चोर ले गए लोहा, इसलिए गिरा 90 फीट ऊंचा टावर:24 घंटे बाद आई 70 गांवों में बिजली; भिलाई से मंगवाने पड़े 16 एंगल

बिलासपुर7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
टावर को खड़ा करने भिलाई से मंगाया गया एंगल। - Dainik Bhaskar
टावर को खड़ा करने भिलाई से मंगाया गया एंगल।

बिलासपुर में शुक्रवार देर शाम आंधी-तूफान से 90 फीट ऊंचा अति उच्चदाब (EHT) टावर गिरने से 70 गांव में बिजली आपूर्ति ठप रही। शनिवार सुबह से लेकर रात तक भीषण गर्मी में कोटा, बेलगहना, केंदा, टेंगनमाड़ा सब स्टेशन में आने वाले ग्रामीण बिजली बंद होने के कारण पीने के पानी के लिए तरसते रहे। किसी ने हैंडपंप तो किसी ने कुंआ से पानी निकालकर काम चलाया। वहीं, चिलचिलाती धूप में ग्रामीणों को नहाने के लिए नदी, तालाब की ओर रुख करना पड़ा। हालांकि, पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अफसर 24 घंटे के भीतर नया टावर खड़ा करने का दावा करते रहे।

क्रेन लगाकर दिन भर काम करते रहे कर्मचारी
क्रेन लगाकर दिन भर काम करते रहे कर्मचारी

अंधड़ के बाद शहर और आसपास बैनर-पोस्टर और होर्डिंग गिर गए। वहीं, कानन पेंडारी स्थित बिजली का EHT टावर गिर गया। टावर गिरने के बाद बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इसके चलते ग्रामीणों ने इस भीषण गर्मी में पूरी रात अंधेरे में बिताया। बिजली कंपनी ने इस घटना की जानकारी मिलते ही रात से टावर सुधार का दावा किया, लेकिन, सुधार कार्य शनिवार सुबह शुरू हो सका।

कानन-पेंडारी के पास सुधार कार्य के लिए अमला पहुंच गया और टावर को खड़ा करने के लिए मशक्कत करते रहे। लेकिन, एंगल बैंड होकर टूट गए थे। इसके चलते दोपहर एक बजे भिलाई से चार टन वजनी एंगल वगैरह लेकर गाड़ी रवाना किया गया। तब जाकर नया टावर खड़ा करने का काम शुरू हो सका। इस दौरान कर्मचारियों ने 120 बड़े एंगल और नट बोल्ट वगैरह को फिट कर देर शाम तक टावर खड़ा किया। इसके बाद कंडक्टर लगाया गया।

दो से तीन दिन में खड़ा होता है नया टावर
विद्युत वितरण कंपनी के अफसरों ने बताया कि टॉवर गिरने के बाद तेजी से सुधार कार्य करते हुए 24 घंटे के भीतर ही 90 फीट ऊंचे टावर को खड़ा कर लिया गया। सामान्य तौर पर इसे खड़ा करने में दो से तीन दिन का समय लगता है। लेकिन, पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के बेहतर प्रबंधन से काम किया गया और 70 गांव में बिजली आपूर्ति बहाल कर लिया गया।

बस में सवार होकर सुधार कार्य करने पहुंचे थे विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारी
बस में सवार होकर सुधार कार्य करने पहुंचे थे विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारी

नहीं की गई वैकल्पिक व्यवस्था
टावर गिरने से कोटा, बेलगहना, टेंगनमाडा, केंदा सब स्टेशन पूरी तरह बंद हो गए। इसके चलते रतनपुर के आसपास भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रहा। ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी। वहीं, शनिवार की सुबह से लेकर दोपहर में भी बिजली नहीं आई। इसके चलते ग्रामीणों के घर में पानी नहीं आया और लोग पीने के पानी का इंतजाम करने के लिए मशक्कत करते रहे।

भीषण गर्मी में बिजली बंद होने से परेशान हुए 70 गांव के लोग
भीषण गर्मी में बिजली बंद होने से परेशान हुए 70 गांव के लोग

एंगल चोरी होने के बाद कमजोर पड़ गया था टावर
EHT टावर से एंगल चोरी होने की लगातार शिकायत मिल रही है। कानन-पेंडारी में टावर गिरने की एक वजह एंगल चोरी होना भी है। विभाग के अफसर व टीम जब टावर को देखने पहुंचे, तब पता चला कि 16 से अधिक लोहे के एंगल गायब मिले। माना जा रहा है कि इसके चलते टावर कमजोर हो गया था। आंधी-तूफान आने पर टावर का कमजोर हिस्सा मुड़कर जमीन में गिर गया। कंपनी ने इस मामले की शिकायत सकरी थाने में दर्ज कराई है।

खबरें और भी हैं...