी ने जांच के निर्देश दिए तो कोरबा के एसपी ने आनन फानन में दो थाना प्रभारियों को लाइन अटैच कर दिया।

दैनिक भास्कर ने मौके पर जाकर पड़ताल की तो पता चला कि सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में पुलिस ने त्रिपुरा राइफल्स को हिदायत दी थी कि आम लोगों पर किसी तरह से बल का प्रयोग नहीं करना है, यहां तक कि हवाई फायर करने से मना किया गया है। ऐसे में यहां से चोरी करने वालों के हौसले बुलंद हैं और शाम 7 बजे के साथ एक साथ हजारों लोगों की भीड़ खदानों के अंदर घुसकर कोयला चोरी करती है।

कोयले की कमी और बिजली संकट के बीच एसईसीएल की खदानों से देशभर के पॉवर प्लांट को हर दिन सबसे अधिक 45 रैक कोयले की सप्लाई की जा रही है। कोरबा एरिया के गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदानों से सबसे अधिक कोयला उत्पादन कर डिस्पैच किया जा रहा है। इधर, कोरबा के ये तीन खदानें इन दिनों अलग कारण से चर्चा में हैं।

दो दिन पहले पूर्व आईएएस और भाजपा नेता ओपी चौधरी ने एक वीडियो वायरल कर दावा किया कि कोरबा की खदान से एक साथ हजारों लोग कोयला चोरी कर रहे हैं। आईजी रतनलाल डांगी ने बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ के एसपी को जांच के निर्देश दिए। जांच के लिए टीम बनाई गई।

आदेश के कुछ घंटों बाद ही कोरबा के एसपी ने हरदी बाजार और दीपका के टीआई को लाइन अटैच कर दिया। शुक्रवार को कोरबा कलेक्टर रानू साहू और एसपी भोजराम पटेल ने खदानों का दौरा कर सुरक्षा का जायजा लिया था। कलेक्टर ने सुरक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर एसईसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन को पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

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भीड़ कैसे रोकें: फोर्स
एसईसीएल के कोरबा एरिया में कुछ माह पहले त्रिपुरा राइफल्स की तैनाती की गई थी। त्रिपुरा राइफल्स ने डीजल व कोयला चोरी की घटनाओं को लेकर स्थानीय पुलिस व एसपी को जानकारी देते हुए मदद मांगी, लेकिन यहां लोगों का घुसना बंद नहीं हुआ।
तब कंपनी कमांडर ने 25 अप्रैल 2022 को एसईसीएल के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी।

पुलिस मदद करे: प्रबंधन
एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी ने 27 अप्रैल को दीपका थाना प्रभारी को पत्र लिखा। इसमें कहा गया है कि अमगांव, नरईबोध, भटोरा, रलिया माइंस पैच में कोयला चोरी करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे पहुंच रहे हैं।
खदानों में भारी वाहन चलते हैं, इनसे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। कुछ अज्ञात लोगों का गिरोह अवैध कोयला खरीदी-बिक्री कर रहा है। डीजल-कोयले की चोरी रोकने में पुलिस मदद करे।

शांति से रोकें: प्रशासन
त्रिपुरा राइफल्स ने एसईसीएल प्रबंधन को लिखे पत्र में बताया है कि कुछ माह पहले पुलिस व प्रशासन के साथ बैठक हुई थी। इसमें खदानों की सुरक्षा को लेकर फोर्स की कार्रवाई पर चर्चा हुई तो हिदायत दी गई कि कोयला चोरी को शांति से हैंडल करना है।

पूर्ण तरीके से हैंडल किया जाए। कोयला चोरी करने के लिए खदानों में आ रहे लोगों पर बल प्रयोग और हवाई फायर न किया जाए, ताकि जिले की कानून व्यवस्था प्रभावित न होने पाए।

पुलिस से की गई हैं 75 से अधिक शिकायतें
एसईसीएल प्रबंधन ने दीपका, गेवरा और कुसमुंडा खदानों से हो रही चोरियों को लेकर पिछले करीब 6 माह में पुलिस को 75 से अधिक शिकायतें की हैं। पुलिस को बताया कि खदानों के बाहर शाम होते ही हजारों लोगों की भीड़ पहुंचती है। एक जगह से रोकने पर भीड़ दूसरी जगह से खदान में घुसकर खुलेआम चोरी करती है। खदानों की सुरक्षा के लिए तैनात एसईसीएल की सुरक्षा विभाग की टीम, सीआईएसएफ और त्रिपुरा राइफल्स से मिली जानकारी के आधार पर एसईसीएल प्रबंधन ने पुलिस से खदानों से हो रही चोरी की घटनाएं रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करने का आग्रह किया था।

प्रबंधन से पूछा- बताएं सख्ती के बगैर कैसे रोकें चोरी
त्रिपुरा राइफल्स ने प्रबंधन को लिखे पत्र में बताया कि कोरबा के सुराकछार खदान की सुरक्षा के लिए त्रिपुरा राइफल्स को 8 अप्रैल 2022 से तैनात किया गया है। यहां शाम 7 बजे के बाद हजारों लोग कोयला चोरी करने घुसते हैं। जवान चोरी रोकने हरसंभव प्रयास करते हैं, लेकिन सफल नहीं हो रहे। एक जगह से रोकने पर लोग दूसरी जगह से खदानों में घुसते हैं। ऐसे में बिना सख्ती के इन लोगों से निपटना मुश्किल है।

एसईसीएल और राज्य शासन, समन्वय के साथ इस चुनौती से निपटने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। हमें शासन से निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है। - डॉ सनीश चन्द्र, जनसम्पर्क अधिकारी, एसईसीएल