काेरोना का कहर / सिम्स की डॉक्टर, एयू का ड्राइवर सहित जिले में 8 कोरोना मरीज मिले

संभागीय कोविड अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव को ले जाती एंबुलेंस। संभागीय कोविड अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव को ले जाती एंबुलेंस।
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संभागीय कोविड अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव को ले जाती एंबुलेंस।संभागीय कोविड अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव को ले जाती एंबुलेंस।

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

बिलासपुर. बिलासपुर में शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव आठ नए मरीज सामने आए हैं। इनमें सिम्स की एक जूनियर महिला डॉक्टर भी शामिल है। इसके अलावा सात अन्य पॉजिटिव मरीज हैं। इनमें 2 मस्तूरी, 2 तखतपुर तथा 1 बिल्हा का हैं। जबकि तीन मरीज में से एक पुराना बस स्टैंड के पास मसानगंज, एक कश्यप कॉलोनी व एक यूनिवर्सिटी का वाहन चालक हैं। एक साथ आठ मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं संभागीय कोविड अस्पताल में इस बात की जानकारी मिलते ही कि नए मरीज और आ रहे हैं वहां व्यवस्थाएं बनाने के लिए काम शुरू कर दिया गया। तखतपुर के मरीजों को रायपुर तथा शेष को संभागीय कोविड अस्पताल भेजा है। दो मरीज दूसरे राज्यों से यात्रा करके आए हैं। इधर कोरबा से आए पॉजिटिव युवक सहित पांच लोगों के सैंपल दोबारा जांच के लिए भेजे गए हैं। तखतपुर के जो दो लोग पॉजिटिव मिले हैं वे उसी 32 वर्षीय युवक के परिवार वाले हैं जो अभी बिलासपुर के कोविड अस्पताल में भर्ती है। वह 17 मई को दिल्ली से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लौटा था और सकर्रा क्वारेंटाइन सेंटर में था। उसके साथ उसकी पत्नी और उसका 13 साल का बेटा भी 14 दिन क्वारेंटाइन में काट रहे थे, लेकिन अब दोनों को रायपुर भेजने की तैयारी चल रही है। एसडीएम देवेंद्र पटेल ने बताया कि शहर में तीन पॉजिटिव में से एक सिम्स की महिला डॉक्टर है तो दूसरा मरीज अटल यूनिवर्सिटी का ड्राइवर है। एयू का ड्राइवर 16 मई को छात्रों को लेने चारपहिया वाहन से राजकोट गया था। वहां से 19 मई को लौटने के बाद यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में उसे क्वारेंटाइन किया गया था। खर्दी, खांसी और अन्य लक्षणों को देखते हुए उसका सैंपल लिया था। जो शनिवार को पॉजिटिव आया है। 
बढ़ रही मरीजों की संख्या : अभी तक कोविड अस्पताल का काम भी पूरा नहीं  हुआ है जबकि यहां मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। वेंटिलेटर के नाम पर अभी तक 3 ही थे जबकि 2 और मिल गए हैं। आईसीयू भी महज 28 बिस्तर का ही है। कुल 100 बिस्तर का कोविड अस्पताल इस महामारी में मरीजों का इलाज कैसे कर पाएगा यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। 
चौथे दिन आई रिपोर्ट तब पता चला
सिम्स की जो जूनियर महिला डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाई गई है उनके बारे में पता चला है कि वह कोरोना आईपीडी में 7 दिन की ड्यूटी पूरी की थी। उनकी ड्यूटी 19 मई को पूरी हो गई उसके बाद वह व उनके साथ ड्यूटी कर रहे 3 और कर्मचारियों को अस्पताल में ही क्वेरांटाइन कर दिया गया। महिला डॉक्टर किस मरीज के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुई इसका पता नहीं चल पा रहा है। अच्छी बात यह रही कि जूनियर महिला डॉक्टर व उनके साथ काम कर रहे कर्मचारी अपने घर नहीं गए जिससे अन्य संक्रमित होने से बच गए। महिला डॉक्टर के बारे में यह भी जानकारी लगी है कि उनमें कोरोना का एक भी लक्षण नहीं है, इससे सिम्स प्रबंधन सकते में है कि कहीं और लोग संक्रमित तो नहीं।
सिम्स में कोराेना की जांच न के बराबर
सिम्स में कोरोना की जांच व इलाज के लिए ओपीडी व आईपीडी बना ली गई। लेकिन शुरुआत से ही जांच को लेकर मरीजों के साथ खिलवाड़ किया जाता रहा। यहां पहुंचने वाले मरीजों से बस उनकी यात्रा की जानकारी और उन्हें कोई परेशानी तो नहीं इतना पूछकर घर रवाना कर दिया जाता है। जांच न के बराबर हो रही है। ओपीडी की प्रभारी डा. आरती पांडेय कहती हैं कि जांच उन्हीं मरीजों की कर रहे हैं जिनमें कोई लक्षण नजर आता है।
मृतक मरीज की रिपोर्ट निगेटिव निकली
मस्तूरी के क्वॉरेंटाइन सेंटर से 20 मई को हालत बिगड़ने पर सिम्स में भर्ती हुए मरीज की मौत की रिपोर्ट निगेटिव निकली है भर्ती के समय मरीज में कोरोना के सभी लक्षण मौजूद थे मरीज की मौत शुक्रवार की सुबह हो गई थी 20 मई को ट्रेन से पुणे से आए 45 वर्ष मोहनलाल बंजारे को 14 दिन के लिए मस्तूरी में क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया था उसी दिन बंजारे लाल की हालत बिगड़ी तो सिम्स के लिए रेफर कर दिया गया। बंजारे लाल को सर्दी खांसी बुखार के साथ गले में इन्फेक्शन भी था इसलिए इसे सिम्स में बनाई गई आईपीडी में भर्ती किया गया था यहां पर भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे पहले भी दो संदिग्ध मरीज जो सिम्स में भर्ती थे उनकी मौत के बाद रिपोर्ट भी नेगेटिव निकली थी इसमें एक  कोरबा जिले की महिला जिसे कुछ दिन पहले ही सिम्स में भर्ती कराया था। तथा इससे पहले झारखंड के एक व्यक्ति की मौत सिम्स  में हो चुकी है यह दोनों ही मरीज कोरोना संदिग्ध के तौर पर सिम्स की कोरोना आईपीडी में भर्ती कराए गए थे।
क्वारेंटाइन महिला की तबीयत बिगड़ी
छठघाट के सामुदायिक भवन में क्वारेंटाइन एक महिला की तबीयत शनिवार को अचानक बिगड़ गई। महिला की हालत बिगड़ते देख क्वारेंटाइन सेंटर में रुके अन्य मजदूरों में हलचल मच गई। उसे तत्काल एंबुलेंस से सिम्स भेजा गया। उसके साथ में रुके परिवार के पांच सदस्यों को भी सिम्स ले गए। जहां महिला का सैंपल लिया गया। अन्य लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। महिला के साथ उसका पति, दो बच्चे और देवर 22 मई को जम्मू-काश्मीर से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आए हैं। 

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